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अम्बिकापुर@1.72 लाख करोड़ का बजट पेश

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  • आदिवासी अंचलों,महिला सशक्तिकरण और कृषि पर जोर
  • सरगुजा को स्वास्थ्य,पर्यटन और खेल में लाभ की उम्मीद


-संवाददाता-
अम्बिकापुर,24 फरवरी 2026 (घटती-घटना)। ओ.पी. चौधरी ने मंगलवार को विधानसभा में वर्ष 2026-27 का 1.72 लाख करोड़ रुपए का आम बजट पेश किया। वित्त मंत्री चौधरी सरगुजा के प्रभारी मंत्री भी हैं। बजट में दूरस्थ और आदिवासी अंचलों के विकास,महिला सशक्तिकरण,कृषि और बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर दिया गया है। हालांकि किसी जिले के लिए अलग से राशि घोषित नहीं की गई है, लेकिन विभिन्न योजनाओं के जरिए सरगुजा संभाग को लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है। मेडिकल कॉलेज के विस्तार, अंबिकापुर में नए जिला चिकित्सालय भवन और मैनपाट पर्यटन विकास के लिए प्रावधान किए गए हैं। सरगुजा-बस्तर ओलंपिक के आयोजन का भी उल्लेख किया गया है। कृषक उन्नति योजना-10,000 करोड़ रुपए, कृषि पंपों के लिए बिजली सब्सिडी- 5,500 करोड़ रुपए,प्रधानमंत्री फसल बीमा-820 करोड़ रुपए,पीएम जनमन योजना-720 करोड़ रुपए,धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान-200 करोड़ रुपए,500 नए आंगनबाड़ी केंद्र,250 महतारी सदन निर्माण – 75 करोड़ रुपए,रानी दुर्गावती योजना के तहत 18 वर्ष पूर्ण करने पर पात्र बालिकाओं को 1.50 लाख रुपए सहायता,लोक निर्माण विभाग-9,450 करोड़ रुपए,जल संसाधन- 3,500 करोड़ रुपए, नगरीय विकास- 2,150 करोड़ रुपए का प्रावधान है।
भाजपा ने सराहा
लक्ष्मी राजवाड़े,कैबिनेट मंत्री,छत्तीसगढ़ शासन ने यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रदेश की माताओं,बहनों और बेटियों के आत्मविश्वास को सशक्त करने का ठोस खाका है। सरकार ने महिलाओं और बालिकाओं की शिक्षा,स्वास्थ्य,पोषण,सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन को नीति के केंद्र में रखकर समावेशी विकास का स्पष्ट संदेश दिया है। 250 महतारी सदनों के निर्माण के लिए 75 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में 500 नए आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण होगा। रानी दुर्गावती योजना में 18 वर्ष पूर्ण करने पर पात्र बालिकाओं को 1.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
बजट प्रतिक्रिया

राजेश अग्रवाल (केबिनेट मंत्री)
कृषक उन्नति योजना 10,000 करोड़, कृषि पंपों हेतु 5,500 करोड़ बिजली सब्सिडी, प्रधानमंत्री फसल बीमा 820 करोड़ ये प्रावधान किसानों की लागत घटाकर आय बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम हैं। पूंजीगत निवेश से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
प्रबोध मिंज (विधायक)

पीएम जनमन योजना 720 करोड़, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान 200 करोड़, 25 प्री-मैट्रिक/पोस्ट-मैट्रिक छात्रावास हेतु 75 करोड़ जनजातीय शिक्षा व सामाजिक सशक्तिकरण को नई मजबूती देंगे।
रामकुमार टोप्पो (विधायक)

सरगुजा-बस्तर क्षेत्र के लिए अतिरिक्त पोषण सहायता 15 करोड़, हवाई सेवाओं के विस्तार हेतु 80 करोड़ अधोसंरचना प्रावधान, मेडिकल कॉलेज संचालन हेतु 50 करोड़ क्षेत्रीय संतुलित विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
भारत सिंह सिसोदिया (जिलाध्यक्ष)

लोक निर्माण विभाग हेतु 9,450 करोड़, जल संसाधन 3,500 करोड़, द्रुतगामी सड़क संपर्क योजना 200 करोड़ बुनियादी ढांचे को मजबूत कर प्रत्यक्ष रोजगार सृजन करेंगे साथ ही अंबिकापुर में नये जि़ला चिकित्सालय भवन की स्वीकृति संभाग के मरीजों के लिए संजीवनी के रूप में कार्य करेंगी।
मंजूषा भगत (महापौर)

नगरीय विकास 2,150 करोड़, नगरीय अधोसंरचना 750 करोड़, मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना 200 करोड़ शहरी सुविधाओं के आधुनिकीकरण का रोडमैप है।
अरुणा सिंह (भाजपा नेत्री)
रानी दुर्गावती योजना 15 करोड़, महिला पंजीयन शुल्क में 50′ छूट, 750 नए आंगनबाड़ी भवन महिलाओं की सामाजिक आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।
विश्व विजय सिंह तोमर (अध्यक्ष,युवा आयोग)

CG ACE 33 करोड़,मेगा परीक्षा केंद्र 25 करोड़,स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट स्कूल योजना 100 करोड़,स्टार्टअप एवं हृढ्ढक्कहृ मिशन युवाओं के कौशल और रोजगार क्षमता में गुणात्मक वृद्धि करेंगे।
अम्बिकेश केशरी (भाजपा नेता)

