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अंबिकापुर/लखनपुर@सड़क पर धान रोपकर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा,10 साल से बदहाल रास्ते के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन

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पंडोपारा के ग्रामीणों ने कीचड़ बनी सड़क को बनाया खेत, बोले- चुनाव में वादे, बाद में भूल जाते हैं जनप्रतिनिधि
-संवाददाता-
अंबिकापुर/लखनपुर,18 जुलाई 2026 (घटती-घटना)। सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत पुहपुटरा के आश्रित ग्राम चिलबिल स्थित पंडोपारा के ग्रामीणों ने वर्षों से बदहाल सड़क के विरोध में शुक्रवार को अनोखा प्रदर्शन किया। ग्राम पुहपुटरा से पंडोपारा होते हुए सिंगीटाना जाने वाली जर्जर सड़क पर ग्रामीणों ने धान की रोपाई कर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ अपना आक्रोश जताया। सड़क की हालत इतनी खराब है कि बरसात में वह खेत जैसी दिखाई देने लगती है। इसी स्थिति को प्रतीकात्मक रूप देते हुए ग्रामीणों ने सड़क को ही धान का खेत बना दिया। ग्रामीणों का कहना है कि करीब एक दशक से इस सड़क के निर्माण की मांग लगातार की जा रही है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। उनका आरोप है कि यह क्षेत्र प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल के विधानसभा क्षेत्र में आता है, बावजूद इसके सड़क निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई। चुनाव के समय सड़क बनाने के वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही जनप्रतिनिधि इस समस्या को भूल जाते हैं।
बरसात में बन जाती है कीचड़ की दलदल
ग्रामीणों ने बताया कि बारिश शुरू होते ही सड़क पूरी तरह कीचड़ और जलभराव से भर जाती है। बड़े-बड़े गड्ढों के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। स्कूली बच्चे रोजाना फिसलकर गिरते हैं, जबकि दोपहिया वाहन चालकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे हालात में ग्रामीणों ने सड़क पर धान की रोपाई कर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की।
पंडो परिवारों की बढ़ी मुश्किलें,एंबुलेंस भी नहीं पहुंच पाती
ग्रामीणों के अनुसार इस मार्ग से जुड़े क्षेत्र में विशेष पिछड़ी जनजाति पंडो समुदाय के करीब 10 परिवार निवास करते हैं। सड़क की बदहाली के कारण इन परिवारों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित है। सबसे गंभीर स्थिति तब होती है, जब किसी मरीज या गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना पड़ता है। सड़क खराब होने के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती,जिससे ग्रामीणों को मरीजों को खाट पर उठाकर एक से दो किलोमीटर तक पैदल ले जाना पड़ता है।
मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क की समस्या से सरपंच, सचिव और संबंधित विभागीय अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन हर बार केवल अस्थायी मरम्मत कर औपचारिकता पूरी कर दी गई। स्थायी निर्माण नहीं होने के कारण हर बारिश में सड़क फिर से जर्जर हो जाती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सड़क निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। अब इस अनोखे विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन और जनप्रतिनिधि ग्रामीणों की वर्षों पुरानी समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाते हैं, इस पर सभी की नजर रहेगी।


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