भारत-न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट सहित 18 फैसले हुए….
ऑकलैंड,11 जुलाई 2026। पीएम मोदी ने शनिवार को न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में भारतीय समुदाय को संबोधित किया। इस दौरान पीएम ने करीब तीन दशक पुराना किस्सा सुनाया। पीएम ने कहा…25-30 साल पहले जब मैं किसी सरकार का हिस्सा नहीं था,तब मुझे यहां आने का मौका मिला था। उस समय मुझे किसी ने गिफ्ट में 3 चीजें दीं,जो मैं भारत लेकर गया। एक-मफलर, दूसरी-कैप और तीसरा-एक सेट दस्ताना। उसमें भी एक चीज मैं अभी यहां इस कार्यक्रम में भी लेकर आया हूं। इस मफलर को मैंने कई बार इस्तेमाल किया और आज भी संभाल कर रखा है। पीएम ने आगे कहा कि हमारे लिए सामने वाले देश की जनसंख्या नहीं,जनकल्याण की भावना मायने रखती है। और इसलिए हमने न्यूजीलैंड से भी बहुत कुछ सीखा है और अब भी सीख रहे हैं। इस कार्यक्रम के बाद मोदी भारत के लिए रवान हो गए। इससे पहले मोदी ने प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इसमें 18 बड़े फैसले और 10 समझौतों पर साइन किए गए। दोनों नेताओं ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना बढ़ाकर करीब 35 हजार करोड़ करने का लक्ष्य रखा। पीएम मोदी ने कहा…भारतीय पीएम को न्यूजीलैंड आने में 40 साल लगे हैं,अब इतना लंबा इंतजार आपको नहीं करना पड़ेगा। ये मोदी की गारंटी है और मोदी की गारंटी का मतलब गारंटी पूरा होने की गारंटी है।
दूरी हजारों किमी,मगर दिल में हिंदुस्तान बसता है : प्रवासियों भारतीयों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा…हजारों किमी दूर रहते हुए भी आपके दिल के किसी कोने में कहीं न कहीं हिंदुस्तान बसता ही है। शरीर यहां होगा मन भारत में होगा। इसलिए आप भारत की हर उपलब्धि पर भी नजर रखते हैं। जब क्रिकेट स्टेडियम में बैठकर देखते हैं तो बहुत कुछ चीजें छूट जाती हैं लेकिन टीवी पर देखने से हर बारीकी का पता चलता है। वैसे ही आपको भारत की हर बारीकी का पता चलता है।
मोदी बोले…हमने न्यूजीलैंड
से बहुत कुछ सीखा है…
आप सभी जानते हैं कि भारत हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता है जो आज अपनी प्राचीनता को सहेजते हुए आधुनिकता को स्वीकार कर रहा है। हर युग में,हर दौर में भारत ने खुद को ट्रांसफॉर्म किया है। इसका कारण है सीखने की ललक। भारत सबसे सीखता है। हमारे लिए सामने वाले देश की जनसंख्या नहीं, जनकल्याण की भावना मायने रखती है। और इसलिए हमने न्यूजीलैंड से भी बहुत कुछ सीखा है और अब भी सीख रहे हैं। यह वो देश है जिसने सबसे पहले महिलाओं को वोटिंग का अधिकार दिया था। आज हम देखते हैं कि यहां की सोसायटी में महिलाएं बहुत बड़े पैमाने पर योगदान दे रही है। भारत भी महिलाओं के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोल रहा है। रूरल इकॉनोमी कैसे किसी देश की तकदीर बदल सकती है, ये न्यूजीलैंड ने करके दिखाया है। इसकी ताकत एग्रीकल्चर के इर्द-गिर्द बनाया गया। ये बहुत बड़ी प्रेरणा है। भारत जैसे छोटे किसानों वाले बड़े एग्रीकल्चर देश के लिए बहुत बड़ी सीख है। न्यूजीलैंड ने दिखाया है कि छोटे बाजार भी बड़े ब्रांड बन सकते हैं।
मोदी बोले…कंटेंट क्रिएटर्स की भाषा में बात करें तो ये कोलेब का जमाना है….
