- नौगई तिहरे हत्याकांड: 19 जुलाई तक सरकार को अल्टीमेटम, न्याय नहीं तो होगा राष्ट्रव्यापी आंदोलन
- ‘कातिलों को कानून का डर नहीं,अब समाज करेगा न्याय की लड़ाई’: डॉ. राज शेखावत
- नौगई हत्याकांड पर करणी सेना का बड़ा ऐलान,19 जुलाई को नौगई में जुटेंगे देशभर के क्षत्रिय
- मृतक मेरे भाई, उनके कातिल अभी भी जिंदा हैं…बैकुंठपुर में गूंजे न्याय के नारे
- 19 जुलाई तक न्याय नहीं तो देशभर से कोरिया पहुंचेंगे क्षत्रिय, करणी सेना ने सरकार को दी चेतावनी
- डॉ. राज शेखावत बोले— जिंदा जलाकर हत्या करने वालों में कानून का भय नहीं, दोषियों को कठोरतम दंड दिलाने की मांग, पुलिस की प्रारंभिक कार्रवाई पर भी उठाए सवाल।
-रवि सिंह-
कोरिया,30 जून 2026(घटती-घटना)। कोरिया जिले के सोनहत थाना क्षेत्र के ग्राम नौगई में 16-17 जून की दरमियानी रात हुए तिहरे हत्याकांड को लेकर अब सामाजिक आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है,मृतकों की तेरहवीं के अवसर पर बैकुंठपुर पहुंचे करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने पीडि़त परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 19 जुलाई तक पीडि़त परिवार को न्याय की दिशा में ठोस परिणाम नहीं मिले,तो नौगई में विशाल श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि देशभर से क्षत्रिय समाज के लोग शामिल होंगे, डॉ. शेखावत ने कहा कि नौगई की घटना केवल एक आपराधिक वारदात नहीं,बल्कि पूरे समाज की आत्मा को झकझोर देने वाली घटना है,उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को जिंदा जलाकर मार देना और एक ही परिवार के पांच लोगों पर योजनाबद्ध तरीके से हमला करना अत्यंत क्रूरतम अपराध है,ऐसे अपराध को अंजाम देने वालों के मन से कानून का भय समाप्त हो चुका है और यदि ऐसे मामलों में भी त्वरित एवं कठोर कार्रवाई नहीं होगी तो समाज का न्याय व्यवस्था पर विश्वास कमजोर होगा।
मृतक मेरे भाई हैं,उनके कातिल अभी भी जिंदा हैं के नारों से गूंजा बैकुंठपुर
तेरहवीं कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में क्षत्रिय समाज के लोग उपस्थित रहे, श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने मृतक मेरे भाई हैं, उनके कातिल अभी भी जिंदा हैं, भाइयों हम शर्मिंदा हैं’ और न्याय की मांग से जुड़े नारे लगाए,पूरे कार्यक्रम के दौरान माहौल भावुक बना रहा और कई लोग मृतकों के परिजनों को सांत्वना देते नजर आए,डॉ. शेखावत ने कहा कि जिन परिवारों ने अपने तीन सदस्यों को खो दिया,उनके दर्द की भरपाई कोई नहीं कर सकता, परिवार के बच्चे अनाथ हो गए,महिलाओं ने अपने पति खो दिए और पूरा परिवार आज भी भय और असुरक्षा के माहौल में जी रहा है।
सरकार के पास 19 जुलाई तक का समय
डॉ. राज शेखावत ने कहा कि करणी सेना सरकार और प्रशासन को 19 जुलाई तक का समय दे रही है,उन्होंने कहा कि इस अवधि के भीतर आरोपियों के विरुद्ध ऐसी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए जिससे उन्हें न्यायालय से कठोरतम दंड मिल सके, साथ ही पीडि़त परिवार की अन्य प्रमुख मांगों पर भी सकारात्मक निर्णय लिया जाना चाहिए,उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा तक न्याय की दिशा में संतोषजनक प्रगति नहीं हुई,तो 19 जुलाई को नौगई में विशाल श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जाएगी,इस सभा में देशभर के क्षत्रिय समाज के लोगों को आमंत्रित किया जाएगा और आगे की रणनीति वहीं तय की जाएगी,उन्होंने कहा कि वे स्वयं देशभर के समाज के लोगों से संपर्क कर उन्हें कोरिया आने का आह्वान करेंगे।
जिन्होंने लोगों को जिंदा जलाया…उन्हें कानून का डर नहीं…
