- भूमि अधिग्रहण और गिरफ्तारी की कार्रवाई के बीच हिंसक झड़प,
- डीएसपी समेत 24 से अधिक पुलिसकर्मी घायल…
- ग्रामीणों के घायल होने की भी सूचना…
- कई वाहन क्षतिग्रस्त…
- पुलिस और ग्रामीणों के दावे अलग-अलग..
- .जांच के बाद ही साफ होगी पूरी तस्वीर…
-ओंकार पाण्डेय-
सूरजपुर/प्रतापपुर,24 जुलाई 2026 (घटती-घटना)। प्रतापपुर थाना क्षेत्र के मदननगर गांव में शुक्रवार को प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान हालात अचानक हिंसक हो गए,घटना में एक डीएसपी सहित 24 से अधिक पुलिस अधिकारी एवं जवान घायल हो गए,जबकि कई ग्रामीणों के घायल होने की भी सूचना है,कई सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचा है तथा कुछ वाहनों में आग लगाने के प्रयास की भी जानकारी सामने आई है,घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और अंबिकापुर-प्रतापपुर मुख्य मार्ग पर आवागमन प्रभावित रहा,हालांकि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर प्रशासन और ग्रामीणों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार टीम भूमि अधिग्रहण एवं सर्वे की कार्रवाई के लिए गांव पहुंची थी,जबकि पुलिस की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार टीम पूर्व में दर्ज एक गंभीर आपराधिक प्रकरण के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गई थी। दूसरी ओर ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे थे और उसी को लेकर विवाद बढ़ा। ऐसे में घटना की वास्तविक परिस्थितियां जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी।
सुबह शुरू हुई कार्रवाई,कुछ ही देर में बिगड़ गए हालात-जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह प्रशासनिक एवं पुलिस अमला बड़ी संख्या में मदननगर गांव पहुंचा,सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर लगभग 500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी, आसपास के जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया था, मौके पर कलेक्टर,पुलिस अधीक्षक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे, ग्रामीणों का आरोप है कि भूमि अधिग्रहण को लेकर उनकी आपत्तियों और मांगों पर लंबे समय से ध्यान नहीं दिया गया,प्रशासनिक टीम के पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण विरोध प्रदर्शन के लिए एकत्र हो गए,देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और विवाद हिंसक झड़प में बदल गया।
अंबिकापुर-प्रतापपुर मार्ग पर चक्काजाम-घटना के बाद ग्रामीणों ने अंबिकापुर-प्रतापपुर मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया, जिससे कई घंटों तक आवागमन प्रभावित रहा,सुरक्षा कारणों से पुलिस ने मार्ग पर आवाजाही सीमित कर दी और अतिरिक्त बल तैनात किया गया, पूरे क्षेत्र में तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण की स्थिति बताई जा रही है।
पुलिस का पक्षः आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गई थी टीम-सूरजपुर पुलिस की ओर से जारी प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पुलिस टीम गांव में पूर्व से दर्ज एक गंभीर आपराधिक प्रकरण के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गई थी,इसी दौरान ग्रामीणों के विरोध के कारण स्थिति बिगड़ गई और हिंसक झड़प हुई,पुलिस ने कहा है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है तथा हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों का पक्षः भूमि अधिग्रहण बना विवाद की वजह-दूसरी ओर ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं,उनका आरोप है कि उनकी आपत्तियों और मांगों पर प्रशासन ने समुचित सुनवाई नहीं की,इसी कारण प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध किया गया और विवाद बढ़ गया।
दो दावे,एक घटना—जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई-इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि घटना के कारणों को लेकर दो अलग-अलग दावे सामने आए हैं,प्रशासनिक पक्ष के अनुसार कार्रवाई भूमि अधिग्रहण एवं सर्वे से जुड़ी थी, पुलिस का कहना है कि टीम आपराधिक मामले के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गई थी,ग्रामीणों का कहना है कि पूरा विवाद भूमि अधिग्रहण के विरोध से जुड़ा है, ऐसे में घटना का वास्तविक कारण और पूरी परिस्थितियां आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी।
मदननगर मामले की जांच करेगी कांग्रेस की 8 सदस्यीय समिति- मदननगर में भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प तथा कथित लाठीचार्ज के मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है, छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए आठ सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है, समिति के संयोजक पूर्व मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह बनाए गए हैं,इसके अलावा पूर्व अनुसूचित जनजाति आयोग अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह, विधायक जनक ध्रुव, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष भगवती राजवाड़े, जिला कांग्रेस अध्यक्ष शशी सिंह, पूर्व जनपद अध्यक्ष जगत आयाम,ओबीसी कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री नवीन जायसवाल तथा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र दुबे को सदस्य बनाया गया है, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू द्वारा जारी आदेश के अनुसार समिति मदननगर और प्रभावित गांवों का दौरा कर पीडि़त ग्रामीणों से मुलाकात करेगी,घटनास्थल का प्रत्यक्ष निरीक्षण करेगी और पूरे मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपेगी, समिति के गठन के बाद अब उसकी जांच और रिपोर्ट पर राजनीतिक एवं प्रशासनिक दोनों स्तरों पर निगाहें टिकी हुई हैं।
पथराव,धक्का-मुक्की और लाठीचार्ज जैसे हालात…
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहले दोनों पक्षों के बीच बहस हुई, फिर धक्का-मुक्की शुरू हो गई, इसके बाद पथराव और मारपीट की स्थिति बन गई, हालात नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा, इसी दौरान पथराव में एक डीएसपी सहित दो दर्जन से अधिक पुलिस अधिकारी एवं जवान घायल हो गए,घटना में कई ग्रामीणों के घायल होने की भी सूचना है, सभी घायलों का उपचार प्रतापपुर एवं धर्मपुर स्वास्थ्य केंद्रों में कराया गया।
सरकारी वाहनों को नुकसान,आग लगाने की कोशिश की भी चर्चा…
घटना के दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा कई पुलिस एवं सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ किए जाने की जानकारी सामने आई है, कुछ वाहनों में आग लगाने का प्रयास किए जाने की भी चर्चा है, हालांकि आगजनी से हुए नुकसान का आधिकारिक विवरण अभी जारी नहीं किया गया है, सोशल मीडिया पर घटना से जुड़े कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, लेकिन उनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
घायल पुलिसकर्मियों में शामिल प्रमुख नाम
प्राथमिक जानकारी के अनुसार घायल पुलिसकर्मियों में शामिल हैं अमर सिंह (45 वर्ष), सुखीचंद एक्का (59 वर्ष), नंदकिशोर राजवाड़े (43 वर्ष),फूलमती राजवाड़े, सविता साहू इसके अलावा दो दर्जन से अधिक पुलिस अधिकारी, जवान एवं अन्य लोगों के घायल होने की सूचना है, घायलों का उपचार बीएमओ के निर्देशन में डॉ. विकास गुप्ता, डॉ. आफताब खान तथा स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा किया गया।
प्रशासन की अगली कार्रवाई…
घटना के बाद पूरे मदननगर गांव एवं आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है और हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
एक नजर में…

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