नयी दिल्ली, 18 अक्टूबर 2022। सरकार ने पूर्व प्रधानमत्री राजीव गाधी की हत्या मे व्यापक साजिश की जाच के लिए गठित 24 साल पुरानी बहु-विषयक निगरानी एजेसी को खत्म कर दिया है। अधिकारियो ने यह जानकारी दी। एमडीएमए केद्रीय अन्वेषण बयूरो के तहत काम कर रही थी और इसमे कई केद्रीय सुरक्षा एजेसियो के अधिकारी शामिल थे अधिकारियो ने कहा कि एजेसी को भग करने का आदेश मई मे जारी किया गया था और लबित जाच को सीबीआई की एक अलग इकाई को सौप दिया गया है।
एजेसी को 1998 मे एमसी जैन आयोग की सिफारिश पर दो साल के लिए स्थापित किया गया था और इसे वार्षिक विस्तार दिया गया था, लेकिन यह कोई बड़ी सफलता हासिल करने मे विफल रही।
पुलिस उप महानिरीक्षक स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता वाली एजेसी ने बैकिग लेनदेन सहित मामले के विभिन्न पहलुओ पर जानकारी मागने के लिए श्रीलका, ब्रिटेन और मलेशिया जैसे देशो को 24 अनुरोध पत्र भेजे थे। उन्होने कहा कि इन देशो ने 20 से अधिक अनुरोधो का जवाब दिया और केवल कुछ ही शेष थे। सूत्रो ने कहा कि जाच लगभग पूरी हो चुकी है और कुछ लबित न्यायिक अनुरोधो या एमडीएमए द्वारा भेजे गए अनुरोध पत्र के मुद्दे को अब सीबीआई देखेगी।
उन्होने कहा कि उपमहानिरीक्षक को सौपे जाने से पहले शुरू मे एमडीएमए सयुक्त निदेशक-स्तर के एक अधिकारी की अध्यक्षता मे कार्य करती थी जिसने कई देशो मे साजिश के बारे मे कोई चौकाने वाला खुलासा नही किया।
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