अपने संबोधन में डॉ. शेखावत ने कहा कि जिस समाज में अपराधी खुलेआम किसी व्यक्ति को जिंदा जलाने का दुस्साहस कर दें,वहां यह माना जाएगा कि अपराधियों के मन से कानून का भय समाप्त हो चुका है,उन्होंने कहा कि नौगई में एक नहीं बल्कि तीन लोगों की दर्दनाक मौत हुई और दो अन्य आज भी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं,यह केवल हत्या का मामला नहीं बल्कि समाज को भयभीत करने वाली घटना है,उन्होंने सरकार से मांग की कि ऐसे मामलों में सामान्य कार्रवाई नहीं बल्कि विशेष संवेदनशीलता और त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
पुलिस की प्रारंभिक कार्रवाई पर भी उठाए सवाल…
डॉ. शेखावत ने अपने संबोधन में घटना के शुरुआती दौर में पुलिस द्वारा सार्वजनिक रूप से दी गई जानकारी पर भी सवाल उठाए, उन्होंने कहा कि प्रारंभिक स्तर पर जिस प्रकार घटना को संभावित शॉर्ट सर्किट अथवा बिजली के तारों से आग लगने जैसी आशंका से जोड़कर प्रस्तुत किया गया,उसने समाज के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न की, उन्होंने कहा कि बाद में जब हत्या और हिंसा के तथ्य सामने आए तो प्रारंभिक बयान और वास्तविक घटनाक्रम के बीच बड़ा अंतर दिखाई दिया,उनके अनुसार इस पूरे पहलू की भी निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि शुरुआती सूचना किन परिस्थितियों में और किन तथ्यों के आधार पर जारी की गई थी,उन्होंने यह भी कहा कि प्रारंभिक प्रेस ब्रीफिंग में विधिक धाराओं के उल्लेख को लेकर भी सवाल उठे थे,ऐसे सभी तथ्यों की विभागीय स्तर पर समीक्षा होना आवश्यक है,जिससे भविष्य में ऐसी परिस्थितियों में तथ्यात्मक और जिम्मेदार सूचना ही सार्वजनिक की जाए।
कुछ पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग…
करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कहा कि घटना के दौरान और उसके बाद कुछ पुलिस अधिकारियों की भूमिका को लेकर समाज में संदेह की स्थिति बनी हुई है,उन्होंने मांग की कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष विभागीय जांच कराई जाए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या कर्तव्य में शिथिलता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
सीबीआई जांच और फास्ट ट्रैक ट्रायल की मांग दोहराई
डॉ. शेखावत ने कहा कि पीडि़त परिवार की प्रमुख मांगों—सीबीआई जांच,फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई,गवाहों की सुरक्षा और दोषियों को कठोर दंड—पर सरकार को शीघ्र निर्णय लेना चाहिए। उनका कहना था कि यदि विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया में तेजी नहीं लाई गई तो समाज में असंतोष और बढ़ेगा।
नौगई अब केवल एक गांव नहीं, न्याय की लड़ाई का प्रतीक
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित समाज के लोगों का कहना था कि नौगई की घटना अब केवल एक गांव या एक परिवार तक सीमित नहीं रह गई है, यह न्याय,सुरक्षा और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़ा मुद्दा बन चुका है लोगों ने कहा कि यदि इतने जघन्य अपराध के बाद भी न्याय में देरी होती है, तो यह समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय होगा।
अब 19 जुलाई पर टिकी निगाहें…
तेरहवीं संस्कार के बाद अब पूरे मामले में अगला महत्वपूर्ण पड़ाव 19 जुलाई माना जा रहा है,यदि तब तक सरकार और प्रशासन पीडि़त परिवार की प्रमुख मांगों पर कोई ठोस निर्णय लेते हैं तो स्थिति बदल सकती है,वहीं यदि ऐसा नहीं होता,तो करणी सेना द्वारा प्रस्तावित श्रद्धांजलि सभा और उसके बाद की रणनीति इस मामले को प्रदेश से राष्ट्रीय स्तर तक चर्चा का विषय बना सकती है।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur