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उत्तर प्रदेश@धर्मातरण मामले मे पहली बार सजा

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उत्तर प्रदेश , 18 सितम्बर 2022। उत्तर प्रदेश धर्मातरण निषेध अधिनियम, 2021 के तहत दोषी ठहराए जाने के पहले मामले मे अमरोहा की एक अदालत ने एक 26 साल के बढ़ई को पाच साल की जेल की सजा सुनाई है. अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, अभियोजन आशुतोष पाडेय ने पुष्टि की कि दिसबर 2021 मे नए कानून लागू किए जाने के बाद से अमरोहा अदालत ने नए कानून के तहत पहली बार सजा सुनाई गई है. अमरोहा की अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (पॉक्सो कोर्ट), कपिला राघव ने शनिवार को अफजल को पाच साल की जेल की सजा और 40,000 रुपये का जुर्माना लगाने की घोषणा की. हसनपुर पुलिस स्टेशन के जाच अधिकारी गजेद्र पाल सिह ने कहा कि 4 अप्रैल, 2021 को अमरोहा पुलिस ने अफजल को दिल्ली से गिरफ्तार किया था और उत्तर प्रदेश के धर्मातरण विरोधी कानून के तहत एक अन्य समुदाय की 16 वर्षीय लड़की के अपहरण के आरोप मे मामला दर्ज किया था।
26 साल के युवक के खिलाफ अदालत ने सुनाया फैसला, 16 वर्षीय लड़की के अपहरण और धर्मातरण का था आरोप
पिता ने की थी शिकायत
जाच अधिकारी ने कहा कि ‘लड़की के पिता, जो एक पौधे की नर्सरी चलाते थे, उन्होने दावा किया था कि उनकी बेटी काम के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नही आई. उन्होने पुलिस को यह भी बताया था कि दो स्थानीय लोगो ने उसे एक युवक के साथ देखा था’. लड़की के परिवार ने पुलिस को बताया था कि उन्हे पता था कि लड़की अफजल के नियमित सपर्क मे थी, जो पौधे खरीदने के लिए उसके पिता की नर्सरी मे जाता था. पुलिस ने तब अफजल के खिलाफ मामला दर्ज किया और उस पर अपहरण का आरोप लगाया साथ ही धर्मातरण विरोधी कानून लागू किया।


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