3 पेंशन योजनाओं से इंदिरा गांधी नाम हटा,दिव्यांगों को अब जन्म से पेंशन

नई दिल्ली,14 अक्टूबर 2026। केंद्र सरकार ने दिवाली से पहले रेलवे के करीब 11.40 लाख कर्मचारियों को 78 दिन का बोनस देने की मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, इस पर करीब 2,009 करोड़ खर्च होंगे। बुधवार को कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया। इसके अलावा, सरकार ने तीन पेंशन योजनाओं से इंदिरा गांधी का नाम हटाकर उनमें प्रधानमंत्री शब्द जोड़ने का फैसला किया है। दिव्यांगों की पेंशन नियमों में भी बदलाव को मंजूरी दी गई है। इसके तहत अब दिव्यांगों को 18 साल की बजाय जन्म से पेंशन मिलेगी। कैबिनेट ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को अगले पांच साल तक जारी रखने का फैसला भी लिया है।
रेलवे कर्मचारियों
को 17,951 तक बोनस
रेलवे कर्मचारियों को मिलने वाले प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस की गणना के लिए अधिकतम मासिक वेतन सीमा 7,000 तय की गई है। इस आधार पर 78 दिन के बोनस की अधिकतम रकम 17,951 बनती है।
सामाजिक सहायता कार्यक्रम पर 53,428 करोड़ खर्च होंगे
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इस दौरान योजना पर 53,428 करोड़ खर्च होंगे। इससे देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के करीब 3.20 करोड़ लाभार्थियों को मदद मिलेगी। इसके तहत बुजुर्गों और विधवाओं को पेंशन,दिव्यांगों को आर्थिक सहायता और परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की मौत होने पर पात्र परिवार को मदद दी जाती है। हृस््रक्क की शुरुआत 15 अगस्त 1995 को गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता देने के लिए हुई थी। यह संविधान के अनुच्छेद 41 में दिए गए नीति-निर्देशक सिद्धांतों से जुड़ा है और इसका पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाती है। सरकार के मुताबिक,बुजुर्गों और विधवाओं की पेंशन योजनाएं और राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना पहले की तरह जारी रहेंगी। वहीं,अन्नपूर्णा योजना के तहत ऐसे पात्र बुजुर्गों को अनाज दिया जाता है,जिन्हें वृद्धावस्था पेंशन का लाभ नहीं मिलता।
दिव्यांगता की पात्रता
सीमा 80′ से घटाकर 40′
नई व्यवस्था में पेंशन के लिए बेंचमार्क दिव्यांगता की सीमा 80′ से घटाकर 40′ कर दी गई है। इससे पात्रता की शर्तें पूरी करने वाले अधिक दिव्यांग लोग योजना के दायरे में आ सकेंगे।
पेंशन की दरें इस तरह होंगी
– 0 से 79 साल की उम्रः 375 प्रति माह।
– 80 साल या उससे अधिक उम्रः 625 प्रति माह।
नए नियमों के तहत पात्रता, लाभार्थियों की संख्या और पेंशन की रकम से जुड़ी जानकारी सरकार दिशानिर्देश जारी होने के तीन महीने के भीतर लागू करेगी। दिव्यांगों की पात्रता में यह बदलाव दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के अनुसार किया गया है। इस कानून के तहत 40′ या उससे ज्यादा दिव्यांगता वाले व्यक्ति को बेंचमार्क दिव्यांगता की श्रेणी में रखा जाता है। नियमों के मुताबिक,दिव्यांगों को मिलने वाली सहायता राशि समान श्रेणी की दूसरी योजनाओं के मुकाबले कम से कम 25′ ज्यादा रखने का प्रावधान भी है।
आईडीबीआई बैंक के रणनीतिक विनिवेश को मंजूरी,60.72 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी सरकार

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को आईडीबीआई बैंक में 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स लि. को 52,878.08 करोड़ रुपये में बेचने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। एयर इंडिया की बिक्री के बाद यह देश का सबसे बड़ा रणनीतिक विनिवेश है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने बुधवार को आईडीबीआई बैंक के रणनीतिक विनिवेश को मंजूरी दी। केंद्र सरकार आईडीबीआई बैंक में 60.72 फीसदी हिस्सेदारी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स को 52,878 करोड़ रुपये में बेचेगी। यह एयर इंडिया के बाद सबसे बड़ा रणनीतिक विनिवेश है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यहां पत्रकार वार्ता में मंत्रिमंडल के फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह फैसला पांच साल से अधिक समय से चल रही विनिवेश प्रक्रिया को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वैष्णव ने कहा कि इस सौदे के पूरा होने पर हमारी अर्थव्यवस्था में वित्तीय क्षेत्र में अबतक का सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) होगा। इस बिक्री में केंद्र सरकार की 30.48 फीसदी और एलआईसी की 30.24 फीसदी की हिस्सेदारी शामिल है। उन्होंने बताया कि इस रणनीतिक पुनर्गठन के बाद आईडीबीआई बैंक में सरकार की 15 फीसदी और एलआईसी की 19 फीसदी हिस्सेदारी रह जाएगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा,‘‘मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने इस सौदे के लिए मेसर्स 10955230 कनाडा इंक (मूल कंपनी मेसर्स फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स लिमिटेड) को रणनीतिक खरीदार के रूप में अपनी मंजूरी दी है। कंपनी 52,877.08 करोड़ रुपये के खरीद मूल्य पर आईडीबीआई बैंक में 60.72 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी। निवेश एवं लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव अरुणीश चावला ने कहा कि अधिग्रहण सौदा चालू वित्त वर्ष 2026-27 में पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आईडीबीआई बैंक के कर्मचारियों के हितों को पूरा ध्यान रखा जाएगा। वहीं, फेयरफैक्स को अल्पांश शेयरधारकों के लिए खुली पेशकश भी करनी होगी। सीएसबी बैंक में भी हिस्सेदारी रखने वाली फेयरफैक्स को दो साल के भीतर या तो उसका आईडीबीआई बैंक में विलय करना होगा या फिर सीएसबी बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेचकर बाहर निकलना होगा।
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