Breaking News

कोरिया/बैकुंठपुर@आत्महत्या की जांच या परिवार की प्रताड़ना?

Share

  • बैकुंठपुर प्रकरण में पुलिस कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल
  • बैकुंठपुर आत्महत्या मामला,आरोपी नहीं मिले तो परिवार पर शिकंजा? व्यापारियों ने एसपी से उठाई आवाज
  • फरार आरोपी अब भी बाहर,लेकिन
  • परिवार थाने में! बैकुंठपुर आत्महत्या मामले में पुलिस कार्रवाई पर बहस तेज
  • ’आरोपी पकडि़ए, परिवार नहीं’— बैकुंठपुर में व्यापारियों का पुलिस से सवाल, आईसी मार्ट परिवार ने सुनाई अपनी पीड़ा
  • आत्महत्या से आगे बढ़ा बैकुंठपुर कांड पुलिस कार्रवाई,व्यापारी विरोध और प्रताड़ना के आरोपों के बीच उलझी जांच
  • संचालक के भाई ने पथराव और भीड़ के खिलाफ एफआईआर की मांग
  • एसपी कार्यालय पहुंचे व्यापारी,परिवार की महिलाओं को थाने में बैठाने पर जताई आईसी मार्ट प्रकरण में नया मोड़,व्यापारियों का पुलिस पर सवाल, संचालक के भाई ने भीड़,पथराव और भय फैलाने वालों पर एफआईआर की मांग की…


