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अम्बिकापुर@सरगुजा की सड़कों पर मौत का तांडव : एक ही रात में चार जिंदगियां खत्म,आखिर कब जागेगा प्रशासन?

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मैनपाट में आमने-सामने भिड़ीं दो बाइक,तीन युवकों की मौत,बतौली में ट्रक ने ली महिला की जान,सड़क सुरक्षा के दावों पर उठे सवाल

-संवाददाता-
अम्बिकापुर,11 जुलाई 2026 (घटती-घटना)। सरगुजा जिले में शुक्रवार की रात हुए दो भीषण सड़क हादसों ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन की तमाम बैठकों,अभियानों और दावों का जमीनी असर कहां दिखाई देता है? मैनपाट और बतौली में हुए दो अलग-अलग हादसों में तीन युवकों और एक महिला सहित चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति घायल हो गया। इन घटनाओं ने कई परिवारों की खुशियां पलभर में छीन लीं।
मैनपाट की सड़क बनी मौत का मैदान कमलेश्वरपुर थाना क्षेत्र के नवापारा-नर्मदापुर मार्ग पर दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर इतनी भयावह थी कि तीन युवकों की जान चली गई। सीतापुर के मलसायपारा कोट निवासी विफल माझी (21) और गुड्डू राम (22) मैनपाट घूमकर लौट रहे थे। दूसरी ओर लुण्ड्रा निवासी अर्जुन लोहार (23) अपने ससुराल नर्मदापुर जा रहा था। तेज रफ्तार में हुई सीधी भिड़ंत ने तीनों परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया। गुड्डू राम और अर्जुन लोहार ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल विफल माझी को मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर ले जाया गया,जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
एनएच पर बेलगाम भारी वाहन, कब होगी सख्ती? बतौली क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार लंबे समय से चिंता का विषय रही है। कई बार हादसे होने के बावजूद ओवरस्पीड ट्रकों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं दिखता। दुर्घटना के बाद चालक का फरार हो जाना भी निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
बयान से नहीं,जमीन पर बदलाव चाहिए : हाल के महीनों में जिला सड़क सुरक्षा समिति की कई बैठकें हुईं, अधिकारियों ने दुर्घटनाएं कम करने के दावे भी किए,लेकिन वास्तविकता यह है कि सड़कें लगातार लोगों की जान ले रही हैं। यदि हादसे उसी रफ्तार से होते रहे तो बैठकों और निर्देशों का औचित्य भी सवालों के घेरे में रहेगा। चार मौतें केवल आंकड़े नहीं हैं,बल्कि चार परिवारों की ऐसी त्रासदी हैं जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। अब जरूरत केवल जांच और मर्ग कायम करने की नहीं,बल्कि सड़क सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर समीक्षा, जवाबदेही तय करने और प्रभावी कार्रवाई की है, ताकि किसी और परिवार को ऐसी असमय मौत का दर्द न झेलना पड़े।
बतौली में अज्ञात ट्रक का कहर
इसी दिन बतौली थाना क्षेत्र के सेदम बाजार के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर अज्ञात ट्रक ने बाइक सवार दंपती को टक्कर मार दी। हादसे में रीता एक्का (48) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके पति सुखन एक्का घायल हो गए। दुर्घटना के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
सिर्फ कार्रवाई नहीं…जवाबदेही भी तय होनी चाहिए…
हर बड़े हादसे के बाद पुलिस तेज रफ्तार, लापरवाही या अंधेरे को कारण बताकर जांच शुरू करने की बात कह देती है। लेकिन सवाल यह है कि यदि लगातार तेज रफ्तार हादसों की वजह बन रही है तो उसे रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही? मैनपाट जैसे पर्यटन स्थल पर हर सप्ताह बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं, लेकिन रात के समय सड़क सुरक्षा,पर्याप्त रोशनी,गति नियंत्रण और पुलिस निगरानी की व्यवस्था अब भी अपर्याप्त नजर आती है।
ब्लैक स्पॉट सुधारें,सड़क हादसे रोकें : आईजी
यातायात समीक्षा बैठक में दिए निर्देश,डायल-112 के रिस्पॉन्स टाइम और ई-चालान व्यवस्था पर भी जोर
सरगुजा रेंज में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और आपातकालीन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा ने शनिवार को यातायात नोडल अधिकारियों एवं ई-डीएआर के डीआरएम सदस्यों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में ब्लैक स्पॉट,डायल-112 के रिस्पॉन्स टाइम,ई-चालान व्यवस्था तथा सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई। आईजी ने निर्देश दिए कि दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट पर संबंधित विभागों के समन्वय से सड़क सुधार,चेतावनी संकेतक,रिफ्लेक्टिव साइन बोर्ड, रोड मार्किंग और रंबल स्टि्रप्स जैसे सुरक्षा उपाय प्राथमिकता से किए जाएं। उन्होंने बताया कि एनएच-43 के नावापारा,सम्राट पेट्रोल पंप और लुण्ड्रा चौक पर किए गए सुधारों से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई है। इसी मॉडल को रेंज के अन्य जिलों में भी लागू करने के निर्देश दिए गए। बैठक में डायल-112 के रिस्पॉन्स टाइम को और बेहतर बनाने पर जोर देते हुए आईजी ने कहा कि सड़क हादसों में प्रत्येक मिनट महत्वपूर्ण होता है। इसलिए पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाए और निजी एम्बुलेंस सेवाओं में जीपीएस ट्रैकिंग एवं बेहतर समन्वय विकसित किया जाए। उन्होंने सभी जिलों में ई-चालान प्रणाली का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने,जशपुर की तर्ज पर गांवों,स्कूल-कॉलेजों, हाट-बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर यातायात जागरूकता अभियान चलाने तथा केंद्र सरकार की ‘राह-वीर योजना’ का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश दिए। आईजी ने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए तकनीक,जागरूकता और त्वरित आपातकालीन सहायता—तीनों पर समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है।


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