होर्मुज का रास्ता रोकना नामंजूर…नागरिक-एनर्जी ठिकानों पर हमले का विरोध किया,41 देशों से तेल-गैस इंपोर्ट कर रहे
नई दिल्ली,23 मार्च 2026। पश्चिम एशिया में जंग के हालातों पर पीएम मोदी ने पहली बार सार्वजनिक बयान दिया। लोकसभा में 25 मिनट की स्पीच में उन्होंने कहा कि तनाव खत्म होना चाहिए। बातचीत से ही समस्या का समाधान है। पीएम ने कहा कि नागरिकों और पावर प्लांट पर हमले मंजूर नहीं हैं। होमुर्ज का रास्ता रोकना स्वीकार नहीं होगा। पीएम ने कहा…‘सरकार की कोशिश है कि देश में तेल-गैस संकट न हो। इसके लिए 27 की जगह अब 41 देशों से इंपोर्ट कर रहे हैं। पश्चिम एशिया में एक करोड़ भारतीय रहते हैं। उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।’ उन्होंने बताया कि अभी 3 लाख 75 हजार भारतीय सुरक्षित देश लौट चुके हैं। ईरान से ही हजार भारतीय सुरक्षित लौटे हैं। 700 से ज्यादा मेडिकल की पढ़ाई करने वाले युवा हैं।
प्रियंका बोलीं…पश्चिम एशिया के हालात पर संसद में चर्चा होनी चाहिए
पश्चिम एशिया संघर्ष पर संसद में पीएम मोदी के बयान पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा- उन्होंने देश को मौजूदा हालात से अवगत कराया है। इस मुद्दे पर संसद में चर्चा होनी चाहिए।
मोदी बोले…जमाखोरी करने
वालों पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा
वेस्ट एशिया विवाद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा…हमें हर चुनौती का सामना सब्र, संयम और शांत मन से करना चाहिए। यही हमारी पहचान है,यही हमारी ताकत है। हमें बहुत सावधान और सतर्क भी रहना चाहिए। जो लोग हालात का फायदा उठाना चाहते हैं वे झूठ फैलाने की कोशिश करेंगे। हमें उनकी कोशिशों को कामयाब नहीं होने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं देश की सभी राज्य सरकारों से भी सदन के माध्यम से आग्रह करूंगा ऐसे समय में कालाबाजारी करने वाले जमाखोरी करने वाले एक्टिव हो जाते हैं। इसके लिए कड़ी मॉनीटरिंग जरूरी है। जहां से खबर मिले वहां एक्शन लेना होगा। देश की हर सरकार और देश का हर नागरिक जब मिलकर चलेंगे तो हम हर चुनौती को चुनौती दे सकेंगे। पीएम ने कहा कि पिछले एक दशक 6 यूरिया प्लांट शुरू किए गए हैं। इससे सालाना 74 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा यूरिया प्रोडक्शन कैपिसिटी जुड़ी है। इस दौरान डीएपी और एनपीकेएस जैसी खाद का घरेलू उत्पादन भी 50 लाख मीट्रिक टन बढ़ाया गया है। पीएम मोदी ने कहा कि हम जानते हैं एनर्जी आज इकोनॉमी की रीढ़ है। ग्लोबल नीड को पूरा करने वाला सोर्स वेस्ट एशिया है। भारत पर इस युद्ध से उत्पन्न दुष्प्रभाव का असर कम हो इसके लिए एक रणनीति से काम कर रहे हैं। जहां भी जरूरत है उस सेक्टर को जरूरी सपोर्ट दिया जा रहा है।
मोदी ने कहा…न्यूक्लियर एनर्जी उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा…
पीएम मोदी ने कहा कि 11 साल में देश में अपने सोलर पावर कैपिसिटी 140 गीगा वॉट तक पहुंचाई है। 40 लाख रूफ टॉप सोलर पैनल लगे हैं। गोवर्धन योजना के तहत 200 बायोगैस प्लांट काम कर रहे हैं। सरकार ने भविष्य की तैयारी बढ़ाते हुए शांति एप माध्यम से न्यूक्लियर एनर्जी उत्पादन को बढ़ावा दिया है। अगले 5 साल में 1500 मेगावॉट नई हाइड्रो पावर कैपिसिटी जोड़ी जाएगी।
पीएम बोले…हमारे पास पर्याप्त अन्न भंडार है…
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक बड़ा सवाल ये है कि युद्ध का खेती पर क्या असर होगा। देश के किसानों ने हमारे अन्न के भंडार भर रखे हैं। इसलिए हमारे पास पर्याप्त खाद्यान्न है। हमारा ये भी प्रयास है कि खरीफ सीजन की ठीक से बुआई हो सके। सरकार ने आपात स्थिति से निबटने के लिए पर्याप्त इंतजाम हैं। उन्होंने कहा कि अतीत में भी हमारी सरकार ने दुनिया के संकटों का बोझ किसानों पर नहीं पड़ने दिया था। उस वक्त भी ग्लोबल सप्लाई चेन में कमी आ गई थी। दुनिया के बाजार में यूरिया की एक बोरी 3 हजार तक पहुंच गई थी। भारत के किसानों को यूरिया की एक बोरी 300 रुपए से भी कम कीमत में दिलाई गई। किसानों को ऐसे संकटों से बचाने के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में ‘वित्त विधेयक, 2026’ पेश किया
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में ‘वित्त विधेयक, 2026’ पेश किया, जो अगले वित्त वर्ष 2026-2027 के लिए केंद्र सरकार के वित्तीय प्रस्तावों, कर संरचना और बजटीय नीतियों को लागू करेगा। केंद्रीय वित्त मंत्री ने लोकसभा में ‘वित्त विधेयक, 2026’ को पेश करते हुए वित्त वर्ष 2026-2027 के लिए केंद्र सरकार के वित्तीय प्रस्तावों को लागू करने के लिए इस विधेयक पर विचार करने और पास करने का भी प्रस्ताव रखा है। इसके बाद सदन में वित्त विधेयक 2026 पर चर्चा शुरू हो गई, कांग्रेस सांसद अमर सिंह ने इसकी शुरुआत की। यह विधेयक वित्त वर्ष 2026-2027 के लिए केंद्र सरकार के वित्तीय प्रस्तावों को प्रभावी बनाने के लिए है। वित्त विधेयक एक अहम विधायी कदम है, जो केंद्रीय बजट में घोषित प्रस्तावों को कानूनी आधार प्रदान करेगा।
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