रायपुर,11 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के सरकारी कॉलेजों में कार्यरत हजारों अतिथि व्याख्याताओं के लिए एक राहत भरी खबर है। लंबे समय से चली आ रही ‘पीरियड आधारित’ मानदेय प्रणाली के कारण उत्पन्न विवादों और असंतोष को समाप्त करते हुए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब तक अतिथि व्याख्याताओं को उनके द्वारा पढ़ाए गए पीरियड की संख्या के आधार पर भुगतान किया जाता था, जिसे बदलकर अब ‘दैनिक मानदेय’ प्रणाली लागू की जा रही है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा इस नई व्यवस्था को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं,जिससे अब शिक्षकों को उनकी मेहनत का उचित और निश्चित प्रतिफल प्राप्त होगा। नई प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, अतिथि व्याख्याताओं को अब प्रति पीरियड के बजाय एक निश्चित दैनिक मानदेय दिया जाएगा। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, एक अतिथि व्याख्याता को अब प्रति दिन 2,000 रुपये का मानदेय मिलेगा। इसके साथ ही, एक महीने में अधिकतम मासिक मानदेय की सीमा 50,000 रुपये निर्धारित की गई है। यह बदलाव उन व्याख्याताओं के लिए बहुत बड़ा सहारा साबित होगा, जो अब तक कॉलेज प्रबंधन द्वारा कम पीरियड आवंटित किए जाने के कारण आर्थिक तंगी का सामना कर रहे थे। इस नई नीति से न केवल उनकी आय में स्थिरता आएगी, बल्कि उनके कार्य करने के तौर-तरीकों में भी पारदर्शिता आएगी। वर्तमान प्रणाली में अतिथि व्याख्याताओं को 40-45 मिनट के पीरियड के लिए 400 रुपये और 60 मिनट के पीरियड के लिए 500 रुपये का भुगतान किया जाता था। एक दिन में अधिकतम 4 पीरियड की सीमा होने के कारण उनका पूरा मासिक वेतन इसी आधार पर तय होता था। इस व्यवस्था में सबसे बड़ी समस्या यह थी कि कई बार कॉलेजों में व्याख्याताओं को जानबूझकर पीरियड कम दिए जाते थे, जिससे उनकी मासिक आय सीधे तौर पर प्रभावित होती थी। लंबे समय से अतिथि व्याख्याता संगठन एक निश्चित दैनिक वेतन की मांग कर रहे थे ताकि उन्हें आर्थिक अनिश्चितता से बचाया जा सके।
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