नई दिल्ली@दारा सिंह चौहान के बीजेपी छोड़ने से 2022 के चुनाव में क्या पड़ेगा सियासी असर?

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पूर्वांचल में दबदबा रखने वाले दो बड़े नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी को अलविदा कह दिया है,वहीं आज दारा सिंह चौहान ने योगी कैबिनेट व बीजेपी से इस्तीफा दे दिया है.


नई दिल्ली ,12 जनवरी 2022( ए )। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार से स्वामी प्रसाद मौर्य के बाद दारा सिंह चौहान अलविदा कह दिया है और सपा की साइकिल पर सवारी कर सकते हैं. बीजेपी छोड़ने के बाद उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात की
दो दिनों में बीजेपी के दो ओबीसी नेताओं ने योगी सरकार पर दलित, पिछड़ों, वंचितों, किसानों के साथ भेदभाव के आरोप लगाते हुए अपने इस्तीफा दिए ऐसे में साफ सवाल खड़ा होता है कि कौन हैं दारा सिंह चौहान, जिनके बीजेपी छोड़ने से 2022 के चुनाव में क्या सियासी असर पड़ेगा?
पूर्वांचल के मऊ, गाजीपुर और आजमगढ़ के इलाके में रखते हैं दबदबा
दारा सिंह चौहान ओबीसी की अति पिछड़ी जाति मानी जाने वाली नोनिया (चौहान) समाज से आते हैं. पूर्वांचल में मऊ, गाजीपुर और आजमगढ़ के इलाके में नोनिया समाज का अच्छा खासा सियासी असर है. बिहार के राज्यपाल फागू चौहान के बाद दारा सिंह चौहान नोनिया समाज के बड़े नेताओं में गिने जाते हैं. दारा सिंह चौहान ने अपना सियासी सफर बसपा के साथ शुरू किया और सपा से होते हुए बीजेपी में गए और फिर से सपा के साइकिल पर सवार होने मन बनाया है.


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