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कोरिया/रायपुर@नौगई हत्याकांड: सीबीआई जांच को मिली मंजूरी, अब खुलेगा हर राज?

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  • आखिरकार सीबीआई के हवाले हुआ नौगई तिहरा हत्याकांड
  • राज्य सरकार ने दी अनुमति, दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना को मिला जांच का अधिकार
  • 13 दिन बाद बड़ा फैसला,नौगई हत्याकांड की जांच अब सीबीआई करेगी…
  • गृह विभाग की अधिसूचना जारी, पीडि़त परिवार की प्रमुख मांग हुई पूरी
  • अधिसूचना जारी होने के बाद निष्पक्ष जांच की उम्मीद बढ़ी…
  • सीबीआई के हाथों में पहुंची नौगई तिहरे हत्याकांड की जांच…


-रवि सिंह-
कोरिया/रायपुर 30 जून 2026 (घटती-घटना)। कोरिया जिले के सोनहत थाना क्षेत्र के ग्राम नौगई में 16 और 17 जून की दरमियानी रात हुए बहुचर्चित तिहरे हत्याकांड में आखिरकार वह निर्णय सामने आ गया,जिसका पीडि़त परिवार, सामाजिक संगठन और क्षेत्र के लोग पिछले लगभग दो सप्ताह से इंतजार कर रहे थे, छत्तीसगढ़ शासन के गृह (सी-अनुभाग) विभाग ने मंगलवार 30 जून को अधिसूचना जारी कर इस मामले की जांच के लिए दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना (सीबीआई) को छत्तीसगढ़ राज्य में अधिकार क्षेत्र प्रदान कर दिया है,इसके साथ ही अब नौगई तिहरे हत्याकांड की जांच सीबीआई द्वारा किए जाने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है,गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार,दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 की धारा 6 के तहत थाना सोनहत,जिला कोरिया के अपराध क्रमांक 65/2026 एवं अपराध क्रमांक 66/2026 की जांच के लिए दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना के अधिकारियों को छत्तीसगढ़ राज्य में अपनी शक्तियों और अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करने की अनुमति प्रदान की गई है,यह अधिसूचना राज्य शासन की सहमति के बाद जारी की गई है।
13 दिनों से लगातार उठ रही थी सीबीआई जांच की मांग-नौगई हत्याकांड के बाद से ही मृतकों और घायलों के परिजनों ने स्पष्ट रूप से कहा था कि उन्हें स्थानीय जांच एजेंसी पर पूर्ण विश्वास नहीं है और मामले की निष्पक्ष जांच केवल सीबीआई जैसी स्वतंत्र एजेंसी ही कर सकती है,परिजनों ने मुख्यमंत्री, गृह मंत्री,राज्यपाल,पुलिस महानिदेशक सहित अनेक संवैधानिक और प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर सीबीआई जांच की मांग की थी,परिवार का कहना था कि घटना केवल हत्या तक सीमित नहीं है,बल्कि पूरे घटनाक्रम में कई ऐसे पहलू हैं जिनकी स्वतंत्र जांच आवश्यक है, परिजनों ने पुलिस की प्रारंभिक कार्रवाई,कुछ अधिकारियों की भूमिका,आरोपियों के कथित आत्मसमर्पण,घटना से पहले मिली सूचनाओं तथा अन्य परिस्थितियों की भी स्वतंत्र जांच कराने की मांग की थी।
‘दैनिक घटती-घटना’ लगातार उठाता रहा निष्पक्ष जांच का मुद्दा
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान दैनिक घटती-घटना ने भी मामले को लगातार प्रमुखता से प्रकाशित किया,समाचार पत्र ने सीबीआई जांच की मांग,विभागीय जांच,पुलिस अधिकारियों की भूमिका,पीडि़त परिवार की शिकायतें,सामाजिक संगठनों के आंदोलन,न्याय यात्रा,आर्थिक सहायता,फास्ट ट्रैक कोर्ट,गवाहों की सुरक्षा सहित मामले के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को लगातार प्रमुखता से प्रकाशित किया,समाचार पत्र ने विभिन्न रिपोर्टों के माध्यम से यह भी प्रश्न उठाया था कि इतने संवेदनशील मामले में निष्पक्ष जांच के लिए स्वतंत्र एजेंसी की आवश्यकता क्यों महसूस की जा रही है,अब शासन द्वारा जारी अधिसूचना के बाद इस दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय सामने आया है।
क्या-क्या जांच सकती है सीबीआई?
सीबीआई जांच शुरू होने के बाद एजेंसी पूरे घटनाक्रम की शुरुआत से लेकर वर्तमान स्थिति तक प्रत्येक पहलू की स्वतंत्र विवेचना कर सकती है,जांच के दौरान घटनास्थल,फोरेंसिक साक्ष्य,इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड,कॉल डिटेल,डिजिटल साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान,पुलिस की कार्रवाई,आरोपियों की भूमिका तथा अन्य सभी परिस्थितियों का पुनः परीक्षण किया जा सकता है,यदि जांच के दौरान नए तथ्य सामने आते हैं या किसी अन्य व्यक्ति अथवा अधिकारी की भूमिका सामने आती है,तो एजेंसी कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई भी कर सकती है।
पीडि़त परिवार को अब निष्पक्ष जांच की उम्मीद
अधिसूचना जारी होने के बाद पीडि़त परिवार ने उम्मीद जताई है कि अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी और वास्तविक घटनाक्रम सामने आएगा,परिजनों का कहना है कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं,बल्कि न्याय के लिए है,उनका मानना है कि स्वतंत्र एजेंसी द्वारा जांच होने से समाज में भी न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत होगा, परिजनों ने यह भी कहा कि उनकी अन्य मांगेंफास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई, गवाहों की सुरक्षा, दोषियों को कठोर सजा,आर्थिक सहायता और यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आए तो उसके विरुद्ध भी कार्रवाई अब भी यथावत हैं।
पूरे प्रदेश की निगाहें अब सीबीआई की जांच पर…
नौगई तिहरे हत्याकांड प्रदेश के सबसे चर्चित मामलों में शामिल हो चुका है,तीन लोगों की दर्दनाक मौत और दो लोगों के गंभीर रूप से घायल होने वाली इस घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। अब जबकि राज्य शासन ने सीबीआई को जांच का अधिकार दे दिया है,पूरे प्रदेश की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच एजेंसी कितनी जल्दी विवेचना शुरू करती है और इस बहुचर्चित मामले में किन-किन तथ्यों को सामने लाती है,राजनीतिक दलों,सामाजिक संगठनों,व्यापारिक संगठनों और आम नागरिकों के बीच भी अब यह उम्मीद बढ़ गई है कि स्वतंत्र जांच एजेंसी की जांच से मामले के हर पहलू का निष्पक्ष खुलासा होगा और दोषियों के साथ-साथ यदि किसी स्तर पर लापरवाही या संरक्षण की भूमिका रही होगी तो वह भी जांच के दायरे में आएगी, इस अधिसूचना के साथ नौगई तिहरे हत्याकांड की जांच ने एक नया मोड़ ले लिया है, अब यह केवल पुलिस विवेचना का मामला नहीं रह गया,बल्कि देश की प्रमुख केंद्रीय जांच एजेंसी के हाथों में पहुंचने के बाद इस पूरे प्रकरण से जुड़े हर पहलू पर नई दृष्टि से जांच होने की संभावना बन गई है।


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