औद्योगिक पूंजी निवेश सब्सिडी 750 करोड़,23 नए औद्योगिक पार्क हेतु 250 करोड़,लैंड बैंक विकास 200 करोड़ उद्योग आधारित अर्थव्यवस्था को गति देंगे।
विनोद हर्ष (जिला महामंत्री)

महिला एवं बाल विकास 11,000 करोड़,महतारी वंदन योजना 8,200 करोड़,आंगनबाड़ी सशक्तिकरण 2,320 करोड़ महिला सशक्तिकरण को आर्थिक आधार प्रदान करते हैं।
ललन प्रताप सिंह (पूर्व जिलाध्यक्ष)

राजस्व व्यय 1,45,000 करोड़, पूंजीगत व्यय 26,500 करोड़ तथा संतुलित 2.87′ राजकोषीय घाटाविकास और वित्तीय अनुशासन का आदर्श संतुलन है।
अनिल सिंह मेजर (भाजपा नेता)
गृह विभाग 8,380 करोड़,साइबर तहसील स्थापना, प्रशासनिक आवास निर्माण सुरक्षा एवं सुशासन को और मजबूत करेंगे।
रुपेश दुबे (जिला मीडिया प्रभारी)

राज्य की प्रति व्यक्ति आय 1,79,244 (10′ वृद्धि अनुमान),कुल प्राप्तियां 1,72,000 करोड़, तथा अगले 5 वर्षों तक प्रत्येक मुख्यमंत्री मिशन हेतु 100-100 करोड़ वार्षिक प्रावधान यह स्पष्ट करता है कि बजट केवल घोषणा नहीं बल्कि दीर्घकालिक क्रियान्वयन का संकल्प है। सरगुजा सहित पूरे प्रदेश में इसका व्यापक सकारात्मक प्रभाव दिखाई देगा।
संतोष दास (प्रवक्ता)

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 820 करोड़ और सरगुजा सहित पूरे छत्तीसगढ़ के गन्ना किसानो के बोनस हेतु 60 करोड़ का प्रावधान किसानो की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा
धनंजय मिश्रा (सह संवाद प्रमुख)
विकसित भारत जी रामजी योजना के तहत 4000 करोड़ का बड़ा प्रावधान किया गया है इसमें ग्रामीण क्षेत्र में 125 दिवस का सुनिश्चित रोजगार दिया जाएगा साथ ही आवश्यक अधोसंरचना का निर्माण एवं जन सुविधा भी विकसित की जाएगी द्य इस प्रकार यह बजट किसान, युवा, महिला, आदिवासी एवं शहरी ग्रामीण सभी वर्गों के लिए विकास का मजबूत आधार है और विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के लक्ष्य की दिशा में निर्णायक कदम है।

कांग्रेस की प्रतिक्रिया

पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले वित्तीय वर्ष में रखे गये बजट के लक्ष्यों को प्राप्त नहीं किया है ऐसे में राज्य सरकार का 1.72 लाख का बजट प्रोविजन बेमानी है। राज्य सरकार का राजस्व व्यय पिछले बजट की राशि 1.38 लाख की तुलना में बढकर 1.45 लाख करोड़ हो गया है उसकी तुलना में पूंजीगत व्यय 26341 करोड़ रुपए से बढकर 26500 करोड़ हुआ है जो बेहद निराशाजनक है। एक ओर प्रदेश की सरकार डबल इंजन के नाम पर अधोसंरचना विस्तार की बड़ी बडी बात कर रही है वहीं प्रावधान ऊंट के मुंह में जीरा होगा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार ने बजट 2026 के लिए संकल्प रूपी जुमले का उपयोग करते हुए सरगुजा संभाग के ज्ञान(गरीब,युवा,अन्नदाता, नारी ) के साथ छल किया है। इस बजट में सरगुजा के उस ज्ञान को कुछ भी नया नहीं मिला जिसने भाजपा की झोली में 14 सीटें डाली थी। बजट में सरगुजा को उद्योग, रोजगार-स्वरोजगार, सिंचाई, सडक, शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में कुछ भी हासिल नहीं हुआ। मनरेगा के स्थान पर लायी गयी जी राम जी योजना के लिए बजट में मात्र 4000 करोड़ का योगदान है। यह केंद्र के अंशदान को मिलाकर है। प्रदेश में 85 लाख मजदूरों को 125 दिन के काम का भुगतान 26 हजार करोड़ होगा। तो क्या जी राम जी योजना प्रदेश की श्रमशक्ति से छलावा है। जी राम जी मे पहले केंद्र का बजट प्रावधान फिर छत्तीसगढ़ राज्य सरकार का बजट प्रावधान कांग्रेस की इस आशंका को मजबूत करता है कि मनरेगा को समाप्त कर लायी गई जी राम जी योजना देश की श्रम शक्ति के साथ भाजपा का बहुत बड़ा धोखा है। महतारी वंदन के मद में मात्र 8200 करोड़ का प्रावधान है,जबकि विगत वर्ष इसपर 14000 करोड़ खर्च हुए। क्या प्रदेश की सरकार ने महतारी वंदन योजना से लाखों महिलाओं को बाहर करने की किसी छिपी योजना पर कार्य कर रही है,इसे सरकार अवश्य बताये।


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