मोदी ने कहा- अगर हम कंटेंट क्रिएटर्स की भाषा में बात करें तो ये कोलेब का जमाना है। दोनों देश स्पोर्ट्स में भी बहुत शानदार कोलेब कर सकते हैं। रग्बी इसका बहुत बड़ा उदाहरण है। भारत रग्बी में न्यूजीलैंड से सीखना चाहता है। हमें कोच चाहिए,एक्सपर्ट चाहिए। न्यूजीलैंड हमारी बहुत मदद कर सकता है। भारत और न्यूजीलैंड का भविष्य जुड़ा है। स्पेस से सेक्टर इसका बहुत बड़ा उदाहरण है। भारत का चंद्रयान जब मून के साउथ पोल पर लैंड किया तो न्यूजीलैंड नाच रहा था। उस दिन हमें गर्व हुआ। यहां की स्पेस कंपनियों ने कई बार हमारे साथ मिलकर काम किया है। स्पेस सेक्टर बताने कि लिए काफी है कि दोनों देश एक दूसरे को कितना कुछ दे सकते हैं।
मोदी बोले…भारत दुनिया को विकास के नए मॉडल दे रहा है…
पीएम ने कहा…भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल मार्केट है। सोलर एनर्जी कैपेसिटी में भी भारत दुनिया के बड़े देशों में शामिल हो चुका है। आज का भारत दुनिया को विकास के नए मॉडल दे रहा है। यूपीआई के माध्यम से हर महीने अरबों डिजिटल ट्रांजेक्शन हो रहे हैं। ड्रोन टेक्नोलॉजी और स्पेस इकॉनोमी में भारत नई ऊंचाइयों को छू रहा है। भारत जितना फोकस इकॉलोजी और इकॉनोमी पर देता है उतना ही हैरिटेज पर भी देता है। हमारे महान सिख गुरुओं ने पूरी मानवता को सेवा साहसा और करुणा का संदेश दिया है। दुनिया के हर कोने में गुरुद्वारे सेवा के सेंटर है।
मोदी बोले…मैं 25 साल पहले भी न्यूजीलैंड आया था…
पीएम मोदी ने कहा…भारत के लोग सुनते आए थे 20 साल के बाद लेकिन आज 40 साल के बाद कोई भारतीय पीएम न्यूजीलैंड की धरती पर आया है। ये मेरा सौभाग्य है मैं न्यूजीलैंड के सभी निवासियों के लिए,आप सभी लोगों के लिए,140 करोड़ भारतीयों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं। पीएम के रूप में मेरा पहला न्यूजीलैंड दौरा है लेकिन 25-30 साल पहले जब मैं किसी सरकार का हिस्सा नहीं था,तब मुझे यहां आने का मौका मिला था। उस समय मुझे किसी ने गिफ्ट में 3 चीजें दीं,जो मैं भारत लेकर गया। एक- ये मफलर, एक कैप और एक सेट दस्ताना। ठंड का मौसम था, और उसमें भी एक चीज मैं अभी यहां इस कार्यक्रम में भी लेकर आया हूं। ये मफलर 25-30 साल पहले मुझे न्यूजीलैंड के एक साथी ने दिया था। इतने साल में मैंने कई बार इसका इस्तेमाल किया और आज भी संभाल कर रखा है। जैसे आपके प्यार को संभालकर रखता हूं।
न्यूजीलैंड पीएम बोले…भारत कितना एनर्जेटिक है,यहां दिखता है…
न्यूजीलैंड पीएम ने कहा… कई सालों तक लोग कहते थे कि दोनों देशों के बीच एफटीए नहीं हो सकता। लेकिन मैंने और पीएम मोदी ने यह करके दिखाया। हमें भारतीयों की उर्जा देखने के लिए दिल्ली-मुंबई जाने की जरूरत नहीं है। वह एनर्जी आज यहीं पर है। मैंने देखा है कि भारतीय कितनी मेहनत करते हैं आगे बढ़ने के लिए। एक साथ दो-दो, तीन-तीन नौकरियां करते हैं।
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