-रवि सिंह-
कोरिया/बैकुंठपुर,21 जुलाई 2026 (घटती-घटना)। आईसी मार्ट आत्महत्या प्रकरण अब लगातार नए मोड़ ले रहा है, एक ओर जहां फरार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस की कार्रवाई को लेकर व्यापारी वर्ग खुलकर सामने आ गया है,वहीं दूसरी ओर आईसी मार्ट संचालक के भाई ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपकर प्रदर्शन के दौरान हुई कथित हिंसा,पथराव और भय का वातावरण बनाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है, इन घटनाक्रमों ने पूरे मामले को केवल आत्महत्या की विवेचना तक सीमित नहीं रहने दिया है, बल्कि अब पुलिस कार्रवाई,कानून-व्यवस्था और विरोध प्रदर्शन की वैधता भी चर्चा का विषय बन गई है।
बैकुंठपुर के चर्चित आईसी मार्ट आत्महत्या प्रकरण में अब घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है,जहां एक ओर पुलिस आत्महत्या के मामले में दर्ज अपराध के फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है,वहीं दूसरी ओर व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर पुलिस कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाता नजर आया,व्यापारियों ने पुलिस अधीक्षक से कहा कि कानून के दायरे में रहकर फरार आरोपियों की गिरफ्तारी की जाए,लेकिन आरोपियों के परिवार की महिलाओं,बच्चों और निर्दोष परिजनों को थाने में बैठाकर मानसिक प्रताड़ना न दी जाए,इसी बीच आईसी मार्ट संचालक के भाई महेंद्र कुमार बैद ने पुलिस अधीक्षक को दो पृष्ठों का विस्तृत आवेदन देकर पूरे मामले को एक नया मोड़ दे दिया है, आवेदन में उन्होंने 19 जुलाई को आईसी मार्ट के सामने हुए प्रदर्शन को पूर्व नियोजित बताते हुए भीड़ जुटाने, पथराव, गाली-गलौज,भय का वातावरण बनाने और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य सुरक्षित रखकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
व्यापारियों ने एसपी से की सीधी बातचीत- सोमवार को बैकुंठपुर के कई व्यापारी पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे,प्रतिनिधिमंडल ने एसपी से मुलाकात कर कहा कि उन्हें फरार आरोपियों की गिरफ्तारी से कोई आपत्ति नहीं है,बल्कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए,लेकिन कार्रवाई करते समय पूरे परिवार को प्रताडि़त करना उचित नहीं है,व्यापारियों ने आरोप लगाया कि पिछले कई दिनों से परिवार की महिलाओं और बच्चों को भी थाने बुलाकर घंटों बैठाया जा रहा है,इससे पूरे व्यापारी समाज में असंतोष का माहौल है,सूत्रों के अनुसार व्यापारियों की मुलाकात के बाद थाने में बैठे परिवार के सदस्यों को छोड़ दिया गया,हालांकि पुलिस की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
प्रतिष्ठान बंद है,परिवार भय में जी रहा है…
परिजनों का कहना है कि घटना के बाद से उनका प्रतिष्ठान बंद है और व्यवसाय पूरी तरह प्रभावित हो चुका है,उनका दावा है कि पुलिस की लगातार कार्रवाई के कारण परिवार के सदस्य सामान्य जीवन भी नहीं जी पा रहे हैं,परिवार का कहना है कि वे जांच में पूरा सहयोग देने के लिए तैयार हैं और उन्होंने कभी भी पुलिस जांच से इंकार नहीं किया, उनका कहना है कि यदि किसी सदस्य के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य हैं तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए, लेकिन पूरे परिवार को संदेह के आधार पर प्रताडि़त करना उचित नहीं है।
हम न्यायपालिका पर भरोसा करते हैं,भीड़ पर नहीं…
परिवार के सदस्यों का कहना है कि उन्हें भारतीय न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है,उनका कहना है कि किसी भी व्यक्ति का दोष या निर्दोष होना न्यायालय तय करता है,न कि सड़क पर जुटी भीड़,परिजनों का कहना है कि यदि कानून उन्हें दोषी मानता है तो वे न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष रखेंगे,लेकिन किसी सामाजिक या जन दबाव के आधार पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
परिवार बोला- रोज-रोज की प्रताड़ना से तंग आ चुके हैं-
आईसी मार्ट परिवार का कहना है कि आत्महत्या मामले के बाद से लगातार उनके घर के लोगों को पूछताछ के नाम पर बुलाया जा रहा है, परिवार का आरोप है कि यदि पुलिस के पास किसी के विरुद्ध साक्ष्य हैं तो उसे गिरफ्तार करे, लेकिन महिलाओं और बच्चों को लगातार थाने में बैठाना मानसिक प्रताड़ना है, परिवार के सदस्यों का कहना है कि यदि पूरे परिवार को आरोपी मानना है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए, लेकिन रोज-रोज बुलाकर अपमानित न किया जाए, इन आरोपों पर पुलिस की ओर से अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
महेंद्र बैद का आवेदन बना नया केंद्र
घटनाक्रम के बीच आईसी मार्ट संचालक के भाई महेंद्र कुमार बैद द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिया गया आवेदन अब चर्चा का विषय बन गया है, आवेदन में कहा गया है कि 19 जुलाई 2026 को दोपहर लगभग 3ः40 बजे आईसी मार्ट के सामने लगभग 200 या उससे अधिक लोगों की भीड़ एकत्र हुई, आवेदन के अनुसार भीड़ ने नारेबाजी, गाली-गलौज, हिंसक प्रदर्शन किया और प्रतिष्ठान पर पथराव किया। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि पेट्रोल बम से हमला करने का प्रयास किया गया, जिससे प्रतिष्ठान, कर्मचारियों और परिवार की जान-माल को खतरा उत्पन्न हुआ।
रोज-रोज की प्रताड़ना से
अच्छा एक बार कार्रवाई कर दें…

