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मनेंद्रगढ़ (एमसीबी)@ बीपीसीएल की जेसीबी बनी काल

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  • युवक की मौत के बाद थाने के सामने शव रखकर प्रदर्शन,दो घंटे बाद पहुंचे थाना प्रभारी
  • सड़क पर मौत,थाने में धरना और देर से पहुंचे प्रभारी,बीपीसीएल परियोजना ने फिर खड़े किए बड़े सवाल
  • बीपीसीएल की लापरवाही या सिस्टम की नाकामी? जेसीबी हादसे में युवक की मौत, थाने के सामने शव रखकर न्याय की गुहार
  • गैस लाइन से ज्यादा ‘खतरे की लाइन’! बीपीसीएल की जेसीबी ने ली युवक की जान, प्रदर्शन के बीच पुलिस की तत्परता भी…
  • विकास की कीमत या लापरवाही का परिणाम? बीपीसीएल की जेसीबी से युवक की मौत, जनता सड़क पर…पुलिस दो घंटे बाद
  • गलत दिशा से आ रही जेसीबी की टक्कर से एक युवक की मौत,दूसरा गंभीर,परिजनों ने एफआईआर,मुआवजे और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग को लेकर किया प्रदर्शन

संवाददाता
मनेंद्रगढ़ (एमसीबी),11 जुलाई 2026 (घटती-घटना)।
भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की गैस पाइपलाइन परियोजना के दौरान एक और दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया,पाइपलाइन कार्य में लगी एक जेसीबी की टक्कर से एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया, हादसे के बाद मृतक के परिजन और ग्रामीण 11 जुलाई को शव लेकर मनेंद्रगढ़ कोतवाली पहुंच गए और सुबह करीब 10 बजे से थाना परिसर के सामने धरने पर बैठ गए, प्रदर्शन के दौरान एक और मुद्दा चर्चा का विषय बन गया,स्थानीय लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जब थाने के सामने शव रखकर प्रदर्शन चल रहा था, तब कोतवाली थाना प्रभारी लगभग दो घंटे बाद, दोपहर 12 बजे के बाद मौके पर पहुंचे,इसे लेकर पुलिस की तत्परता पर भी सवाल उठाए गए,वहीं बीपीसीएल की गैस पाइपलाइन परियोजना के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी,अधूरी सड़क मरम्मत और निर्माण कार्यों के बीच पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के आरोप भी फिर से चर्चा में आ गए हैं। पूरे घटनाक्रम ने निर्माण एजेंसी की जवाबदेही के साथ-साथ पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली पर भी गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
थाने के सामने शव रखकर प्रदर्शन, एफआईआर और मुआवजे की मांग-11 जुलाई की सुबह मृतक के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण शव लेकर मनेंद्रगढ़ कोतवाली पहुंचे,उन्होंने शव को थाने के सामने रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया,प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि आरोपी चालक को तत्काल गिरफ्तार किया जाए,बीपीसीएल कंपनी की जिम्मेदारी तय की जाए तथा मृतक के परिवार को उचित आर्थिक सहायता और न्याय दिया जाए।
धरना शुरू होने के दो घंटे बाद पहुंचे थाना प्रभारी,उठे सवाल-प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई,स्थानीय लोगों और कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सुबह लगभग 10 बजे से प्रदर्शन शुरू हो चुका था,लेकिन कोतवाली थाना प्रभारी दोपहर लगभग 12 बजे के बाद मौके पर पहुंचे,प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब थाना परिसर के सामने शव रखकर बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन कर रहे थे,तब थाना प्रभारी की तत्काल उपस्थिति अपेक्षित थी, उनके विलंब से पहुंचने पर कांग्रेस नेताओं ने भी विरोध जताया और इसे संवेदनशील मामलों में पुलिस की प्रतिक्रिया पर गंभीर प्रश्न बताया,सूत्रों के अनुसार यह भी चर्चा है कि थाना प्रभारी कथित रूप से मुख्यालय के बजाय चिरमिरी से आना-जाना करते हैं। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यदि ऐसा है, तो यह भी प्रश्न उठता है कि किसी आकस्मिक या कानून-व्यवस्था की स्थिति में त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया कैसे सुनिश्चित होगी, लगातार बातचीत और प्रशासन के आश्वासन के बाद लगभग ढाई बजे प्रदर्शन समाप्त हुआ।
रेस्टोरेंट से घर लौटते समय हुआ हादसा
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार घटना 10 जुलाई 2026 की रात लगभग 8ः20 बजे की है,शिकायतकर्ता ने बताया कि वह अपने साथी राघवेंद्र और सागर के साथ पंकज रेस्टोरेंट में काम समाप्त कर घर लौट रहा था,राघवेंद्र स्कूटी चला रहा था और पीछे सागर बैठा था। दोनों जैसे ही आस्था रेस्टोरेंट के पास पहुंचे, सामने से कथित रूप से गलत दिशा से तेज रफ्तार में आ रही जेसीबी (क्रमांक MP-65-DA-0197) ने स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी, टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूटी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे।
एक युवक की मौके पर मौत, दूसरा अंबिकापुर रेफर
घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने दोनों घायलों को तत्काल मनेंद्रगढ़ अस्पताल पहुंचाया,चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद राघवेंद्र को मृत घोषित कर दिया,जबकि गंभीर रूप से घायल सागर को बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, इस घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया।
आरोपी चालक के खिलाफ अपराध दर्ज
पुलिस ने पीडि़त पक्ष की शिकायत पर आरोपी जेसीबी चालक के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है,मामले की विवेचना जारी है और पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
बीपीसीएल की पाइपलाइन परियोजना पर फिर उठे सवाल
यह हादसा केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं माना जा रहा, बल्कि बीपीसीएल की गैस पाइपलाइन परियोजना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े कर रहा है,स्थानीय लोगों का कहना है कि पाइपलाइन बिछाने के लिए जगह-जगह सड़कें खोद दी गई हैं,लेकिन कई स्थानों पर मरम्मत अधूरी छोड़ दी गई है,सड़क किनारे भारी मशीनें संचालित होती हैं,पर पर्याप्त चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और रात्रिकालीन सुरक्षा संकेत कई जगह दिखाई नहीं देते,लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाता, तो दुर्घटनाओं की संभावना काफी कम हो सकती थी।
पूरे मामले में अबकई महत्वपूर्ण प्रश्न जांच का विषय हैं…
क्या जेसीबी वास्तव में गलत दिशा से संचालित हो रही थी? क्या चालक ने यातायात नियमों का उल्लंघन किया? क्या निर्माण स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था थी? क्या बीपीसीएल परियोजना में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था? क्या पुलिस की प्रतिक्रिया समय पर और पर्याप्त थी? इन सभी प्रश्नों के उत्तर पुलिस विवेचना और प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे, फिलहाल एक परिवार ने अपना बेटा खो दिया है, दूसरा युवक अस्पताल में जिंदगी की लड़ाई लड़ रहा है, और पूरे घटनाक्रम ने विकास कार्यों में सुरक्षा, जवाबदेही और प्रशासनिक तत्परता तीनों पर गंभीर बहस छेड़ दी है।


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