बिलासपुर,14 जून 2026। न्यायधानी बिलासपुर में सर्पदंश मुआवजा योजना में बड़ा घोटाला सामने आया है। डॉक्टरों और वकीलों ने मिलकर जहर सेवन और सामान्य मौतों को सांप के काटने से हुई मौत दिखाकर सरकारी खजाने से करीब 60 लाख रुपये हड़प लिए। जांच में 17 मामले पूरी तरह फर्जी पाए गए हैं। प्रशासन 15 से ज्यादा एफआईआर दर्ज कराने जा रहा है।
कैसे हुआ घोटाला..?
दलालों के नेटवर्क ने डॉक्टर, पुलिस विवेचना अधिकारी और वकीलों से साठगांठ कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए। जहर खाकर आत्महत्या या सामान्य मौत को भी सर्पदंश में बदल दिया गया। फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट, अस्पताल में फर्जी भर्ती के कागज बनाकर जिला प्रशासन से मुआवजा ले लिया गया।
विधायक ने खोली पोल
बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने विधानसभा में मामला उठाया था। इसके बाद सचिव स्तरीय जांच में संगठित भ्रष्टाचार की परतें खुलीं। फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी राहत राशि हड़पने के मामले में बिल्हा और सरकंडा थानों में पहले ही आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जा चुका है। अब जांच का दायरा बढ़ने के साथ ही अन्य संबंधित थानों में भी एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। मजे की बात यह है कि नागलोक कहे जाने वाले जशपुर में सर्पदंश से सिर्फ 96 मौतें हुईं और 3 करोड़ मुआवजा बंटा। वहीं बिलासपुर में 431 मौतें दिखाकर 17 करोड़ से ज्यादा बांट दिए गए। इसी अंतर ने घोटाले की पोल खोल दी। नेता प्रतिपक्ष रहे धरमलाल कौशिक ने भी पीएम रिपोर्ट के आधार पर भुगतान की मांग की थी।
रैकेट सिम्स तक फैला : इस कार्रवाई की जद में कई डॉक्टर और वकील आएंगे। रैकेट सिम्स और जिला अस्पताल तक फैला है। बिल्हा और सरकंडा थानों में पहले ही केस दर्ज हो चुके हैं। अब अन्य थानों में भी एफआईआर होगी।
17 मामलों में फर्जीवाड़ा प्रमाणित
एसडीएम मनीष साहू ने बताया कि 17 मामलों में फर्जीवाड़ा प्रमाणित हो चुका है। सरकारी धन का दुरुपयोग करने वाले किसी को बख्शा नहीं जाएगा। डॉक्टरों, वकीलों और अन्य आरोपियों पर एफआईआर होगी।
फर्जी पाए गए ये सभी मामले
बिलासपुर जिले में अब तक हुई जांच में जिनकी मौतों को फर्जी तरीके से सर्पदंश से मौत का बता दिया गया था उनमें शिवकुमारी यादव तालापारा, सुनिता बाई सोनवानी तखतपुर, संतोष कुमार महमंद, कुंती बाई प्रजापति तालापारा, केशव कुमार कश्यप, सफीना बानो महमंद, भगत सिंह ठाकुर कोनी, बहोरन लाल जायसवाल खमतराई, शंकर साहू सरकंडा, अशोक कुमार खमतराई, शशि पाठक सरकंडा, राजू कुमार सरकंडा, निर्मला धृतलहरे, मनसुख लाल साहू, रामनारायण कैवर्त कोनी, लक्ष्मीन कुर्रे बोदरी, उर्वशी श्रीवास तखतपुर की मौत से जुड़ा मामला शामिल है।
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