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अम्बिकापुर@मोमिनपुरा क्षेत्र में पीलिया का प्रकोप,दूसरे दिन भी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किया सर्वे

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-संवाददाता-
अम्बिकापुर,22 फरवरी 2026 (घटती-घटना)। शहर के मोमिनपुरा क्षेत्र में पीलिया का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। दूसरे दिन भी स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीम ने कैंप लगाकर लोगों की जांच की। अब तक 42 से अधिक लोग पीलिया पॉजिटिव पाए गए हैं। वहीं पानी की जांच में ई-कोलाई बैक्टीरिया की पुष्टि से हडकंप मच गया है। मोमिनपुरा सहित नवागढ़,रसूलपुर,जरहागढ़ और श्रीगढ़ वार्डों में पीलिया के मरीज सामने आने के बाद नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि यह जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मामला है और तत्काल समन्वित कार्रवाई जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग संभावित मरीजों के ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए भेज रहा है। वहीं नगर निगम की जल शाखा ने भी कई स्थानों से पानी के नमूने लिए हैं।
जांच में एमपीएन मानक से अधिक
स्वास्थ्य विभाग ने 10 घरों से पानी के सैंपल लेकर मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग भेजे थे। जांच में कुछ नमूनों में 22 से 28 एमपीएन प्रति 100 एमएल तक बैक्टीरिया पाए गए। विशेषज्ञों के अनुसार क्लोरीनयुक्त पेयजल में एमपीएन की मात्रा शून्य होनी चाहिए। 10 से अधिक एमपीएन संदिग्ध और 50 से अधिक अत्यधिक प्रदूषित माना जाता है। सीवर में पाए जाने वाले फीकल कोलीफॉर्म और ई-कोलाई की मौजूदगी जलजनित बीमारियों का कारण बन सकती है। सीएमएचओ ने रिपोर्ट मिलने के बाद नगर निगम को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
‘रिपोर्ट हो सार्वजनिक’ : नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने कहा कि मानक के अनुसार पेयजल में एमपीएन शून्य होना चाहिए। 10 से अधिक होने पर पानी संदिग्ध और 50 से अधिक होने पर अत्यधिक प्रदूषित माना जाता है। उन्होंने मांग की कि नगर निगम और पीएचई विभाग संयुक्त रूप से व्यापक जल सैंपलिंग अभियान चलाएं, जल आपूर्ति तंत्र की तकनीकी ऑडिट कर जिम्मेदारी तय करें और नियमित मॉनिटरिंग रिपोर्ट सार्वजनिक करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
विभाग सक्रिय,सुधारात्मक कार्रवाई पर सवाल : स्वास्थ्य विभाग ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को पत्र लिखकर जल स्रोत के डिसइंफेक्शन, पाइपलाइन और पंप की जांच तथा संरचनात्मक खामियां दूर करने के निर्देश दिए हैं। बावजूद इसके क्षेत्र में प्रभावी सुधारात्मक कार्रवाई स्पष्ट रूप से नजर नहीं आ रही है। फिलहाल क्षेत्र में जांच और उपचार जारी है। प्रशासन ने लोगों से उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पीने की अपील की है।


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