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संपादकीय

लेख@ऑपरेशन सिंदूर:भारत की ताकत और विपक्ष की राजनीति का नया द्वंद्व

ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं,बल्कि भारत की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का एक सशक्त प्रतीक बन चुका है । इस ऑपरेशन ने न केवल सीमाओं पर बैठे दुश्मनों को सीधा संदेश दिया है,बल्कि वैश्विक स्तर पर भी भारत की स्थिति को मजबूत किया है। देशभर में इस ऑपरेशन की सराहना हो रही है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा …

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कविता@श्मशान घाट में मंडराया खतरा..

माँ का निधन हुआ बेटों ने निकाली अंतिम यात्रा,लेके गए नजदीकी श्मशान घाट मंडराया खतरा।विवाद अस्सी वर्षीय महिला छीतर रेगर के गहने,उसने जीवंत रहते ही अंतिम समय तक थे पहने।मुख्य लोगों ने शव को चिता पर रखने से पहले,श्रृंगार के गहने सेवाभावी बड़े बेटे को सौंपे रहले।माँ का निधन हुआ बेटों ने निकाली अंतिम यात्रा,लेके गए नजदीकी श्मशान घाट मंडराया …

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लेख@श्रेष्ठ सफलता के लिए चिंता नही चिंतन की आवश्यकता

निराशा और चिंता मनुष्य के जीवन की प्रगति के बड़े बाधक हैं। निराशा को तत्काल विचारों से अलग करें और चिंता को अपने मस्तिष्क में ना आने दे अन्यथा अत्यधिक चिंता व्यक्ति को चिता तक ले जाने में देर नहीं करती है अतः सकारात्मक सोच के साथ नवीन संकल्प और दृढ़ निश्चय रखकर जीवन के पथ में अग्रसर हो होंद्य …

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लेख@बेटियों की भी नैतिक जिम्मेदारी दृढ़ता से सुनिश्चित की जाए

पैतृक संपति का बंटवारा? क़ानूनी अधिकार अपनी जगह हैं,लेकिन रिश्तों की अहमियत भी समझें। पहले के समय में भाई-बहन का रिश्ता बहुत भावनात्मक और अपनापन भरा होता था। त्योहार,पारिवारिक मिलन और आपसी सहयोग रिश्तों को मज़बूत बनाते थे। लेकिन आज के दौर में, समाज और परिवार की संरचना में कई बदलाव आए हैं। आजकल लोग अपने करियर,निजी जीवन और स्वतंत्रता …

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लेख@‘सिन्दूर’ अब श्रृंगार ही नहीं,शौर्य का प्रतीक

सिन्दूर,जो प्राचीन काल से भारतीय नारी के वैवाहिक जीवन का प्रतीक रहा है,आज एक नए अर्थ में उभर रहा है। यह केवल सुहाग का प्रतीक नहीं,बल्कि नारी शक्ति, साहस और स्वाभिमान का प्रतीक बनता जा रहा है। यह बदलाव केवल एक सांस्कृतिक परिवर्तन नहीं, बल्कि एक सामाजिक क्रांति का संकेत है। भारतीय समाज में सिन्दूर का स्थान अत्यंत पवित्र माना …

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कविता@घाम…

अड़बड़ हावय घाम जी,चट ले जरथे चाम।आगी उगलत हे सुरुज,का करिहव गा काम।।का करिहव गा काम,देंह हा जी अगियाथे।तात-तात हे झाँझ,भोंभरा घलो जनाथे।।आन-तान झन खाव,पेट हो जाथे गड़बड़।रखव गोंदली संग,घाम हावय जी अड़बड़।।अइसन गरमी आय हे,देख चाम जर जाय।चटचट तीपय घाम मा,देंह घलो करियाय।।देंह घलो करियाय,धरे अब्बड़ गा झोला।ककड़ी खीरा खाव,जुड़ालव संगी चोला।।घाम हवय गा पोठ, बरत आगी के जइसन।छुटय …

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कविता @ भीत…

एक आदमी दब गया,दीवार के नीचेजैसे चूहे आ गए हो,विशाल मतंग के नीचेउच्च ध्वनि की गूँज,मृत्तिका की ऊँची पुंजकराहें निकल पड़ीरोदन चित्कार सुनाई पड़ीकाल कलवित बेचारा,अपार दुःखों का माराकही नही शोर-शराबेंशोक सभाओं की गाजे-बाजेन कही कवरेज मिला,न मीडिया में सेज मिलाइस विशाल देश में एक परिंदा मरा हैजो नही नामी चेहरा हैकीट-पतंगों की कोई बिसात नहीदरिद्रों की यहाँ कोई जात …

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लेख@महान परमाणु वैज्ञानिक डॉ. एमआर श्रीनिवासन नहीं रहें

भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पूर्व परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष डॉ. एमआर श्रीनिवासन का मंगलवार,20मई 25 को 95 वर्ष की आयु में मुंबई में निधन हो गया। डॉ. श्रीनिवासन सितंबर 1955 में परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) में शामिल हुए और उन्होंने भारत के पहले परमाणु अनुसंधान रिएक्टर, अप्सरा के निर्माण पर डॉ. …

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लेख@गद्दारी का साया:जब अपनों ने ही बेचा देश

मुठ्ठी भर मुगल और अंग्रेज देश पर सदियों राज नहीं करते यदि भारत में गद्दार प्रजाति न होती। यह बात आज भी उतनी ही प्रासंगिक है। 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भी कुछ गद्दारों ने दुश्मन को भारतीय सेना की संवेदनशील जानकारी बेची,जिससे हमारे सैनिकों की जान खतरे में पड़ी। आज भी, जब लोग व्यक्तिगत लाभ के लिए राष्ट्रीय …

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लेख@समूची मानवता का शत्रु है आतंकवाद

आतंक को हर हाल में करना होगा परास्त जम्मू-कश्मीर दशकों से आतंक के खौफनाक साये में जी रहा है। बीते कुछ दशकों में आतंकियों ने देश के अन्य हिस्सों में भी कभी किसी भरे बाजार में तो कभी किसी बस या ट्रेन में आतंकियों ने निर्दोषों के लहू से होली खेली है। यह एक ऐसी विकराल समस्या है,जिसने न केवल …

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