भारतीय जनता पार्टी और दिवंगत जयललिता की पार्टी एआईएडीएमके के बीच तमिलनाडु में 2026 के विधानसभा चुनाव को लेकर हुआ गठबंधन ने तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रमुक पार्टी की नींद उड़ा दी है। यह गठबंधन बीजेपी के रणनीतिकार अमित शाह की देन बताई जा रही है। हालांकि अभी तक दोनों दलों के दिल मिलते नहीं दिखाई दे रहे हैं। वजह हैं …
Read More »संपादकीय
लेख@ महंगी होती शिक्षा,बचपन पर बोझ औरसरकार की चुप्पी शिक्षा का बढ़ता बाजारीकरण
बचपन अतुलित आनंद यानी चंचलता और हंसने-हंसाने का नाम है। कवयित्री सुभद्रा कुमारी चौहान ने लिखा है,‘चिंता रहित खेलना, खाना और निर्भय स्वच्छंद फिरना..! कैसे भूला जा सकता है बचपन का अतुलित आनंद।’ इसलिए बचपन का स्वागत उत्साह एवं भावनाओं से हो। बच्चों के पाठ्यक्रम की चर्चा की जाए तो वह मनोरंजन, यानी हंसने-हंसाने के साथ अधिगम (समझ) हासिल करने …
Read More »लेख@ आधी सच्चाई का लाइव तमाशा रिश्तों की मौत का नया मंच
आजकल लोग निजी झगड़ों और रिश्तों की परेशानियों को सोशल मीडिया पर लाइव आकर सार्वजनिक करने लगे हैं, जहां आधी-अधूरी सच्चाई दिखाकर सहानुभूति बटोरी जाती है। ‘सुट्टा आली’ और ‘मुक्का वाली’ जैसे मामलों में देखा गया कि जब दूसरा पक्ष सामने आया, तो पहले समर्थन करने वाले लोग उलझन में पड़ गए। सोशल मीडिया अब इंसाफ़ का मंच नहीं, तमाशा …
Read More »@गुड फ्र ाइडे (18 अप्रैल) पर विशेष@ईसा मसीह:अहिंसा,करुणा और सत्य के अमर प्रतीक
यीशु (ईसा मसीह) के बलिदान, उनकी शिक्षाओं को याद करने का दिन है ‘गुड फ्राइडे’। दरअसल ईसा मसीह ने मानवता की भलाई के लिए बलिदान दिया। ईसाई मान्यता के अनुसार दुनिया को प्रेम, दया, करुणा, परोपकार, अहिंसा,सद्व्यवहार और पवित्र आचरण का संदेश देने वाले यीशु को इसी दिन उस जमाने के धार्मिक कट्टरपंथियों द्वारा क्रॉस पर चढ़ाया गया था। जिस …
Read More »लेख@ देश में समाप्त होने के कगार पर पहुंचा नक्सलवाद
पिछले छः दशकों से देश में नासूर बनकर उभरा नक्सलवाद अब समाप्त होने की कगार पर पहुंच गया है। देश के गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में घोषणा की है कि 31 मार्च 2026 तक देश में नक्सलवाद को समाप्त कर दिया जाएगा। गृह मंत्री द्वारा की गई यह एक बहुत बड़ी घोषणा है। गत 60 वर्षों से देश नक्सलवाद …
Read More »लेख@ जंगलों पर छाया इंसानों का आतंक:एक अनदेखा संकट
हाल ही में एक प्रमुख अखबार की हेडलाइन ने ध्यान खींचा—शहर में बंदरों और कुत्तों का आतंक। यह वाक्य पढ़ते ही एक गहरी असहजता महसूस हुई। शायद इसलिए नहीं कि खबर गलत थी, बल्कि इसलिए कि वह अधूरी थी। सवाल यह नहीं है कि जानवर शहरों में क्यों आ गए, बल्कि यह है कि वे जंगलों से क्यों चले आए? …
Read More »लेख @ मीडिया और सोशल मीडिया का मायाजाल
आज के समय में सोशल मीडिया की चकाचौंध ने लोगों को बहुत प्रभावित किया है। लोग अक्सर वास्तविकता और कल्पना के बीच का अंतर भूल जाते हैं और भ्रम के मायाजाल में फंस जाते हैं।लोगों को मीडिया साक्षरता के बारे में शिक्षित करना जरूरी है, ताकि वे जानकारी को सहीमीडिया और सोशल मीडिया की चकाचौंध एक मृग मरीचिका की तरह …
Read More »लेख@ यूपी में इसलिये नहीं बन पाया वक्फ कानून के खिलाफ माहौल
देश का सबसे बड़े सूबे और यहां के सबसे समृद्ध वक्फ बोर्ड और उससे जुड़े उत्तर प्रदेश के करोड़ों मुसलमानों ने वक्फ अधिनियम 1995 में मोदी सरकार द्वारा किये गये बदलाव के खिलाफ कोई मुखरता नहीं दिखाकर पूरे मुल्क को हैरान कर दिया है। छिटपुट विरोध की जो खबरें आईं भी तो उससे कोई बड़ा राजनैतिक संदेश नहीं निकला। यूपी …
Read More »लेख@ गोपालगंज का इतिहास
बिहार के 38 जिला में,एक जिला गोपालगंज भी है, जो गंडक नदी पश्चिमी तट पर स्थित है। गोपालगंज जिला उत्तर दिशा में चम्पारण जिला से घिरा हुआ है दक्षिण दिशा में सिवान जिला से घिरा हुआ है और पश्चिमोत्तर में उत्तरप्रदेश राज्य के देवरिया जिला से घिरा हुआ है।गोपालगंज जिला का इतिहास समृद्ध और विधित है। सारण जिला से अलग …
Read More »लेख@ चिंता और चिंतन के अंतर को समझने का महत्व
आशावादी दृष्टिकोण से सफलतानिराशा और चिंता मनुष्य के जीवन की प्रगति के बड़े बाधक हैं। निराशा को तत्काल विचारों से अलग करें और चिंता को अपने मस्तिष्क में ना आने दे अन्यथा अत्यधिक चिंता व्यक्ति को चिता तक ले जाने में देर नहीं करती है । अतः सकारात्मक सोच के साथ चिंतन, नवीन संकल्प और दृढ़ निश्चय रखकर जीवन के …
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