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संपादकीय

लेख@ भारत ने नहीं झुकाया सिर ट्रंप की धमकी को दिया आंकड़ों से करारा जवाब

डोनाल्ड ट्रंप की भारत के प्रति बढ़ती चिढ़ और अमेरिका की दोहरी नीति ने वैश्विक मंच पर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप भारत को बार-बार टैरिफ और जुर्माने की धमकियां दे रहे हैं, खासकर रूस से तेल और हथियारों के व्यापार को लेकर। लेकिन भारत ने न केवल इन धमकियों को नजरअंदाज किया, बल्कि अमेरिका …

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लेख@ भारत में लिव-इन रिलेशनशिप एकजटिल सामाजिक वास्तविकता बन गई है…

भारत में लिव-इन रिलेशनशिप एक जटिल सामाजिक वास्तविकता बन गई है,जो व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पसंद का प्रतीक तो है, लेकिन इसके कानूनी दायरे,खासकर संपत्ति के अधिकारों को लेकर, अक्सर भ्रम की स्थिति बनी रहती है। पारंपरिक विवाह के इतर इस रिश्ते में रहने वाले भागीदारों के लिए संपत्ति का अधिकार अक्सर एक अंधकारमय गलियारे जैसा होता है, जहां न्याय की …

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लेख@ हरित क्रांति के जनक वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथ

वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथ का पूरा नाम मनकोम्बु संबाशिवन स्वामीनाथ था। उनका जन्म 7 अगस्त 1925 को हुआ था। वह कृषि वैज्ञानिक के साथ ही पादप आनुवंशिकीविद भी थे। उनको 1972 में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का महानिदेशक बनाया गया और भारत सरकार के सचिव के रूप में नियुक्त किया गया था। देश में हरित क्रांति की शुरुआत करने वाले महान …

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लेख@अकेलेपन की त्रासदी झेलते बुजुर्ग

बच्चे आया के भरोसेबुजुर्गों के अकेलेपन की समस्या वैश्विक रूप धारण कर चुकी है। भारत सहित चीन,जापान, स्वीटजर लैंड,अमेरिका फ्रांस कनाडा और ब्रिटेन मैं बुजुर्गों की स्थिति अकेलेपन के कारण दयनीय हो गई है। जापान तथा स्विट्जरलैंड में इच्छा मृत्यु लेने वालों की संख्या बढ़ गई। स्विट्जरलैंड,जापान में तो कई केंद्र ऐसे हैं जिनमें इच्छा मृत्यु धारण करने के वाले …

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लेख@ पहाड़ों का सर्वनाशःउत्तराखंड की आखिरी चेतावनी

देवभूमि का दर्द विकास के नाम पर विनाशउत्तरकाशी के थराली में बादल फटने से हुई भीषण तबाही उत्तराखंड के पर्यावरणीय संकट की गंभीर चेतावनी है। विकास के नाम पर हो रही पहाड़ों की अंधाधुंध कटाई,अवैज्ञानिक निर्माण और बेतरतीब पर्यटन ने पहाड़ों की सहनशीलता को खत्म कर दिया है। जमीन की लूट, संस्कृति का क्षरण और लगातार बढ़ता तापमान, उत्तराखंड को …

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लेख@ कोदो सुपोषण के लिए बढिय़ा अन्न

आज से चार शतक पूर्व एक वह भी समय था जब हर भारतीय की थाली में कोदो भोजन उसकी प्रतीक्षा करता और यह एक मोटे अनाज के रूप में हर घर की पहचान हुआ करता था। बचपन की स्मृतियों में कोदो और उसका स्वाद आज भी मस्तिष्क में तरोताजा है। कोदो कम बरसात में पैदा होने वाला अनाज है[ जिसे …

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लेख@ हिरोशिमा दिवस:मानवता के आत्मावलोकन का दिन

हर वर्ष 6 अगस्त को हिरोशिमा दिवस मनाया जाता है, जो केवल जापानी शहर हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराए जाने की त्रासदी का स्मरण नहीं,बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए आत्मचिंतन और चेतना का दिवस है। 6 अगस्त 1945 को अमेरिका द्वारा गिराया गया “लिटिल बॉय” नामक परमाणु बम महज कुछ ही सेकंड में हिरोशिमा शहर को राख बना गया, हजारों …

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लेख@शिबू सोरेन झारखंड आंदोलन के अमर नायक का युगांत

झारखंड की धरती का वो सूरज, जिसने आदिवासी समाज को शोषण,सूदखोरी और अन्याय के अंधेरे से निकालकर स्वाभिमान और सम्मान की रोशनी दिखाई, आज सदा के लिए अस्त हो गया। दिशोम गुरु शिबू सोरेन,जिन्हें झारखंड का पथ प्रदर्शक कहा जाता था, ने 4 अगस्त 2025 को सुबह दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में अंतिम सांस ली। 81 वर्ष की आयु …

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लेख@सावन अउ बरशा के मया

धनहापुर नाम के एकठन कस्बा रहय।जिंहा सावन नाम के एक झन अड़बड़ अलबेला छोकरा रहय, अउ बरशा नाम के नटखट छोकरी रहय।ये दूनो झन के भेंट बरसाती भाई नाम के एकठन होटल मा होते।भेंट मुलाकात के बाद दूनो झिन‌ अजनबी चाय पीयत रहय तब धोखा से बरशा के चाय हा सावन के ऊपर मा गिर जते।बरशा हा कहिते माफी देबे, …

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लेख@तेजी से बढ़ रही है शिक्षित घरेलू सहायिकाओं की मांग

दोहरी आय वाले परिवारों की बढ़ती संख्या और दैनिक काम के लिए बाहरी सहायता पर बढ़ती निर्भरता के कारण शिक्षित घरेलू सहायक-सहायिकाओं (मेड) की मांग कई गुना बढ़ गई है। भर्ती मंच वर्कइंडिया की रपट में यह जानकारी दी गई।भर्ती मंच के मुताबिक,विभिन्न शिक्षा स्तर वाले घरेलू सहायकों की भूमिकाओं में 2024 में सालाना आधार पर तेज वृद्धि हुई। इस …

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