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मनेंद्रगढ़ (एमसीबी)@ जंगल में कथित जुआ,गांव में चर्चा और पुलिस पर सवाल… आखिर सच क्या है?

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  • तस्वीरों ने खोली कथित जुआ फड़ की परतें!
  • परसगढ़ी-रापाखेरवा में बड़े खेल की चर्चा,
  • पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
  • जंगल में कथित जुआ फड़ का खेल? तस्वीरें सामने आने के बाद जांच की मांग तेज
  • परसगढ़ी-रापाखेरवा में कथित जुआ फड़ की चर्चा,
  • तस्वीरों के बाद एसपी से निष्पक्ष जांच की मांग
  • तस्वीरों में दिखी भीड़ और नकदी,ग्रामीण बोले… जंगल में लंबे समय से चल रहा कथित जुआ फड़
  • कथित जुआ फड़ पर तस्वीरों से मचा बवाल, ग्रामीणों ने उठाए पुलिस की सक्रियता पर सवाल
  • जंगल में जुटती भीड़, लाखों के दांव की चर्चा… परसगढ़ी-रापाखेरवा के कथित जुआ फड़ की जांच कब?
  • कथित जुआ फड़ का बड़ा खेल या सिर्फ अफवाह? तस्वीरों ने बढ़ाई हलचल,निष्पक्ष जांच की उठी मांग
  • ग्रामीणों का दावा—सुनसान इलाके में नियमित जुटती है भीड़,तीन युवकों के संचालन की चर्चा
  • तस्वीरों और शिकायतों के आधार पर निष्पक्ष जांच की मांग, पुलिस की सक्रियता भी सवालों के घेरे में…

-संवाददाता-
मनेंद्रगढ़ (एमसीबी),11 जुलाई 2026 (घटती-घटना)।
मनेंद्रगढ़ सिटी कोतवाली क्षेत्र के परसगढ़ी और रापाखेरवा गांव इन दिनों कथित जुआ फड़ के संचालन को लेकर चर्चा में हैं, क्षेत्र से सामने आई कुछ तस्वीरों के बाद स्थानीय स्तर पर यह मामला तेजी से चर्चा का विषय बन गया है,तस्वीरों में जंगल के बीच बड़ी संख्या में लोग चादर बिछाकर बैठे दिखाई दे रहे हैं,कुछ लोगों के हाथों में नकदी जैसी वस्तुएं भी दिखाई दे रही हैं, इन्हीं तस्वीरों के आधार पर स्थानीय ग्रामीण दावा कर रहे हैं कि यहां लंबे समय से बड़े स्तर पर कथित जुए का फड़ संचालित हो रहा है, हालांकि,केवल तस्वीरों के आधार पर किसी भी व्यक्ति या गतिविधि को अवैध घोषित नहीं किया जा सकता,इन दावों की पुष्टि सक्षम जांच के बाद ही संभव है, इसके बावजूद स्थानीय लोगों की शिकायतों ने पुलिस की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों का दावा—सुनसान जंगलों में नियमित रूप से जुटती है भीड़-स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि परसगढ़ी और रापाखेरवा के आसपास स्थित सुनसान इलाकों में नियमित रूप से बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होते हैं,उनका आरोप है कि यहां हजारों से लेकर लाखों रुपये तक के दांव लगाए जाते हैं और यह गतिविधि कोई नई नहीं बल्कि लंबे समय से चल रही है,ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह केवल सामान्य बैठक होती तो इतनी बड़ी संख्या में लोगों और वाहनों की आवाजाही लगातार नहीं होती। उनका आरोप है कि इस गतिविधि से आसपास के गांवों का सामाजिक माहौल भी प्रभावित हो रहा है।
तीन युवकों के संचालन का दावा,लेकिन जांच के बाद ही होगी पुष्टि
सूत्रों के अनुसार,स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि कथित जुआ फड़ का संचालन मुकेश यादव,रवि और आकाश नामक तीन युवक करते हैं,हालांकि,इस संबंध में अभी तक पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और न ही किसी के विरुद्ध इस मामले में अपराध दर्ज होने की जानकारी सामने आई है,ऐसे में इन नामों का उल्लेख केवल स्थानीय दावों और सूत्रों के आधार पर है, इनकी सत्यता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
सबसे बड़ा सवाल—क्या स्थानीय पुलिस को नहीं थी जानकारी?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा प्रश्न स्थानीय पुलिस की सक्रियता को लेकर उठ रहा है, ग्रामीणों का कहना है कि यदि जंगलों में नियमित रूप से दर्जनों वाहन पहुंचते हैं, घंटों तक भीड़ जुटती है और कथित रूप से बड़े पैमाने पर लेन-देन होता है,तो क्या इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस को नहीं हो सकती? लोगों का कहना है कि यदि पुलिस को जानकारी नहीं थी, तो यह निगरानी व्यवस्था पर प्रश्न है, और यदि जानकारी थी, तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई—यह भी जांच का विषय है।
जुए से बर्बाद हो रहे परिवार,ग्रामीणों ने जताई चिंता
ग्रामीणों का कहना है कि कथित जुए की वजह से कई परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं,उनका आरोप है कि गांवों के युवा तेजी से इस ओर आकर्षित हो रहे हैं,जिससे मेहनत की कमाई दांव पर लग रही है,इससे सामाजिक तनाव और पारिवारिक विवाद भी बढ़ने की आशंका है,लोगों का मानना है कि यदि समय रहते ऐसी गतिविधियों पर रोक नहीं लगी,तो इसका असर आने वाले समय में कानून-व्यवस्था और सामाजिक माहौल पर भी पड़ सकता है।
तस्वीरें बनीं चर्चा का आधार, लेकिन निष्पक्ष जांच जरूरी
सामने आई तस्वीरों ने निश्चित रूप से कई सवाल खड़े किए हैं,लेकिन केवल तस्वीरों के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा,यह पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वे इन तस्वीरों, स्थानीय शिकायतों और उपलब्ध तथ्यों की निष्पक्ष जांच करें,यदि जांच में यह सामने आता है कि वास्तव में वहां अवैध जुआ संचालित हो रहा था,तो संबंधित संचालकों के साथ-साथ यदि किसी स्तर पर संरक्षण मिला हो, तो उसकी भी जांच होनी चाहिए।
ग्रामीणों की मांग—एसपी स्तर से हो जांच
क्षेत्र के लोगों ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है,उनका कहना है कि यदि परसगढ़ी और रापाखेरवा में कथित जुआ फड़ का संचालन हो रहा है,तो इसके पीछे काम कर रहे लोगों और यदि किसी प्रकार का संरक्षण प्राप्त है तो उसकी भी जांच की जाए, लोगों का कहना है कि निष्पक्ष कार्रवाई से ही जनता का पुलिस पर विश्वास मजबूत होगा और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लग सकेगी।
अब निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर…
फिलहाल पूरा मामला स्थानीय लोगों के आरोपों, सामने आई तस्वीरों और सूत्रों से मिली जानकारी पर आधारित है, अब यह पुलिस की जांच पर निर्भर करेगा कि तस्वीरों और शिकायतों में कितनी सच्चाई है, यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल कथित संचालकों पर कार्रवाई का आधार बनेगा, बल्कि स्थानीय निगरानी व्यवस्था और पुलिस की सक्रियता पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करेगा।


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