5 साल की मासूम समेत तीन ग्रामीणों को मार डाला…
इलाके में दहशत का माहौल
रायगढ़,23 जुलाई 2025 (ए)। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। धरमजयगढ़ वनमंडल अंतर्गत लैलूंगा वन परिक्षेत्र में हाथियों ने जमकर तांडव मचा दिया। इंसानों और जानवरों के इस संघर्ष में तीन ग्रामीणों की दर्दनाक मौत हो गई, जिनमें एक 5 वर्षीय मासूम बच्ची भी शामिल है। इस भीषण घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया है।
जानकारी के अनुसार यह मामला लैलूंगा के मोहनपुर गांव का है। जहां हाथियों के दल एक एक कर तीन लोगों की जान ले ली। बताया गया कि हाथी के दल ने पांच साल के बच्ची को पटक कर मार डाला। वह घर में सोई थी, तभी हाथी आ धमका। मकान को तोड़ दिया और बच्ची को सूंड से उठाकर पटक दिया। इधर अंगेकेला गांव में भी एक महिला को हाथी ने खेत में कुचल कर मार डाला।
मलबे में दबने से युवक की मौत
एक और घटना लैलूंगा रेंज के मोहनपुर गांव में घटी है। हाथी के दल ने घर के दीवार को धक्का देकर गिरा दिया। इस दौरान मलबे की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई।
3 लोगों की मौत से ग्रामीणों में दहशत
ग्रामीणों ने बताया कि गांव के करीब एक हाथी अपने शावक के साथ विचरण कर रहा था और रात होते ही उसी हाथी ने जमकर उत्पात मचाया है। आज सुबह हाथी के हमले से तीन लोगों की मौत की खबर के गांव के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वहीं वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी गांव पहुंचे हैं। पुलिस की भी सूचना दी गई है। मर्ग कायम कर मामले को विवेचना में लिया गया है।
पहले तोड़े घर,फिर लोगों को बनाया निशाना
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों का यह जोड़ा पहले गांव में घुसा और कई कच्चे-पक्के मकानों को तोड़ डाला। जान बचाने के लिए लोग घरों से भागने लगे, लेकिन हाथियों का हमला यहीं नहीं थमा। धरमजयगढ़ के डीएफओ जितेंद्र उपाध्याय ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि यही मादा हाथी और उसका शावक कुछ दिन पूर्व बाकारुमा गांव में भी एक ग्रामीण की जान ले चुके हैं। यह जोड़ी लगातार विभिन्न गांवों में घूमते हुए जान-माल का नुकसान पहुंचा रही है। बता दें कि कई लोग गांव छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।
ग्रामीणों में रोष,सुरक्षा की मांग
लगातार हो रहे हाथी हमलों से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि वन विभाग द्वारा उचित चेतावनी या सुरक्षा व्यवस्था नहीं की जा रही है। लोग रात्रि गश्त, वन सुरक्षा दल और त्वरित अलर्ट सिस्टम की मांग कर रहे हैं ताकि आगे किसी और की जान न जाए। फिलहाल लैलूंगा क्षेत्र में स्थिति बेहद तनावपूर्ण है। वन विभाग के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह इंसानों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए हाथियों को भी सुरक्षित वन क्षेत्र की ओर वापस ले जाए।
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