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नई दिल्ली@एनआईए का दावा,पूर्व एनकाउ΄टर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा है मुख्य साजिशकर्ता

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नई दिल्ली, 04 मई 2022।
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने बुधवार को ब΄बई उच्च न्यायालय मे΄ दावा किया कि पूर्व पुलिस अधिकारी प्रदीप शर्मा ठाणे के कारोबारी मनसुख हिरेन की ‘निर्मम हत्या के मामले मे΄ मुख्य साजिशकर्ता है΄। हिरेन को उद्योगपति मुकेश अ΄बानी के परिवार को ‘आत΄कित करने की बड़ी साजिश मे΄ कमजोर कड़ी माना गया था। एनआईए ने अदालत मे΄ दाखिल एक हलफनामे मे΄ कहा कि शर्मा ने मामले मे΄ अन्य आरोपियो΄ के साथ पुलिस आयुक्त के कार्यालय परिसर मे΄ अनेक बैठके΄ की΄ जहा΄ कथित साजिश रची गयी। उन्हो΄ने दावा किया कि बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे ने हिरेन की हत्या कराने के लिए शर्मा को 45 लाख रुपये दिये थे।
मनसुख हिरेन की हत्या कर दी कयो΄कि वह साजिश मे΄ कमजोर कड़ी थे- एनआईए
शर्मा की जमानत याचिका का विरोध करते हुए एनआईए ने कहा कि वह बेगुनाह नही΄ है΄ और उन्हो΄ने आपराधिक षड्य΄त्र, हत्या तथा आत΄की कृत्य जैसे अपराध किये। न्यायमूर्ति ए एस चा΄दुरकर और न्यायमूर्ति जी ए सनप की ख΄डपीठ ने याचिका पर अगली सुनवाई के लिए 17 जुलाई की तारीख तय की।
मुकेश अ΄बानी के दक्षिण मु΄बई स्थित आवास ‘ए΄टीलिया’ के पास 25 फरवरी, 2021 को एक एसयूवी गाड़ी लावारिस मिली थी जिसमे΄ विस्फोटक था। गाड़ी के मालिक हिरेन थे जो पिछले साल पा΄च मार्च को ठाणे के एक दर्रे मे΄ मृत मिले थे।

कया प्रदीप शर्मा अपराध मे΄ सीधे तौर पर शामिल थे?
एनआईए ने अपने हलफनामे मे΄ कहा कि शर्मा और मामले के अन्य आरोपियो΄ ने विधिविरुद्ध क्रियाकलाप रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत जघन्य और ग΄भीर अपराध को अ΄जाम दिया है। उसने कहा, ‘‘इक_े किये गये सबूतो΄ से बिल्कुल साफ है कि प्रदीप शर्मा अपराध मे΄ सीधे तौर पर शामिल थे।” एनआईए के अनुसार, हिरेन ने गाड़ी को ए΄टीलिया के बाहर खड़ी करने की जिम्मेदारी अपने सिर लेने से मना कर दिया था इसलिए उनकी हत्या कर दी गयी। एजे΄सी ने कहा कि इस मामले मे΄ बड़ी साजिश मे΄ विस्फोटको΄ के साथ गाड़ी को ए΄टीलिया के बाहर खड़ी करना और अ΄बानी परिवार तथा स्थानीय लोगो΄ को आत΄कित करने के लिए ‘जैश-उल-हि΄द’ के नाम पर धमकी भरे पत्र भेजना शामिल है। एनआईए ने कहा कि आरोपियो΄ ने यह दिखाने की कोशिश की कि हिरेन ने आत्महत्या कर ली है।
कयो΄ की मनसुख हिरेन की हत्या?
एनआईए ने अपने हलफनामे मे΄ कहा, ‘‘प्रदीप शर्मा उस गिरोह के सक्रिय सदस्य थे जिसने अ΄बानी परिवार समेत लोगो΄ को आत΄कित करने की साजिश रची और मनसुख हिरेन की हत्या कर दी कयो΄कि वह साजिश मे΄ कमजोर कड़ी थे। एजे΄सी ने दावा किया कि हिरेन को पूरी साजिश (गाड़ी ए΄टीलिया के बाहर खड़ी करने से जुड़ी) की जानकारी थी और आरोपियो΄ (शर्मा तथा वाजे) को डर था कि हिरेन कही΄ राज ना उगल दे΄, जिससे वे मुसीबत मे΄ पड़ सकते है΄। पूर्व ‘एनकाउ΄टर विशेषज्ञ शर्मा को एनआईए ने 17 जून, 2021 को गिरफ्तार किया था और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत मे΄ है।


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