Breaking News

नई दिल्ली@कोई लक्ष्य हमारी पहुंच से बाहर नहीं…ऑपरेशन सिंदूर में साबित किया दुश्मन की रणनीति के हिसाब से खुद को ढालना जरूरी : एयरफोर्स चीफ

Share

नई दिल्ली,25 अक्टूबर 2026। वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना ने पश्चिमी मोर्चे पर 1,200 किलोमीटर चौड़े और 200 किलोमीटर क्षेत्र में सटीक हमले किए। इससे साबित हुआ कि वायुसेना की पहुंच से कोई भी लक्ष्य बाहर नहीं है।
उन्होंने कहा कि इस अभियान ने एक बार फिर दिखाया कि देश की सुरक्षा में वायुसेना की अहम भूमिका है। ऑपरेशन से एक सबक साफ है कि हमें हमेशा कई विकल्प अपने पास रखने चाहिए और दुश्मन की रणनीति बदलने पर तेजी से खुद को उसके मुताबिक ढालने में सक्षम होना चाहिए। उन्होंने यह बात पीटीआई को दिए इंटरव्यू में कही। 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था। 26 टूरिस्ट की हत्या की गई थी। ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे।
भारत सरकार ने कहा था कि इन हमलों में 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया था।इसके बाद 10 मई को भारत और पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशकों के बीच बातचीत के बाद दोनों देशों ने सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई थी।
वायुसेना का विजन 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य से जुड़ा है…
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता किसी एक हथियार या विमान की वजह से नहीं मिली। इसमें सटीक खुफिया जानकारी, एक-दूसरे से जुड़े सैन्य नेटवर्क, दूर से हमला करने वाले हथियार,इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर,मजबूत वायु रक्षा प्रणाली और ड्रोन को रोकने की क्षमता ने मिलकर काम किया। अब वायुसेना को अपनी युद्ध क्षमता बढ़ाने पर ध्यान देना होगा। इसके लिए लड़ाकू विमानों और सैन्य संसाधनों की संख्या बढ़ानी होगी। साथ ही,खुफिया जानकारी जुटाने,निगरानी,इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर,ड्रोन को रोकने और मजबूत नेटवर्क बनाने की क्षमता बढ़ानी होगी। फैसले लेने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल भी बढ़ाना होगा। भारतीय वायुसेना का विजन 2047 तक विकसित भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य से जुड़ा है। विकसित भारत के लिए देश का सुरक्षित और संकटों का सामना करने में सक्षम होना भी जरूरी है। 2047 तक हमारा लक्ष्य दुनिया की सबसे सक्षम,नवाचारी और तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर एयरोस्पेस सेनाओं में शामिल होना है। ऐसी वायुसेना, जो विकसित भारत की सुरक्षा करने के साथ-साथ उसकी प्रगति में भी योगदान दे।


Share

Check Also

नई दिल्ली@ईसीआईनेट सॉफ्टवेयर विवाद : कांग्रेस का सवाल…जानकारी क्यों छिपा रहा चुनाव आयोग लगाए कई गंभीर आरोप

Share नई दिल्ली,25 अक्टूबर 2026। कांग्रेस ने रविवार को चुनाव आयोग पर विवादित ईसीआईनेट सॉफ्टवेयर …

Leave a Reply