नई दिल्ली,07 दिसंबर 2022 (ए)। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने इस साल लगातार पांचवीं बार रेपो रेट को 0.35 फीसदी बढ़ाने का ऐलान किया है। आरबीआई के मुताबिक, अब रेपो रेट 5.90 प्रतिशत से बढ़कर 6.25 प्रतिशत हो जाएगा।
एमपीसी बैठक के बाद आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने बुधवार को नीतिगत दरें बढ़ाए जाने का ऐलान किया। इस फैसले के साथ ही अब होम लोन समेत सभी तरह के लोन महंगे हो जाएंगे।
साल के आखिरी महीने में रेपो रेट में ताजा बढ़ोतरी के बाद दर 6.25 फीसदी पर पहुंच गई हैं। इस साल केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों में कुल 2.25 फीसदी का इजाफा किया है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि हमारा लक्ष्य देश में महंगाई दर को 6 फीसदी के तय टारगेट के नीचे लाना है।
अब तक रेपो रेट में इतनी वृद्धि
रिजर्व बैंक की ओर से रेपो रेट में बढ़ोतरी का सिलसिला मई 2022 महीने से शुरू किया गया था. तब रेपो रेट में 0.40 फीसदी की बढ़ोतरी की गई थी। इसके अगले महीने जून में फिर आरबीआई ने ब्याज दरों में 0.50 फीसदी का इजाफा किया।
ये सिलसिला जारी रहा और अगस्त महीने में 0.50 फीसदी की वृद्धि देखने को मिली, जबकि सितंबर में भी केंद्रीय बैंक ने नीतिगत दरों को 0.50 फीसदी बढ़ाया था। अब ये पांचवीं बार है, जब केंद्रीय बैंक ने लोगों की जेब का खर्च बढ़ाया है।
रेपो रेट का ईएमआई पर असर
रेपो दर रेपो रेट वह दर होती है जिस पर आरबीआई बैंकों को कर्ज देता है, जबकि रिवर्स रेपो रेट उस दर को कहते हैं जिस दर पर बैंकों को आरबीआई पैसा रखने पर ब्याज देती है।
रेपो रेट के कम होने से लोन की ईएमआई घट जाती है, जबकि रेपो रेट में बढ़ोतरी से सभी तरह का लोन महंगा हो जाता है और इसी क्रम में ईएमआई में भी इजाफा देखने को मिलता है।
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