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अम्बिकापुर@सरगुजा पुलिस की एक दिवसीय विवेचना कार्यशाला आयोजित

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जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने विवेचकों को नए कानून ई-साक्ष्य और गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान के दिए गुर

-संवाददाता-
अम्बिकापुर,26 जुलाई 2026 (घटती-घटना)। नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और अपराधों की गुणवत्तापूर्ण विवेचना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सरगुजा पुलिस द्वारा पुलिस कोऑर्डिनेशन सेंटर में एक दिवसीय विवेचना कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश शक्ति सिंह राजपूत की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का आयोजन डीआईजी एवं एसएसपी राजेश अग्रवाल के निर्देशन में किया गया,जिसमें जिले के थाना एवं चौकी प्रभारी, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक तथा विवेचक शामिल हुए। कार्यशाला में माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश शक्ति सिंह राजपूत ने विवेचकों को मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एम ए सी टी),ई-साक्ष्य के उपयोग,घटना स्थल पर टेस्टिंग किट के इस्तेमाल, साक्ष्य अधिनियम के प्रावधानों तथा परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक साक्ष्य का आपस में तार्किक संबंध होना चाहिए तथा घटनास्थल का स्पष्ट एवं वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण गुणवत्तापूर्ण विवे चना की आधारशिला है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ममता पटेल ने केस डायरी को सीलबंद स्थिति में न्यायालय में प्रस्तुत करने,घटना स्थल का सटीक नक्शा तैयार करने, मोबाइल से फोटोग्राफी करने,जब्त सामग्री का विधिवत सील करने और महत्वपूर्ण तथ्यों को केस डायरी में दर्ज करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पल्लव रघुवंशी ने गिरफ्तारी की कानूनी प्रक्रिया, महिलाओं की रात्रिकालीन गिरफ्तारी के नियम,ट्रांजिट रिमांड,पुलिस रिमांड,हथकड़ी के उपयोग, सात वर्ष तक की सजा वाले मामलों में निर्धारित प्रक्रिया,एससी-एसटी एक्ट,एनडीपीएस एक्ट,पशु क्रूरता अधिनियम तथा खात्मा-खारिज प्रकरणों की विवेचना से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। प्रधान मजिस्ट्रेट (किशोर न्याय बोर्ड) कल्पना भगत ने किशोर न्याय अधिनियम (जेजे एक्ट) के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि विधि से संघर्षरत बालकों के मामलों में पुलिस को सादी वर्दी में कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने चाइल्ड फ्रेंडली वातावरण, सामाजिक पृष्ठभूमि रिपोर्ट,मानव तस्करी निरोधक प्रकोष्ठ को सूचना देने तथा समय-सीमा के भीतर प्रकरण प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लों, उप पुलिस अधीक्षक राकेश बघेल, एसडीओपी ग्रामीण तुल सिंह पट्टावी, डीएसपी अजाक सुरेश भगत एवं रक्षित निरीक्षक तृप्ति सिंह राजपूत सहित अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर डीआईजी एवं एसएसपी राजेश अग्रवाल ने माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं उपस्थित न्यायिक अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए सभी विवेचकों को न्यायालय द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करने तथा निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


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