परिवार के एक सदस्य ने भावुक होकर कहा कि यदि पुलिस को लगता है कि पूरा परिवार दोषी है तो सभी को एक साथ जेल भेज दिया जाए,लेकिन रोज-रोज महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को थाने बुलाकर मानसिक रूप से प्रताडि़त न किया जाए,उनका कहना है कि लगातार पूछताछ और दबाव के कारण परिवार के सभी सदस्य मानसिक रूप से टूट चुके हैं।
पुलिस की विवेचना पर भी उठाए सवाल
परिवार का दावा है कि घटना को लगभग दस दिन बीत चुके हैं,लेकिन अभी तक आत्महत्या के वास्तविक कारणों को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आई है,उनका आरोप है कि विवेचना का पूरा ध्यान फरार आरोपियों के बजाय परिवार पर दबाव बनाने पर केंद्रित दिखाई दे रहा है, हालांकि पुलिस की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी सार्वजनिक नहीं की गई है।
यह स्वतः नहीं,पूर्व नियोजित प्रदर्शन था…
महेंद्र बैद ने अपने आवेदन में दावा किया है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों का एक साथ पहुंचना इस बात की ओर संकेत करता है कि प्रदर्शन पूर्व नियोजित और संगठित था,उन्होंने पुलिस से मांग की है कि यह जांच की जाए कि भीड़ किसने जुटाई,किसके कहने पर लोग आए और प्रदर्शन को उग्र बनाने में किन लोगों की भूमिका थी।
नाबालिगों को शामिल करने का भी आरोप
आवेदन में कहा गया है कि प्रदर्शन में कुछ नाबालिग बच्चों को भी शामिल किया गया था, यदि जांच में यह तथ्य सही पाया जाता है तो इसकी भी अलग से जांच की जानी चाहिए।
सीसीटीवी और मोबाइल वीडियो सुरक्षित रखने की मांग…
महेंद्र बैद ने पुलिस से आग्रह किया है कि घटना से जुड़े सभी सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो, फोटोग्राफ और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को तत्काल सुरक्षित किया जाए ताकि किसी भी साक्ष्य के नष्ट होने की संभावना न रहे, उनका कहना है कि इन्हीं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर वास्तविक दोषियों की पहचान की जा सकती है।
एफआईआर दर्ज करने की मांग…
आवेदन में महेंद्र बैद ने आग्रह किया है कि उनके आवेदन को प्रथम सूचना रिपोर्ट के रूप में दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता के प्रासंगिक प्रावधानों तथा अन्य लागू धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया जाए और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
पुलिस का पक्ष आना बाकी
समाचार लिखे जाने तक पुलिस की ओर से परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी, मामले की विवेचना जारी है और फरार आरोपियों की तलाश भी पुलिस द्वारा की जा रही है।
पुलिस समय पर हस्तक्षेप करती तो शायद जान बच सकती थी…
परिवार का यह भी दावा है कि घटना से पहले पुलिस को जानकारी मिली थी और संबंधित प्रतिष्ठान में पुलिस की मौजूदगी भी हुई थी, उनका कहना है कि यदि उस समय प्रभावी हस्तक्षेप किया जाता तो संभव है कि आगे की दुखद घटना टल सकती थी, यह परिवार का दावा है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
क्या विरोध प्रदर्शन
कानून की सीमा में रहा?

महेंद्र बैद के आवेदन ने अब एक नया सवाल खड़ा कर दिया है, यदि प्रदर्शन के दौरान वास्तव में पथराव,हिंसा या भय का वातावरण बनाने जैसी घटनाएं हुई हैं, तो उनकी अलग से जांच होगी या नहीं? दूसरी ओर प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि उनका उद्देश्य मृत छात्रा को न्याय दिलाने की मांग करना था,ऐसे में अब पुलिस को दोनों पक्षों के दावों की जांच करनी होगी।
पुलिस के सामने दोहरी जिम्मेदारी
अब पुलिस के सामने दो महत्वपूर्ण चुनौतियां हैं पहली,आत्महत्या प्रकरण की निष्पक्ष विवेचना पूरी करना और फरार आरोपियों को गिरफ्तार करना, दूसरी,19 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान यदि कानून-व्यवस्था भंग हुई, पथराव या अन्य आपराधिक घटनाएं हुईं,तो उनकी भी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करना।
शहर में बढ़ी चर्चा,सभी
की नजर पुलिस पर

आईसी मार्ट प्रकरण अब केवल आत्महत्या के मामले तक सीमित नहीं रह गया है, इसमें पुलिस की विवेचना,व्यापारियों की नाराजगी,परिवार पर कथित दबाव,सार्वजनिक प्रदर्शन और अब प्रदर्शन के दौरान कथित हिंसा से जुड़े आरोप भी शामिल हो गए हैं,व्यापारी समाज चाहता है कि निर्दोष लोगों को परेशान न किया जाए,वहीं मृत छात्रा के पक्ष में प्रदर्शन करने वाले लोग दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस विवेचना और महेंद्र बैद के आवेदन पर आगे क्या कदम उठाती है।


Share

Check Also

बैकुंठपुर@भाजपा जिला कोरिया की संगठनात्मक बैठक सम्पन्न, बूथ से शक्ति केंद्र तक संगठन मजबूत करने पर जोर

Share मंडलवार समीक्षा,आगामी कार्यक्रमों की रणनीति तैयार,बैठकों में उपस्थिति को लेकर भी जारी हुए निर्देश …

Leave a Reply