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खड़गवां @ बारिश के गंदे पानी में खेलते दिखे छात्रावास के बच्चे,सुरक्षा व्यवस्था पर उठा गंभीर सवाल

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लकड़ापारा छात्रावास में जलभराव के बीच बच्चों की मस्ती का वीडियो चर्चा में…ग्रामीणों ने अधीक्षक की रात्रिकालीन अनुपस्थिति का लगाया आरोप
-राजन्ेद्र शर्मा-
खड़गवां,18 जुलाई 2026 (घटती-घटना)।
विकासखंड खड़गवां के लकड़ापारा छात्रावास से सामने आई तस्वीरों और वीडियो ने छात्रावास की सुरक्षा एवं प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, बारिश के बाद छात्रावास परिसर में गंदा पानी भर गया, जिसमें कई बच्चे खेलते और मस्ती करते नजर आए। इस दृश्य ने बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और छात्रावास की निगरानी व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि छात्रावास के अधीक्षक रात्रिकालीन समय में छात्रावास में उपस्थित नहीं रहते, जिसके कारण बच्चों की देखरेख प्रभावी ढंग से नहीं हो पाती, ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थिति नई नहीं है, बल्कि लंबे समय से छात्रावास का संचालन इसी तरह किया जा रहा है, यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह छात्रावास संचालन से जुड़े नियमों के पालन पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
गंदे पानी में खेलते बच्चे,स्वास्थ्य पर मंडराया खतरा-बारिश के बाद परिसर में जमा गंदे पानी में बच्चों के खेलने से संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है, ऐसे जलभराव वाले स्थानों पर मच्छरों का प्रजनन तेजी से होता है,जिससे डेंगू,मलेरिया जैसी बीमारियों का जोखिम बढ़ता है,इसके अलावा त्वचा संबंधी संक्रमण, डायरिया और अन्य जलजनित रोगों की आशंका भी बनी रहती है,ऐसे में सवाल उठता है कि बच्चों को इन खतरों से बचाने की जिम्मेदारी किसकी है।
निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल- ग्रामीणों का कहना है कि यदि छात्रावास में जिम्मेदार अधिकारी या अधीक्षक नियमित रूप से मौजूद रहें,तो बच्चों को इस तरह जोखिम भरी परिस्थितियों में खेलने से रोका जा सकता है। उनका आरोप है कि निगरानी के अभाव में बच्चे बिना रोक-टोक परिसर में इधर-उधर घूमते और जलभराव वाले स्थानों पर खेलते रहते हैं।
बच्चों की सुरक्षा और भविष्य को लेकर चिंता-छात्रावासों की स्थापना का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण,अनुशासित जीवन और बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना है,यदि परिसर में स्वच्छता, सुरक्षा और निगरानी जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं में लापरवाही बरती जाती है,तो इसका सीधा असर बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य पर पड़ सकता है,इसलिए विशेषज्ञ भी छात्रावासों में नियमित निगरानी और साफ-सफाई को अत्यंत आवश्यक मानते हैं।
प्रशासन से उठे कई सवाल…
इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर कई सवाल उठ रहे हैं क्या छात्रावास में अधीक्षक की रात्रिकालीन उपस्थिति की जांच होगी? क्या शिक्षा विभाग और आदिम जाति विकास विभाग पूरे मामले की जांच कराएंगे? बारिश के पानी की निकासी और परिसर की साफ-सफाई की उचित व्यवस्था क्यों नहीं की गई? बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?
ग्रामीणों ने की जांच की मांग…
ग्रामीणों ने छात्रावास की निष्पक्ष जांच कराने, अधीक्षक की उपस्थिति का सत्यापन करने तथा परिसर में जलनिकासी और सुरक्षा व्यवस्था सुधारने की मांग की है,उनका कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक सुधार नहीं किए गए तो भविष्य में कोई अप्रिय घटना भी हो सकती है, हालांकि,अधीक्षक या संबंधित विभाग का पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका, उनका पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।


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