नई दिल्ली, 22 अक्टूबर 2022। पिछले करीब नौ माह से यूक्रेन व रूस के बीच जबर्दस्त जग जारी है। जग मे सैकड़ो लोग मारे जा चुके है। युद्ध के कारण यूक्रेन मे फसे 1500 भारतीय छात्रो ने स्वदेश वापसी से इनकार कर दिया है। उन्होने साफ कह दिया है कि वे यही पढ़ेगे या मरेगे। इस दौरान यदि मर गए और ताबूत मे आना पड़ा, तो भी उन्हे मजूर है। उनके पास इसके अलावा कोई विकल्प नही है।
सैकड़ो भारतीय छात्रो समेत लाखो लोग यूक्रेन छोड़कर जा चुके है, लेकिन अब भी वहा 1500 भारतीय छात्रो के फसे होने की जानकारी मिली है। ये छात्र भारत सरकार के दिशा निर्देश नही मान रहे है और स्वदेश लौटने से इनकार कर रहे है।
केद्र पर आरोप-कोई विकल्प नही छोड़ा
यूक्रेन मे फसे विद्यार्थियो का आरोप है कि भारत सरकार ने उनके समक्ष कोई विकल्प नही छोड़ा है। इन छात्रो मे से कुछ छात्र ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे है। यूक्रेन से लौटे विद्यार्थियो की भावी पढ़ाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट मे मामला लबित है। इस पर एक नवबर को सुनवाई होगी। यूक्रेन मे अटके छात्रो को भी इसका इतजार है।
कुछ माह पहले यूक्रेन लौट गए थे
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ये छात्र भारत सरकार की सलाह मानने को तैयार नही है। सरकार ने इन छात्रो को तुरत स्वदेश लौटने की सलाह दी है। इसके बाद भी 1,500 से अधिक भारतीय छात्र, जो वापस यूक्रेन चले गए थे, स्वदेश नही लौटना चाहते है। उनका कहना है कि वे यूक्रेन मे रहकर ही अपनी पढ़ाई पूरी करना चाहते है। इस दौरान यदि मर गए तो ताबूत मे लौटेगे।
स्वदेश लौटे छात्रो का भविष्य अधर मे
इन्ही मे से एक विद्यार्थी ने कहा कि हमे भारी परेशानियो का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन हम पढ़ाई पूरी करने के बाद ही स्वदेश आएगे। उनके पास यूक्रेन मे ही रहने के अलावा कोई चारा नही है, क्योकि भारत सरकार ने उन्हे भारतीय चिकित्सा सस्थानो मे प्रवेश देने से पहले ही हाथ खड़े कर दिए है। स्वदेश लौटे छात्रो का भविष्य अधर मे है।
चूकि, भारत मे मेडिकल शिक्षा की निगरानी करने वाले राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग का कहना है कि वह ऑनलाइन कक्षाओ के माध्यम से प्राप्त डिग्री को अनुमति नही देगा। इसलिए इन छात्रो का कहना है कि उनके सामने यूक्रेन मे रहकर ही पढ़ाई करने के अलावा और कोई विकल्प नही है।
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