
होली क्रॉस स्कूल में वन महोत्सव,50 पौधों का हुआ रोपण
आईएफएस अधिकारी प्रभाकर टोप्पो ने कहा-वृक्ष बचेंगे तभी बचेगा जीवन,विद्यार्थियों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
-संवाददाता-
अम्बिकापुर,11 जुलाई 202६ (घटती-घटना)।
‘पुष्पपत्रफलच्छाया,
मूलवल्कल दारूभिः।
धन्य महीरुहाः येषां,
विमुखा यान्ति नार्थिनः।। ‘
अर्थात्—वे वृक्ष धन्य हैं,जो अपने फूल, पत्ते,फल,छाया,जड़,छाल और लकड़ी तक से दूसरों का उपकार करते हैं तथा जिनके द्वार से कोई याचक खाली हाथ नहीं लौटता। इसी परोपकार और प्रकृति संरक्षण की भावना को आत्मसात करते हुए होली क्रॉस कॉन्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल (अंग्रेजी माध्यम),अंबिकापुर में शनिवार को वन महोत्सव का आयोजन किया गया। विद्यालय के इको क्लब एवं लिटरेरी क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस अभियान में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए विद्यालय परिसर में लगभग 50 मौलसिरी के पौधों का रोपण किया गया। कार्यक्रम में कोरिया वनमंडल की वनमंडलाधिकारी एवं भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारी श्रीमती प्रभाकर टोप्पो मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। विद्यालय की प्राचार्या डॉ. सि. जेस्सी, शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक वृक्षारोपण कर हरित भविष्य का संकल्प लिया। मुख्य अतिथि श्रीमती प्रभाकर टोप्पो ने विद्यालय को लाल चंदन एवं दहिमन के पौधे भेंट किए। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं,बल्कि आने वाली पीढि़यों के सुरक्षित भविष्य का आधार है। उन्होंने कहा कि यदि वन नहीं बचेंगे तो ग्लोबल वार्मिंग के कारण जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक असंतुलन मानव जीवन के लिए गंभीर संकट बन जाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि लाल चंदन मुख्यतः कर्नाटक और पश्चिमी घाट में पाया जाता है,जबकि दहिमन बैकुंठपुर एवं मनेन्द्रगढ़ क्षेत्र की औषधीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण किंतु विलुप्तप्राय प्रजाति है। ऐसे पौधों का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। विद्यालय की प्राचार्या डॉ. सि. जेस्सी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत प्रत्येक व्यक्ति की व्यक्तिगत जिम्मेदारी से होती है। आज लगाए गए पौधे आने वाले वर्षों में विशाल वृक्ष बनकर विद्यालय को हरियाली,स्वच्छ वातावरण और शीतल छाया प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब ये पौधे विशाल वृक्ष बनेंगे,तब उनकी छांव में खेलने वाली नई पीढ़ी उन विद्यार्थियों को याद करेगी जिन्होंने आज इन्हें रोपा है। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों ने प्रकृति,वन एवं पर्यावरण की रक्षा का सामूहिक संकल्प लिया। पूरे आयोजन में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता रही। विद्यालय प्रबंधन ने भविष्य में भी ऐसे पर्यावरण संरक्षण अभियान निरंतर चलाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
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