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अंबिकापुर@सरगुजा संभाग में किरायेदारों, बाहरी और संदिग्ध व्यक्तियों का होगा व्यापक सत्यापन अभियान

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आईजी दीपक कुमार झा के निर्देश के बाद सभी जिलों में पुलिस करेगी विशेष जांच, आम जनता से भी मांगी गई गोपनीय सूचना


अंबिकापुर 11 जुलाई 2026 (घटती-घटना)। सरगुजा संभाग में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से पुलिस ने बड़े स्तर पर विशेष सत्यापन अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है, पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा ने संभाग के सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी करते हुए जिलों में निवासरत किरायेदारों, बाहरी व्यक्तियों, संदिग्ध लोगों, मुसाफिरों, दीगर राज्यों के फरार आरोपियों तथा असामाजिक तत्वों का व्यापक सत्यापन अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं, इस अभियान के तहत प्रत्येक जिले में पुलिस टीम घर-घर जाकर जानकारी एकत्रित करेगी और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखेगी।
साबीर आलम प्रकरण के बाद लिया गया बड़ा फैसला- पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि हाल ही में सरगुजा पुलिस के संज्ञान में एक गंभीर मामला आया, जिसमें झारखंड के धनबाद (वासेपुर) का कुख्यात गैंगस्टर साबीर आलम वर्षों तक अंबिकापुर में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था, पुलिस के अनुसार, साबीर आलम पर वर्ष 2001 में धनबाद के वासेपुर में गैंगस्टर फहीम खान की मां और मौसी की दिनदहाड़े हत्या का आरोप था, इस मामले में झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा उसे भगोड़ा घोषित किया गया था, जांच में सामने आया कि आरोपी वर्ष 2013 से अंबिकापुर के मोमिनपुरा क्षेत्र में बस कंपनी और सिलाई दुकान की आड़ में अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर रह रहा था, पुलिस का कहना है कि इस दौरान उसे स्थानीय स्तर पर शरण और सहयोग मिलने के संकेत भी मिले हैं, इसी घटना को गंभीरता से लेते हुए आईजी ने पूरे संभाग में व्यापक सत्यापन अभियान चलाने का निर्णय लिया है, ताकि भविष्य में कोई फरार अपराधी या संदिग्ध व्यक्ति पहचान छिपाकर लंबे समय तक नहीं रह सके।
बीटवार और वार्डवार चलेगा अभियान- आईजी दीपक कुमार झा ने निर्देश दिया है कि प्रत्येक शहरी थाना क्षेत्र को बीट और वार्ड के अनुसार विभाजित किया जाए तथा प्रत्येक क्षेत्र के लिए जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी नियुक्त किए जाएं, बीट प्रभारी अपने क्षेत्र में रहने वाले सभी किरायेदारों, बाहरी व्यक्तियों, संदिग्ध लोगों, होटलों, लॉज, ढाबों, ईंट भट्ठों, उद्योगों एवं कारखानों में कार्यरत श्रमिकों, फेरीवालों, घुमंतू व्यक्तियों तथा मुसाफिरों का सत्यापन करेंगे, प्रत्येक व्यक्ति की पहचान, निवास और पृष्ठभूमि का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।
मकान मालिकों की भी होगी जवाबदेही- पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मकान मालिकों को अपने यहां रहने वाले प्रत्येक किरायेदार की पूरी जानकारी पुलिस को उपलब्ध करानी होगी, यदि कोई मकान मालिक किरायेदार की जानकारी देने से इंकार करता है या सहयोग नहीं करता, तो उसके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी, पुलिस का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति बिना सत्यापन के किराये के मकान में निवास न कर सके।
गुंडा बदमाशों और जिला बदर अपराधियों पर भी रहेगी नजर– सत्यापन अभियान केवल किरायेदारों तक सीमित नहीं रहेगा, थाना एवं चौकी क्षेत्रों में निगरानीशुदा बदमाशों, गुंडा सूची में शामिल अपराधियों तथा जिला बदर किए गए व्यक्तियों की भी नियमित जांच की जाएगी, इसके अलावा अन्य राज्यों से फरार होकर आने वाले अपराधियों और असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
हर जिले में बनेगा नोडल अधिकारी– आईजी ने निर्देश दिया है कि प्रत्येक जिले में एक राजपत्रित अधिकारी को इस अभियान का नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए, अभियान के दौरान की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट संबंधित पुलिस अधीक्षक के माध्यम से नियमित रूप से पुलिस मुख्यालय को भेजी जाएगी।
जनता से सहयोग की अपील, सूचना देने वाले की पहचान रहेगी गोपनीय- पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आसपास रहने वाले लोगों की सही जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराने में सहयोग करें, यदि किसी वार्ड, मोहल्ले या गांव में कोई संदिग्ध व्यक्ति, अपराधी प्रवृत्ति का व्यक्ति अथवा दूसरे राज्य का फरार आरोपी रह रहा हो, तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें, पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति (सूचक) का नाम और पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि बिना किसी भय के नागरिक कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग कर सकें।
अपराध रोकथाम और सुरक्षा को मिलेगी मजबूती- पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस विशेष सत्यापन अभियान से न केवल फरार अपराधियों की पहचान आसान होगी, बल्कि बाहरी और संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर भी प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी, इससे सरगुजा संभाग में अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।


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