नई दिल्ली, 29 अक्टूबर 2022। सुप्रीम कोर्ट मे सोमवार को इलेक्ट्रानिक वोटिग मशीन मे पार्टी के चुनाव चिन्ह को हटाने वाली याचिका पर सुनवाई होगी। मुख्य न्यायाधीश यूयू ललित की अध्यक्षता वाली पीठ सोमवार को मामले की सुनवाई करेगी। इस याचिका मे चुनाव आयोग को मतपत्र और इवीएम से चुनाव चिन्ह हटाने और इसे उम्मीदवारो के ‘नाम, उम्र, शैक्षणिक योग्यता और फोटो से बदलने का निर्देश देने की माग की गई है। भारत के
अश्विनी उपाध्याय ने दायर की याचिका
अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय द्वारा दायर की गई इस याचिका मे इवीएम पर पार्टी के चिन्ह के इस्तेमाल को अवैध-असवैधानिक और भारत के सविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 का उल्लघन घोषित करने का निर्देश देने की माग की गई है। याचिका मे कहा गया है कि राजनीति मे भ्रष्टाचार और अपराधीकरण को खत्म करने का सबसे अच्छा उपाय है कि मतपत्र और इवीएम पर राजनीतिक दल के चुनाव चिन्हो को उम्मीदवारो के नाम, आयु, शैक्षिक योग्यता और फोटो के साथ बदल दिया जाए।
भाई-भतीजावाद को खत्म करने मे मिलेगी मदद
याचिका मे कहा गया है कि भारत के चुनाव आयोग को इवीएम पर उम्मीदवारो के ‘नाम, आयु, शैक्षिक योग्यता और फोटो’ का उपयोग करने के निर्देश दिए जाए। इसके अलावा चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारो को समान अवसर प्रदान किया जाए। इससे भ्रष्टाचार, अपराधीकरण, जातिवाद, साप्रदायिकता क्षेत्रवाद, भाषावाद और भाई-भतीजावाद को खत्म करने मे मदद मिलेगी।
चुनाव मे EMV पर रोक की माग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने चुनावो मे इवीएम के इस्तेमाल पर रोक वाली याचिका को खारिज कर दिया था। याचिका मे इवीएम मशीनो पर रोक लगा मतपत्र के इस्तेमाल की माग की गई थी। जस्टिस डीवाई चद्रचूड़ और हिमा कोहली की बेच ने सीआर जया सुकिन द्वारा दायर इस याचिका को खारिज कर दिया गया।
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