टीएस सिंहदेव सहित राजपरिवार की मौजूदगी,योग शक्ति गीता दीदी ने बताया जीवन का सार…
-संवाददाता-
अम्बिकापुर,15 अप्रैल 2026 (घटती-घटना)। ब्रह्माकुमारी संस्थान में आयोजित श्रीमद् भगवत गीता ज्ञान यज्ञ के तृतीय सत्र का शुभारंभ बुधवार को श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन सरगुजा महाराज एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव, बिंदेश्वरी शरण सिंह देव और शैलेश सिंह देव द्वारा दीप प्रज्वलन व अतिथि सम्मान के साथ किया गया। मुख्य वक्ता सिवनी (मध्यप्रदेश) से आईं योग शक्ति गीता दीदी ने अपने प्रवचन में कहा कि महाभारत की युद्धभूमि में अर्जुन केवल युद्ध नहीं, बल्कि जीवन के गहरे रहस्यों को जानना चाहते थे। उन्होंने आत्मा, परमात्मा, धर्म और कर्म से जुड़े प्रश्न पूछे। जब मनुष्य अहंकार छोडकर जिज्ञासा करता है, तभी उसे सत्य ज्ञान की प्राप्ति होती है। उन्होंने बताया कि अर्जुन ने भगवान से कहा कि वह मोह और भ्रम में हैं और सही मार्गदर्शन चाहते हैं। इसके बाद भगवान ने उन्हें दिव्य दृष्टि प्रदान कर अपना विराट स्वरूप दिखाया। इस साक्षात्कार के बाद अर्जुन का भ्रम समाप्त हो गया और उन्हें परम सत्य का ज्ञान हुआ। कार्यक्रम में पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि गीता का सबसे बड़ा संदेश समानता है। उन्होंने कहा कि सभी मनुष्य एक ही परमपिता परमात्मा की संतान हैं, इसलिए सभी के साथ समान व्यवहार होना चाहिए। संभाग संचालिका विद्या दीदी ने अतिथियों और श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। इस दौरान राजपरिवार सहित बड़ी संख्या में शहरवासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम 18 अप्रैल तक प्रतिदिन शाम 5 से 8 बजे तक आयोजित किया जाएगा। साथ ही सुबह 6 बजे से म्यूजिकल एक्सरसाइज, पॉजिटिव थिंकिंग और मेडिटेशन सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं।
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