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अम्बिकापुर@युवा उड़ान कार्यक्रम में युवाओं को मिला प्रेरणा और मार्गदर्शन

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पद्मश्री आनंद कुमार और लेखक नीलोत्पल मृणाल ने साझा किए सफलता के मंत्र

-संवाददाता-
अम्बिकापुर,22 जनवरी 2026 (घटती-घटना)। जिले में कला केंद्र मैदान अम्बिकापुर में आयोजित युवा उड़ान कार्यक्रम युवाओं के लिए प्रेरणा,मार्गदर्शन और आत्मविश्वास का सशक्त मंच साबित हुआ। कार्यक्रम में देश के सुप्रसिद्ध गणितज्ञ एवं सुपर 30 के संस्थापक पद्मश्री श्री आनंद कुमार तथा विश्वविख्यात लेखक श्री नीलोत्पल मृणाल ने युवाओं को सफलता, संघर्ष और जीवन के मूल्यों पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि सरगुजा के युवाओं के लिए यह सौभाग्य का विषय है कि उन्हें आनंद कुमार और नीलोत्पल मृणाल जैसे प्रेरणादायी व्यक्तित्वों को सुनने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि उड़ान पंखों से नहीं, बल्कि मेहनत से मिलती है। हमारी चाह और संकल्प ही हमें लक्ष्य तक पहुंचाते हैं। युवाओं को लक्ष्य निर्धारित कर ऊंची उड़ान का हौसला रखना चाहिए। कार्यक्रम में लुण्ड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज ने कहा कि यह आयोजन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। वहीं राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्वविजय सिंह तोमर ने युवाओं से मंच से प्राप्त विचारों को ध्यानपूर्वक सुनकर उन्हें अपने जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया। कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने कहा कि जिले के युवाओं को आज महान व्यक्तित्वों के अनुभवों और दृष्टिकोण को जानने का अवसर मिला है। उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन की चुनौतियों को साझा करते हुए युवाओं को कठिन परिस्थितियों का सामना कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
परीक्षाओं की तैयारी
और सफलता का दिए मंत्र

कार्यक्रम में सुपर 30 के संस्थापक श्री आनंद कुमार ने युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के महत्वपूर्ण टिप्स और सफलता के मंत्र बताए। उन्होंने कहा कि यहां बैठा हर बच्चा नायाब है और सभी में अद्भुत हुनर है। आवश्यकता है उस ताकत को पहचानने की और दुनिया में बेहतर कार्य कर मिसाल कायम करने की। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए जरूरी है कि जिस विषय में सफल होना है, उसी विषय को लेकर पूरी निष्ठा के साथ जीवन जिया जाए और किसी भी अन्य चीज को बीच में आने न दिया जाए। विषय समझने में कठिनाई आने पर हार मानने के बजाय निरंतर प्रयास करना चाहिए,क्योंकि लगातार मेहनत से सफलता अवश्य मिलती है। श्री आनंद कुमार ने कहा कि पढ़ाई को बोझ नहीं, बल्कि रोमांचक बनाना चाहिए। आज इंटरनेट जैसे आधुनिक संसाधनों में हर समस्या का समाधान उपलब्ध है, आवश्यकता केवल सही दिशा में प्रयास करने की है। उन्होंने अपने करियर के संघर्षों और जीवन की चुनौतियों को साझा करते हुए कहा कि असुविधाएं मिलने पर पीछे नहीं हटना चाहिए, बल्कि धारा के विपरीत चलकर भी पत्थरों को तोड़ते हुए आगे बढ़ा जा सकता है।
उन्होंने युवाओं को सफलता के चार मंत्र भी बताए। उन्होंने कहा कि पहला मंत्र प्रबल प्रयास – जब तक सफलता न मिले, प्रयास करते रहना चाहिए। दूसरा मंत्र सकारात्मक सोच-जो निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। तीसरा मंत्र अथक परिश्रम – बिना रुके और बिना थके मेहनत करना ही सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है। चौथा मंत्र असीम धैर्य -यदि प्रयास तुरंत सफल न हों तो निराश नहीं होना चाहिए। धैर्य रखते हुए परिश्रम निरंतर करते रहने से सफलता अवश्य मिलती है। पढ़ाई को लेकर बच्चों में बढ़ते डिप्रेशन पर उन्होंने कहा कि इसमें माता-पिता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और बच्चों पर अनावश्यक दबाव डालने के बजाय उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए।
डर से डरने के बजाए संघर्ष की आग में तपना ज़रुरी
कार्यक्रम में शामिल विश्वविख्यात लेखक श्री नीलोत्पल मृणाल ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज का युवा ही छत्तीसगढ़ की तकदीर है और एक परीक्षा किसी की तकदीर का फैसला नहीं करती। उन्होंने कहा कि डर से डरने के बजाय संघर्ष की आग में तपना होगा, तभी वास्तविक सफलता प्राप्त होगी। उन्होंने युवाओं को चेताया कि डिप्रेशन को पैशन न बनाएं, क्योंकि डिप्रेशन और पैशन एक साथ नहीं चल सकते। यदि भीतर आगे बढ़ने का पैशन है,तो सफलता निश्चित है। श्री मृणाल ने कहा कि संघर्ष हर व्यक्ति के आसपास मौजूद है और इसमें किसी भी प्रकार का बहाना नहीं होना चाहिए। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि दूसरों की आकांक्षाओं को अपना बोझ बनाकर न ढोएं, बल्कि स्वयं यह निर्णय लें कि उन्हें किस क्षेत्र में जाना है और उसी लक्ष्य पर अडिग रहें। चाहे कोई भी विपरीत परिस्थितियां क्यों न आएं, अपने निर्णय से विचलित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मंच युवाओं में चेतना जगाने के उद्देश्य से है। यदि युवा दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ें,तो आने वाला कल उन्हीं का होगा और वही भविष्य में इतिहास रचेंगे।


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