-संवाददाता-
अम्बिकापुर,27 फरवरी 2026 (घटती-घटना)। पवित्र रमज़ान माह के दौरान कथित प्रशासनिक आदेश को लेकर प्रदेश में उत्पन्न भ्रम और विरोधाभास ने राजनीतिक एवं सामाजिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है, छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जनाब सलीम राज द्वारा जारी एक पत्र में रमज़ान के दौरान मुस्लिम कर्मचारियों को एक घंटा पूर्व कार्यालय छोड़ने की अनुमति शासन द्वारा दिए जाने का उल्लेख किया गया था, हालांकि, बाद में राज्य शासन के आधिकारिक विभाग ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है, इन परस्पर विरोधी बयानों के बाद अल्पसंख्यक समाज, विशेषकर रोज़ेदारों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई, मामले को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग सरगुजा के अध्यक्ष रशीद अहमद अंसारी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पूरे प्रकरण पर गंभीर चिंता जताई है।
रोज़ेदारों की भावनाओं को ठेसः अंसारी
रशीद अहमद अंसारी ने अपने बयान में कहा कि रमज़ान माह इबादत,सब्र, अमन और भाईचारे का प्रतीक है, ऐसे पवित्र समय में यदि किसी प्रकार की भ्रामक सूचना प्रसारित होती है, तो इससे समाज की भावनाएं आहत होती हैं, उन्होंने कहा कि एक ओर वक्फ बोर्ड अध्यक्ष के पत्र में शासन की अनुमति का उल्लेख किया गया, जबकि दूसरी ओर शासन ने इसे नकार दिया, इस विरोधाभास ने मुस्लिम समाज को गहरी पीड़ा और भ्रम में डाल दिया है।
जनता को सच जानने का अधिकार
अंसारी ने स्पष्ट कहा कि जनता को सत्य जानने का पूरा अधिकार है, यदि बिना आधिकारिक पुष्टि के कोई आदेश जारी किया गया या सूचना सार्वजनिक की गई,तो यह गंभीर प्रशासनिक चूक है,उन्होंने कहा कि संवेदनशील धार्मिक अवसरों पर किसी भी प्रकार की जानकारी जारी करने से पहले शासन स्तर पर स्पष्टता और आधिकारिक पुष्टि आवश्यक होती है।
सार्वजनिक स्पष्टीकरण
और माफ़ी की मांग
प्रेस विज्ञप्ति में तीन प्रमुख मांगें रखी गई हैं जिसमे पूरे मामले पर स्पष्ट और लिखित स्पष्टीकरण जारी किया जाए,जिम्मेदारी तय कर उचित कदम उठाए जाएं, भविष्य में ऐसे संवेदनशील विषयों पर विशेष सावधानी और पारदर्शिता बरती जाए, अंसारी ने कहा कि यदि इस प्रकरण में किसी स्तर पर त्रुटि हुई है,तो संबंधित पक्ष को मुस्लिम समाज से सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगनी चाहिए,ताकि विश्वास बहाल हो सके।
भविष्य में सावधानी की सलाह
रशीद अहमद अंसारी ने वक्फ बोर्ड अध्यक्ष जनाब सलीम राज को सलाह दी कि भविष्य में किसी भी प्रकार का पत्र या आदेश जारी करने से पहले पूरी तरह विचार-विमर्श और आधिकारिक पुष्टि सुनिश्चित करें,ताकि समाज में भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।
सामाजिक सौहार्द
बनाए रखने की अपील
अंसारी ने कहा कि रमज़ान का महीना अमन और भाईचारे का संदेश देता है। ऐसे समय में प्रशासन और संबंधित पदाधिकारियों को विशेष संवेदनशीलता दिखानी चाहिए,उन्होंने उम्मीद जताई कि संबंधित पक्ष जल्द ही स्थिति स्पष्ट करेंगे और समाज के विश्वास को पुनः स्थापित करेंगे।
मामला राजनीतिक
तूल पकड़ने की संभावना
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि इस विवाद पर जल्द स्पष्टता नहीं दी गई, तो यह मामला और तूल पकड़ सकता है,चूंकि विषय धार्मिक आस्था से जुड़ा है, इसलिए प्रशासनिक पारदर्शिता और त्वरित स्पष्टीकरण अत्यंत आवश्यक माना जा रहा है,फिलहाल पूरे प्रदेश की निगाहें शासन के आधिकारिक स्पष्टीकरण पर टिकी हैं, देखना यह है कि इस विवाद पर कब और किस स्तर से अंतिम स्पष्टता सामने आती है।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur