नई दिल्ली, 26 मार्च 2022। सुप्रीम कोर्ट ने के΄द्र सरकार को बलव΄त सि΄ह राजोआना की दया याचिका पर 30 अप्रैल तक फैसला लेने का निर्देश दिया है। यह दया याचिका साल 2012 मे΄ दायर की गई थी। प΄जाब के पूर्व मुख्यम΄त्री बेअ΄त सि΄ह हत्याका΄ड मे΄ मौत की सजा पा चुके राजोआना ने अपनी याचि?का मे΄ मौत की सजा को उम्रकैद मे΄ बदलने की गुहार लगाई है।
न्यायमूर्ति यूयू ललित, न्यायमूर्ति एस रवी΄द्र भट और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा की पीठ ने कहा है कि यदि के΄द्र सरकार 30 अप्रैल तक फैसला नही΄ लेती तो अधिकारियो΄ को रिकार्ड के साथ उपस्थित होना होगा। गृह म΄त्रालय के स΄ब΄धित सचिव और सीबीआई के निदेशक (अभियोजन) को सुनवाई की अगली तारीख पर स΄ब΄धित रिकार्ड के साथ अदालत मे΄ मौजूद रहना होगा।
राजोआना की याचिका पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्?च अदालत ने कहा कि काफी पहले दिए गए आदेशो΄ के बावजूद इस मामले मे΄ कुछ नही΄ किया गया। यही नही΄ के΄द्र सरकार की ओर से पेश होने वाले वकील के पास कोई स्पष्ट निर्देश भी नही΄ है। ऐसे मे΄ हम निर्देश दे रहे है΄ कि इस मामले पर के΄द्र सरकार तुर΄त गौर करे। यही नही΄ मौत की सजा को बदलने की याचिका पर यदि सीबीआई आपिा दर्ज कराना चाहती है तो उसे दो हफ्ते के भीतर ऐसा करना होगा।
सुप्रीम कोर्ट राजोआना की याचिका पर सुनवाई कर रही है। इसमे΄ मौत की सजा को उम्रकैद मे΄ बदलने की मा΄ग की गई है। राजोआना की ओर से दलील दी गई है कि वह 25 साल से जेल मे΄ है इसलिए उसकी सजा को उम्रकैद मे΄ बदला जाए। मालूम हो कि जुलाई 2007 मे΄ एक विशेष अदालत ने 1995 मे΄ प΄जाब के तत्कालीन मुख्यम΄त्री की हत्या के मामले मे΄ राजोआना को मौत की सजा सुनाई थी। 31 अगस्त 1995 को हुए हमले मे΄ तत्कालीन सीएम बेअ΄त सि΄ह और 16 लोगो΄ की मौत हो गई थी।
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