गुरजि΄दर पाल सि΄ह को जमानत देने के हाईकोर्ट के आदेश को दी गई थी चुनौती
सबूतो΄ के साथ छेड़छाड़ का आरोप
राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने तर्क दिया कि सि΄ह ने सबूतो΄ के साथ छेड़छाड़ की है, जिसकी उच्च न्यायालय ने इसकी अनदेखी की है। उच्च न्यायालय ने 12 मई को भ्रष्टाचार के मामले मे΄ सि΄ह को जमानत दे दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने 4 मई को सि΄ह को अ΄तरिम जमानत देने से इनकार कर दिया था और उच्च न्यायालय से कहा था कि वह उनके जमानत मामले का निपटारा करे΄, जो उसके समक्ष ल΄बित है।
नई दिल्ली, 31 मई 2022। सुप्रीम कोर्ट ने म΄गलवार को आय से अधिक स΄पिा के आरोप मे΄ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत निल΄बित अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक गुरजि΄दर पाल सि΄ह को जमानत देने के उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली छाीसगढ़ सरकार की याचिका खारिज कर दी। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि राज्य की याचिका पूरी तरह से बेबुनियाद है.
कोर्ट ने कहा- अपील मे΄कोई दम नही΄
न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति हेमा कोहली की पीठ ने एक गुरजि΄दर पाल सि΄ह की जमानत रद्द करने की छाीसगढ़ सरकार की याचिका को खारिज कर दिया और कहा कि उसकी अपील मे΄ कोई दम नही΄ है। पीठ ने कहा, ‘यह वर्तमान आवेदन राज्य द्वारा पूरी तरह से अनुचित अभ्यास के अलावा और कुछ नही΄ है। जमानत पर विचार करते समय उच्च न्यायालय के पास आवेदक की स्थिति से निपटने के लिए कोई व्यवसाय नही΄ है और यह व्यक्तिगत अधिकार के बारे मे΄ है। आय से अधिक स΄पिा के मामलो΄ मे΄, अधिका΄श दस्तावेजी साक्ष्य होते है΄, जिनसे छेड़छाड़ की कोई स΄भावना नही΄ होती है। याचिका मे΄ कोई दम नही΄ है और इसे खारिज किया जाता है।
व्यय और आय के बीच असमानता
राज्य सरकार ने कहा था कि ईओडल्यू / एसीबी द्वारा प्राप्त जानकारी से गुरजि΄दर पाल सि΄ह की स΄पिा, व्यय और आय के बीच असमानता और विस΄गति है। जिसके परिणामस्वरूप 29 जुलाई, 2021 को एक प्राथमिकी दर्ज की गई।
बता दे΄, 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी गुरजि΄दर पाल सि΄ह ने जून 2021 मे΄ राज्य पुलिस अकादमी मे΄ स्थाना΄तरित होने से पहले एसीबी और ईओडल्यू के अतिरिक्त महानिदेशक के रूप मे΄ कार्य किया।
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