‘ट्विन टावर्स को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर रविवार को बलॉस्ट करके गिरा दिया गया
नोएडा, 28 अगस्त 2022। नोएडा स्थित सुपरटेक के ट्विन टावर को रविवार को गिरा दिया गया। विस्फोट के बाद चद सेकेड मे विशाल इमारत ताश के पत्तों की तरह भरभरा कर गिर गई। अवैध रूप से निर्मित इन ट्विन टावर को धराशायी करने के उच्चतम न्यायालय के आदेश के एक साल बाद यह कार्रवाई की गई है। लगभग 100 मीटर ऊचे टावर को चद सेकेड मे ध्वस्त कर दिया गया।
दिल्ली की प्रतिष्ठित कुतुब मीनार (73 मीटर) से ऊचे इन टावर को ‘वाटरफॉल इम्प्लोजन’ तकनीक की मदद से गिराया गया। ट्विन टावर भारत मे अब तक ध्वस्त की गई सबसे ऊची सरचनाए रही। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा के सेक्टर 93ए मे सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट हाउसिग सोसाइटी के भीतर 2009 से ‘एपेक्स’ (32 मजिल) और ‘सियान’ (29 मजिल) टावर निर्माणाधीन थे। इमारत गिराने के लिए 3,700 किलोग्राम से अधिक विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया।
9 सेकेड मे ध्वस्त हुई इमारत
गगनचुबी इमारतो को बनाने मे करीब आठ सौ करोड़ रुपए की लागत आई थी और अब इसको गिराने मे भी लगभग 17.55 करोड़ रुपए तक का खर्चा आया जिसका खर्चा सुरपटेक को ही उठाना पड़ेगा। सुपरटेक इमारत की ऊचाई ऐतिहासिक इमारत कुतुबमीनार से भी अधिक है। इसको बनाने मे कई साल लग गए और अब गिराने मे पल भर का ही वक्त लगा। अभियताओ की मदद कर रहे ब्रिटिश अभियताओ ने बताया है कि जब इमारत को गिराया जाएगा, तब उससे निकलने वाली धूल का गुबार करीब तीन सौ मीटर तक फैल जाएगा। इसी दौरान आसपास के इलाको मे इमारत के ध्वस्त होने से उत्पन्न कपन को महसूस किया जा सकेगा।
कुतुब मीनार से भी ऊचे दोनो टावर महज 9 से 12 सेकेड मे जमीदोज हो गए। इतनी बड़ी इमारत को गिराए जाने का यह पहला मामला है। इसे बारूद से गिराने के लिए दोनो टावर मे करीब 9640 छेद किए गए थे। इन सुराखो मे 3700 किग्रा विस्फोटक भरा गया है। इसमे ठीक ढाई बजे रिमोट के जरिये विस्फोट करके दोनो टावर को गिरा दिया गया। इसके लिए जेपी फ्लाईओवर पर ‘इसिडेट कमाड सेटर बनाया गया है।
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