Breaking News

रायपुर@डॉक्टर गहवई के निलंबन पर डॉक्टर्स फेडरेशन ने उठाया सवाल

Share


कहा…प्रतिशोधात्मक कार्रवाई हुई तो निरस्त करें गहवई ने फैसले को हाईकोर्ट में दी है चुनौती

रायपुर,25 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन ने स्वास्थ्य विभाग के उप संचालक डॉ. धर्मेन्द्र कुमार गहवई के निलंबन पर सवाल उठाए हैं। 21 अक्टूबर को जारी निलंबन आदेश का विरोध करते हुए फेडरेशन ने कार्रवाई की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की है। डॉ. गहवई ने स्वास्थ्य सेवा संचालनालय में एडिशनल डायरेक्टर जैसे चिकित्सकीय संवर्ग के पदों पर गैर-चिकित्सकीय अधिकारियों की पदस्थापना को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
निलंबन के आधारों की समीक्षा की मांग : फेडरेशन ने कहा कि,निलंबन आदेश में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम,1965 के नियम 3 और 22(क) के उल्लंघन का उल्लेख है। कार्रवाई के आधारों और परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि कार्रवाई प्रतिशोधात्मक या दुर्भावनापूर्ण पाई जाती है,तो निलंबन निरस्त किया जाए। CGDF ने कहा कि,न्यायालय की शरण लेना प्रत्येक चिकित्सक का अधिकार है। ऐसे में कार्रवाई की निष्पक्षता सुनिश्चित होनी चाहिए,ताकि चिकित्सक अपने वैधानिक अधिकारों के इस्तेमाल से हतोत्साहित न हों। फेडरेशन ने स्पष्ट किया कि वह उचित और नियमों के तहत होने वाली विभागीय कार्रवाई के खिलाफ नहीं है। फेडरेशन ने स्वास्थ्य सेवा संचालनालय के साथ चिकित्सा शिक्षा संचालनालय में भी चिकित्सकीय संवर्ग के लिए निर्धारित पदों पर गैर-चिकित्सकीय अधिकारियों की पदस्थापना का मुद्दा उठाया है। संगठन के मुताबिक,ऐसी नियुक्तियों से चिकित्सकों के संवर्गीय अधिकारों,वरिष्ठता और पदोन्नति के अवसर प्रभावित हो सकते हैं। इससे स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता पर भी असर पड़ने की आशंका है। सीजीडीपी ने शासन से मांग की है कि दोनों संचालनालयों में विवादित पदस्थापनाओं की लागू सेवा नियमों,संवर्गीय पात्रता और वरिष्ठता के आधार पर वैधानिक समीक्षा की जाए।


Share

Check Also

बैकुंठपुर@ छात्रहित की समस्याओं को लेकर एबीवीपी ने प्राचार्य को सौंपा ज्ञापन

Share रामानुज प्रताप सिंह देव स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सुविधाओं और शैक्षणिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दे …

Leave a Reply