नई दिल्ली, 14 अक्टूबर 2022। काग्रेस अध्यक्ष पद के उम्मीदवार शशि थरूर ने इशारो-इशारो मे पार्टी के बड़े नेताओ पर भेदभाव का आरोप लगाया है. उन्होने कहा कि प्रदेश इकाइयो मे मल्लिकार्जुन खड़गे का स्वागत होता है, बड़े नेता उनसे मिलते है, लेकिन मेरे साथ ऐसा व्यवहार नही होता.
थरूर ने कहा कि पार्टी नेता खड़गे की तरफ से लोगो को आमत्रित करते है और उन्हे उपस्थित होने के लिए कहते है. यह सब एक उम्मीदवार (मल्लिकार्जुन खड़गे) के लिए हुआ, लेकिन मेरे लिए कभी नही. थरूर ने कहा- मैने राज्य काग्रेस कमेटी का दौरा किया, लेकिन वहा राज्य प्रमुख उपलध नही थे. मै शिकायत नही कर रहा हू, लेकिन क्या आपको व्यवहार मे अतर नही दिखता है?
चुनाव से जुड़े जरूरी कागजात भी न मिलने का लगाया आरोप
थरूर ने चुनाव से जुड़े जरूरी कागजात देने मे भी नेताओ पर भेदभाव का आरोप लगाया है. उन्होने कहा कि उन्हे सोमवार यानी 17 अक्टूबर को होने वाले चुनाव मे मतदान करने वाले काग्रेस प्रतिनिधियो की एक अधूरी सूची मिली है. साथ ही उनसे सपर्क करने के लिए सूची मे कोई फोन नबर भी नही है. मुझे दो सूचिया मिली. पहली सूची मे फोन नबर नही थे, तो कोई राष्ट्रीय अध्यक्ष की वोटिग मे भाग लेने वाले डेलिगेट्स से कैसे सपर्क कर सकता है? आपको बता दे कि काग्रेस मे अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए 30 सितबर को को 3 नामाकन हुए. इसमे शशि थरूर, झारखड के काग्रेस लीडर केएन त्रिपाठी और तीसरा नॉमिनेशन मल्लिकार्जुन खड़गे ने किया. इसके साथ ही तय हो गया है कि अगला अध्यक्ष गैर-गाधी ही होगा. थरूर और त्रिपाठी के प्रस्तावको मे इक्का-दुक्का लीडर्स थे, लेकिन गाधी फैमिली की चॉइस बताए जा रहे मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रस्तावको की लिस्ट मे 30 बड़े नेताओ के नाम थे. खड़गे के साथ नेताओ के हुजूम की तस्वीर यह साफ कर रही है कि नॉमिनेशन ही नतीजे है।
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