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एमसीबी@डबल कार्रवाई से हड़कंप,मनेंद्रगढ़ और चांपा में अफसर रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

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  • लोक निर्माण विभाग मनेंद्रगढ़ और एसडीएम कार्यालय चांपा में एसीबी का शिकंजा
  • 21 हजार से लेकर 1.80 लाख तक की घूस लेते पकड़े गए अधिकारी-कर्मचारी
  • मनेंद्रगढ़ में एसीबी की बड़ी कार्रवाई,21 हजार की रिश्वत लेते सब इंजीनियर रंगे हाथ गिरफ्तार
  • लोक निर्माण विभाग में मची अफरा-तफरी,एसीबी टीम ने रकम जब्त कर की पूछताछ,देर रात तक जारी रही तलाशी,जांच के बाद और भी खुलासे की उम्मीद


-संवाददाता-
अंबिकापुर/जांजगीर-चांपा/एमसीबी 30 अक्टूबर 2025 (घटती-घटना)।
छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की दो बड़ी एक साथ हुई कार्रवाइयों ने सरकारी तंत्र में हड़कंप मचा दिया है, एक ओर मनेंद्रगढ़ के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में एसडीओ को 21 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया, वहीं दूसरी ओर जांजगीर-चांपा जिले के एसडीएम कार्यालय में अमीन, पटवारी और ऑपरेटर को किसान से 1.80 लाख की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया,दोनों कार्रवाईयों के बाद विभागीय दफ्तरों में अफरा-तफरी और खौफ का माहौल बना हुआ है।
पहली कार्रवाई : मनेंद्रगढ़ में 21 हजार की रिश्वत लेते एसडीओ गिरफ्तार
एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने आज लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मनेंद्रगढ़ में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। एंटी करप्शन ब्यूरो के डीएसपी प्रमोद खेस के मार्गदर्शन में व निरीक्षक शरद सिंह के नेतृत्व अंबिकापुर से आई 7 लोगों की विशेष टीम ने एसडीओ (सब इंजीनियर) सी.पी. बंजारे को 21,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया, यह रिश्वत स्थानीय ठेकेदार अंकित मिश्रा से मांगी गई थी,जिसने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी। सत्यापन के बाद एसीबी ने जाल बिछाया और तय समय पर आरोपी को पकड़ लिया।
दूसरी कार्रवाईः चांपा एसडीएम कार्यालय के अमीन-ऑपरेटर गिरफ्तार
एसीबी की बिलासपुर इकाई ने आज एसडीएम कार्यालय चांपा के भू-अर्जन शाखा में बड़ी कार्रवाई करते हुए, अमीन पटवारी बिहारी सिंह और ऑपरेटर राजकुमार देवांगन को 1,80,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया,शिकायतकर्ता किसान बुधराम धीवर ने एसीबी में बताया था कि उसकी जमीन नेशनल हाइवे निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई थी, मुआवजा राशि 35.64 लाख मिलने के बाद दोनों अधिकारी उससे मदद के नाम पर रिश्वत की मांग कर रहे थे, किसान ने एसीबी से संपर्क किया और 30 अक्टूबर को जाल बिछाया गया, जैसे ही आरोपी ने राशि हाथ में ली, टीम ने डीएसपी के नेतृत्व में छापा मारकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया, यह एसीबी बिलासपुर इकाई की पिछले डेढ़ वर्ष में 36वीं सफल ट्रैप कार्रवाई है, दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और 12 के तहत मामला दर्ज कर आगे की पूछताछ जारी है।
भ्रष्टाचार पर एसीबी का बढ़ता शिकंजा
प्रदेशभर में एसीबी की टीमें लगातार एक के बाद एक कार्रवाई कर रही हैं, हाल के महीनों में लोक निर्माण विभाग, राजस्व विभाग, शिक्षा और पुलिस विभाग में कई अफसर-कर्मचारी रिश्वत लेते हुए पकड़े गए हैं, एसीबी सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में राज्य के कई अन्य जिलों में भी छापेमारी की संभावना है। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से प्रदेश के सरकारी विभागों में हड़कंप है। एसीबी की सक्रियता से अब भ्रष्ट अफसरों में डर और आम जनता में भरोसा दोनों बढ़ा है।
कार्यालय में अफरा-तफरी,रकम जब्त
कार्रवाई के दौरान लोक निर्माण विभाग कार्यालय में हड़कंप मच गया, एसीबी की टीम ने मौके से नकद रकम जब्त की और आरोपी बंजारे को पूछताछ के लिए गेस्ट हाउस लेकर गई, जानकारी के अनुसार, प्रदेशभर में एसीबी की एक साथ कई कार्रवाईयां चल रही हैं बिलासपुर और रायपुर में भी जांच जारी है।
रिश्वत की कहानी, बिल पास करने के लिए मांगी रकम
ठेकेदार अंकित मिश्रा ने विभाग का कार्य पूरा करने के बाद भुगतान के लिए आवेदन किया था, आरोप है कि सब इंजीनियर सी.पी. बंजारे ने बिल पास करने के एवज में ₹21,000 की रिश्वत मांगी, शिकायत मिलने पर एसीबी ने केमिकल लगे नोटों के साथ योजना बनाई और आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा।
घर पर छापा, बेनामी संपत्ति की जांच
गिरफ्तारी के बाद टीम ने आरोपी बंजारे के आवास पर भी रेड की, सूत्रों के अनुसार, टीम को अहम दस्तावेज, बैंक विवरण और संपत्ति के कागजात मिलने की उम्मीद है, रात तक जांच जारी रही और यह संभावना जताई जा रही है कि अवैध संपत्ति का बड़ा खुलासा हो सकता है।
कानूनी कार्रवाई जारी
एसीबी अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, उन्हें आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद न्यायालय में पेश किया जाएगा, इस कार्रवाई के बाद विभागीय कर्मचारियों में भय और सतर्कता का माहौल है। सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में एसीबी की और भी कार्रवाई संभव है। विभाग के कई अधिकारियों के खिलाफ शिकायतें जांच के दायरे में हैं।


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