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अम्बिकापुर@त्योहारों के बीच बदहाल सड़कों और धूल से जूझ रहा अंबिकापुर,बंद स्ट्रीट लाइट ने बढ़ाई परेशानी

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डेढ़ साल की निगम व्यवस्था पर कांग्रेस ने उठाए सवाल,प्लेसमेंट कर्मचारियों को 3-4 माह से वेतन नहीं मिलने का मुद्दा भी गरमाया

-संवाददाता-
अम्बिकापुर,14 अक्टूबर 2026 (घटती-घटना)। नवरात्र,दशहरा और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहारों के बीच अंबिकापुर नगर निगम की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े होने लगे हैं। शहर की मुख्य और अंदरूनी सड़कों पर गड्ढे,सड़कों पर पड़े मलबे से उड़ती धूल, सफाई व्यवस्था में कथित बदहाली और बंद स्ट्रीट लाइटों ने आम नागरिकों की परेशानी बढ़ा दी है। दूसरी ओर,निगम के प्लेसमेंट कर्मचारियों को तीन से चार महीने से वेतन नहीं मिलने का मामला भी सामने आया है। इन समस्याओं को लेकर निगम में नेता प्रतिपक्ष शाफी अहमद के नेतृत्व में कांग्रेस पार्षद दल ने निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की। शहर की सड़कों की हालत बरसात के बाद भी नहीं सुधर पाई है। गड्ढों को भरने के लिए डाला गया मलबा अब धूल उड़ने का कारण बन रहा है। वाहनों की आवाजाही के साथ उड़ती धूल राहगीरों, दुकानदारों और आसपास रहने वाले लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। कांग्रेस ने धूल के कारण एलर्जी और सांस संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ने की बात उठाते हुए निगम प्रशासन से नियमित पानी छिड़काव कराने की मांग की है। खासकर राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-43 पर अंबेडकर चौक से दरिमा मोड़ तक पानी का नियमित छिड़काव कराने पर जोर दिया गया है।
गड्ढे, धूल और अंधेरे के बीच त्योहार की तैयारी : त्योहारों के दौरान बाजारों और धार्मिक स्थलों पर लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे समय में खराब सड़कों और बंद स्ट्रीट लाइटों की समस्या लोगों की सुरक्षा से भी जुड़ जाती है। कांग्रेस पार्षद दल ने आरोप लगाया कि शहर की नागरिक सुविधाओं में पिछले डेढ़ वर्ष से अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। सफाई व्यवस्था भी करीब एक वर्ष से प्रभावित होने का दावा किया गया।
सवाल यह है कि जब त्योहारों के दौरान शहर में भीड़ बढ़ने की जानकारी पहले से रहती है, तो सड़कों की मरम्मत, सफाई और प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने की तैयारी समय रहते क्यों नहीं की गई? नेता प्रतिपक्ष शाफी अहमद ने निगम आयुक्त से बंद स्ट्रीट लाइटों को 48 घंटे के भीतर चालू कराने की मांग की। उनका कहना है कि अंधेरी सड़कों पर दुर्घटना और आपराधिक घटनाओं की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने धार्मिक स्थलों और दुर्गा पूजा पंडालों के आसपास विशेष सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा जिन सड़कों के डामरीकरण की स्वीकृति मिल चुकी है, उनका काम दशहरा से पहले पूरा कराने की मांग भी रखी।
कर्मचारियों को वेतन नहीं,त्योहार कैसे मनेगा?
नगर निगम की व्यवस्थाओं पर सवालों के बीच प्लेसमेंट कर्मचारियों के वेतन का मुद्दा भी महत्वपूर्ण है। कांग्रेस ने आयुक्त के समक्ष मामला उठाते हुए कहा कि कर्मचारियों को पिछले तीन से चार महीने से वेतन नहीं मिला है। त्योहारों के समय जब हर परिवार को घरेलू खर्चों के लिए पैसों की जरूरत होती है,तब महीनों तक वेतन नहीं मिलना कर्मचारियों के लिए गंभीर आर्थिक संकट पैदा कर सकता है। यह स्थिति निगम प्रशासन से जवाब मांगती है कि कर्मचारियों के वेतन भुगतान में देरी क्यों हो रही है और भुगतान कब तक किया जाएगा। सफाई और दूसरी जरूरी नागरिक सेवाओं में लगे कर्मचारियों के हितों की अनदेखी कर शहर की व्यवस्था बेहतर बनाने की उम्मीद भी कैसे की जा सकती है? कांग्रेस ने मानवीय आधार पर बकाया वेतन तत्काल जारी करने की मांग की। कांग्रेस पार्षद दल ने निगम प्रशासन से सड़कों की मरम्मत, धूल नियंत्रण, सफाई और स्ट्रीट लाइटों की बहाली के लिए समयबद्ध कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि,इन समस्याओं पर निगम प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाएगी और निर्धारित समय में कितने काम पूरे होंगे, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। केवल त्योहारों के मद्देनजर अस्थायी सफाई या पानी का छिड़काव पर्याप्त नहीं होगा,शहर को नियमित और जवाबदेह व्यवस्था की जरूरत है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान कांग्रेस पार्षद पापिन्दर सिंह,कलीम अंसारी,बल्केश्वर तिर्की,मो. बाबर,शुभम जायसवाल और राजेश पैकरा सहित कांग्रेस नेता राजेन्द्र बहादुर सिंह,संजय सिंह,दिलीप धर और मो. आरिफ मौजूद रहे।


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