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रायपुर@शीतकालीन सत्र…नेशनल हेराल्ड मामले में विपक्ष का हंगामा

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भूपेश बोले-केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग हो रहा…चंद्राकर ने कहा-दावे निराधार


रायपुर,17 दिसम्बर 2025। शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन की कार्यवाही की शुरुआत नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर हंगामेदार रही। सदन शुरू होते ही कांग्रेस विधायकों ने सत्यमेव जयते लिखी तख्तियां लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। स्पीकर ने तख्तियों के साथ सदन में बैठने की अनुमति नहीं दी, जिसके बाद विपक्ष लगातार नारेबाजी करता रहा। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही दो बार 10-10 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। नेता प्रतिपक्ष भूपेश बघेल ने जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए सरकार को घेरा। वहीं मंत्री अजय चंद्राकर ने इन आरोपों पर कड़ी आपत्ति जताई और विपक्ष के दावों को निराधार बताया। विपक्ष की ओर से जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग को लेकर स्थगन प्रस्ताव लाया गया, लेकिन आसंदी ने इसे अस्वीकार कर दिया। सदन में हालात उस वक्त और गरमा गए जब सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। विपक्ष की ओर से सत्यमेव जयते के नारे लगाए गए,जबकि सत्ता पक्ष ने वंदे मातरम के नारे लगाकर जवाब दिया।

शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सदन में 35,000 करोड़ का सप्लीमेंट्री बजट पेश किया। वित्तीय वर्ष खत्म होने से ठीक तीन महीने पहले पेश किए गए इस बड़े सप्लीमेंट्री बजट पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। इस दौरान वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि इससे प्रदेश के विकास को गति मिलेगी। विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ के इतिहास का सबसे बड़ा अनुपूरक बजट है। राजस्व व्यय को बढ़ाने की शुरुआत पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार ने की थी। कांग्रेस सरकार ने धान खरीदी को राजनीतिक विषय बना दिया। वहीं कांग्रेस विधायक राघवेंद्र सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ लगातार कर्ज में डूबता जा रहा है। ऐसे में वित्तीय वर्ष के आखिरी तीन महीनों में 35 हजार करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट क्यों लाया गया, यह समझ से परे है। इस बजट में कोई ठोस विजन नजर नहीं आता। राघवेंद्र सिंह ने कहा कि महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत एक हजार रुपए दिए जा रहे हैं, लेकिन बिजली बिल के नाम पर उससे ज्यादा राशि वसूली जा रही है। सरकार का फोकस काम से ज्यादा इवेंट मैनेजमेंट पर है। राघवेंद्र सिंह ने कहा कि नए पदों पर भर्ती, नियमितीकरण और किसानों को समय पर भुगतान जैसे वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं। सड़कों, धान, आदिवासी, किसान, युवा और महिलाओं के विकास के लिए स्पष्ट लक्ष्य तय कर काम करने की जरूरत बताई।
विधानसभा में नेशनल हेराल्ड मुद्दे पर कांग्रेस का प्रदर्शन
छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र का चौथे दिन की सदन की कार्यवाही शुरू हो चुकी है। सत्र शुरु होने से पहले कांग्रेस नेताओं ने नेशनल हेराल्ड मामले में विरोध जताया। कांग्रेसियों ने हाथों में सत्यमेव जयते की तख्ती लेकर सदन में प्रवेश किया। इनमें पूर्व सीएम भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत सहित सभी विपक्षी विधायक तख्ती लेकर पहुंचे थे। कांग्रेस विधायकों के पोस्टर प्रदर्शन को लेकर शीतकालीन सत्र के चौथे सदन की शुरुआत में ही जमकर हंगामा हुआ। इस वजह से सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। सदन में दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ गांधी परिवार और अडाणी के दलालों चाटूकारों हाय हाय के नारे लगाए। अध्यक्ष रमन सिंह ने सदन में बैनर पोस्टर प्रदर्शन न करने की व्यवस्था दी। कांग्रेस के विधायकों को बाहर उतार कर आने कहा लेकिन विपक्षी विधायकों ने ऐसा नहीं किया। सत्र में राज्य के प्रतिभावान राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खिलाडि़यों को प्रोत्साहन राशि नहीं दिए जाने का मुद्दा गूंजेगा। वहीं सदन में वंदेमातरम् को लेकर भी चर्चा के साथ ही याचिकाओं की प्रस्तुति,शासकीय विधि विधेयक कार्य पर मंथन किया जायेगा।
स्पीकर ने विपक्ष के अमर्यादित व्यवहार पर जताई नाराजगी
प्रश्नकाल की कार्यवाही बाधित होने पर स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने विपक्षी सदस्यों के अनुचित व्यवहार की निंदा करते हुए कहा कि लोकहित से जुड़े विषयों पर सदन की कार्यवाही को बाधित करना निंदनीय है। स्पीकर ने कहा कि विपक्षी सदस्य सदन की कार्यवाही और संसदीय परंपराओं के जानकार हैं, इसके बावजूद उनका यह आचरण अमर्यादित है। उन्होंने कहा कि आगे ऐसा व्यवहार न दोहराया जाए, यह अब विपक्षी सदस्यों के विवेक पर छोड़ते हैं।


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