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अम्बिकापुर@साढ़े 7 लाख के नशीले इंजेक्शन के साथ झारखंड के तीन सप्लायर गिरफ्तार

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-संवाददाता-
अम्बिकापुर,01 फरवरी 2026 (घटती-घटना)। संभागीय आबकारी उडऩदस्ता टीम को एक और बड़ी सफलता मिली है। टीम ने नशीले इंजेक्शन के अंतर्राज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में नशीले इंजेक्शन का मुख्य सप्लायर रंजीत विश्वकर्मा भी शामिल है। तीनों आरोपियों को 1500 नग नशीले इंजेक्शन के साथ रामानुजगंज से पकड़ा गया है। जब्त इंजेक्शन की कीमत करीब साढ़े 7 लाख रुपए आंकी गई है। सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि संभागीय उडऩदस्ता टीम ने 30 जनवरी को गोदरमाना (झारखंड) निवासी अनूप गुप्ता और बतौली (सरगुजा) निवासी विनय गुप्ता को 1200 नग नशीले इंजेक्शन के साथ बतौली थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। पूछताछ में अनूप गुप्ता ने बताया कि वह ये नशीले इंजेक्शन झारखंड के गढ़वा जिले के रंजीत विश्वकर्मा से खरीदता था। उसने यह भी बताया कि रंजीत विश्वकर्मा के साथ मंजूर अंसारी और प्रमोद भी इस अवैध कारोबार में शामिल हैं। तीनों मिलकर नशीले इंजेक्शन की सप्लाई करते थे। मुख्य तस्करों की गिरफ्तारी के लिए सहायक जिला आबकारी अधिकारी ने डीआईजी सरगुजा राजेश अग्रवाल से साइबर सेल की मदद मांगी। साइबर सेल की तकनीकी सहायता से आरोपियों के मोबाइल लोकेशन ट्रेस किए गए। इसके बाद 31 जनवरी की शाम आबकारी उडऩदस्ता टीम ने पलटन घाट, रामानुजगंज से रंजीत विश्वकर्मा, मंजूर अंसारी और प्रमोद को गिरफ्तार किया। टीम ने बताया कि तीनों आरोपी बाइक से नशीले इंजेक्शन की सप्लाई करने आए थे। उनके कब्जे से 1500 नग नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए। सभी आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।
साइबर सेल की भूमिका रही अहम
सहायक जिला आबकारी अधिकारी ने कहा कि साइबर सेल की मदद के बिना यह कार्रवाई संभव नहीं थी। डीआईजी राजेश अग्रवाल के सहयोग से साइबर सेल की टीम को जोड़ा गया,जिससे अंतर्राज्यीय मुख्य तस्करों तक पहुंच बनाई जा सकी। इस कार्रवाई में साइबर सेल के अजीत मिश्रा, भोजराज पासवान,जितेश साहू,विकास सिन्हा,लीना तिर्की तथा आबकारी उडऩदस्ता टीम के अशोक सोनी,गणेश पांडेय,रणविजय सिंह,ओमप्रकाश गुप्ता,चंद्रावती और नीरज चौहान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
50 प्रतिशत अवैध
कारोबार पर लग सकती है रोक
सहायक जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि रंजीत विश्वकर्मा और उसके दोनों साथियों की गिरफ्तारी से सरगुजा संभाग में नशीले इंजेक्शन के अवैध कारोबार पर करीब 50 प्रतिशत तक रोक लगने की संभावना है। रंजीत विश्वकर्मा बड़ा सप्लायर था,जबकि मंजूर अंसारी और प्रमोद इंजेक्शन की डिलीवरी का काम करते थे।


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