अम्बिकापुर@इस वर्ष 8 फीट से अधिक नहीं होगी मूर्ति की उंचाई

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पीओपी से निर्मित मूर्ति की बिक्री पर प्रतिबंध,नवरात्र पर्व हेतु दिशा-निर्देश जारी

अम्बिकापुर 04 अक्टूबर 2021 (घटती-घटना)। नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण के नियंत्रण एवं रोकथाम को दृष्टिगत रखते हुए तथा आगामी माह में जिले में पॉजीटीव प्रकरणों की संख्या में वृद्धि की संभावना को देखते हुए कलेक्टर श्री संजीव कुमार झा के द्वारा नवरात्र पर्व के संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिया गया है।
मूर्ति की अधिकम उंचाई 8 फिट ही होगी और प्लास्टर ऑफ पेरिस से निर्मित मूर्ति की बिक्री एवं स्थापित किया जाना प्रतिबंधित रहेगा। मूर्ति स्थापना वाले पण्डाल का आकार 15ग15 फिट से अधिक न हो तथा पण्डाल के सामने कम से कम 500 वर्गफिट की खूली जगह हो, खुली जगह में कोई भी सड़क अथवा गली का हिस्सा प्रभावित नहीं होनी चाहिए। मंदिर प्रांगण के भीतर नियत स्थान पर सभी ज्योत का प्रज्ज्वलन किया जाएगा। नियत स्थान पर अग्निश्मन सुरक्षा के सभी उपाए करना होगा। ज्योत दर्शन हेतु दर्शनार्थियों व अन्य व्यक्तियों का प्रवेश पूर्णतः वर्जित रहेगा। ज्योत प्रज्जवलन की जिम्मेदारी केवल मंदिर प्रबंधन समिति की होगी। मण्डप या पंडाल के सामने दर्शकों के बैठने हेतु पृथक से पण्डाल न हो। दर्शकों एवं आयोजकों के बैठने हेतु कुर्सी नहीं लगाए जाएंगे। किसी भी एक समय में मण्डप एवं सामने मिलाकर 50 व्यक्ति से अधिक न हो। मूर्ति दर्शन अथवा पूजा में में शामिल होने वाला कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के नहीं जाएगा। ऐसा पाये जाने पर संबंधित समिति के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति एक रजिस्टर संधारित करेंगे जिसमें दर्शन हेतु आने वाले सभी व्यक्तियों का नाम, पता एवं मोबाईल नंबर दर्ज किया जायेगा ताकि उनमें से कोई भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित होने पर कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके। मूर्ति स्थापना करने वाले व्यक्ति अथवा समिति द्वारा सेनेटाईजर थर्मल स्क्रीनिंग, ऑक्सीमीटर, हैण्डवास एवं न्यू मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था की जायेगी। थर्मल स्क्रीनिंग में बुखार पाये जाने अथवा कोरोना से संबंधित कोई भी सामान्य या विशेष लक्षण पाए जाने पर पण्डाल में प्रवेश नही देने की जिम्मेदारी समिति की होगी। व्यक्ति अथवा समिति द्वारा फिजिकल डिस्टेसिंग का पालन कराते हुए आगमन एवं प्रस्थान की पृथक से व्यवस्था बांस-बल्ली से बेरिकेटिंग कराकर कराया जाएगा। कंटनमेंट जोन में मूर्ति स्थापना की अनुमति नहीं होगी। यदि पूजा की अवधि के दौरान भी उपरोक्त क्षेत्र कंटनमेण्ट जोन घोषित हो जाता है तो तत्काल पूजा समाप्त करनी होगी।


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