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नई दिल्ली@कृषि मंत्री शिवराज बोले…बिल में रोजगार 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन किया,परमाणु ऊर्जा बिल पास

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नेशनल हेराल्ड मामले में अदालत के फैसले के बाद विपक्षी सांसदों ने किया संसद भवन परिसर में प्रदर्शन

नई दिल्ली,17 दिसम्बर 2025। लोकसभा में बुधवार शाम 5.40 बजे से ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी (विकसित भारत-जी राम जी) बिल, 2025’ पर भी शाम 5.40 बजे से चर्चा शुरू हुई।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विपक्ष से आग्रह है वह चर्चा के बाद उनका जवाब जरूर सुने। उन्होंने कहा कि इस बिल में गांवों में हर साल रोजगार 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन करने की गारंटी दी गई है। यह बिल गांवों को गरीबी मुक्त बनाएगा। इसके पहले लोकसभा ने लोकसभा में ‘सस्टेनेबल हार्नेसिंग ऑफ एटॉमिक एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया बिल’ पास कर दिया।
लोकसभा में सस्टेनेबल हार्नेसिंग ऑफ एटॉमिक
एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया बिल पास,विपक्ष का वॉक आउट

लोकसभा में सस्टेनेबल हार्नेसिंग ऑफ एटॉमिक एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया बिल विपक्ष के वॉकआउट के बीच ध्वनिमत (वॉयस वोट) से पारित कर दिया गया। इसमें परमाणु क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोलने का प्रावधान है। परमाणु ऊर्जा राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बिल पर चर्चा का जवाब दिया। डॉ. सिंह ने कहा कि यह बिल देश की विकास यात्रा को नई दिशा देगा।दुनिया में भारत की भूमिका बढ़ रही है। यदि हमें वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख खिलाड़ी बनना है, तो हमें वैश्विक मानकों और वैश्विक रणनीतियों का पालन करना होगा। वहीं विपक्ष का कहना है कि इस बिल ने सिविल लाइबिलिटी फॉर न्यूक्लियर डैमेज एक्ट,2010 के प्रावधानों को कमजोर कर दिया है,जिसके तहत किसी परमाणु दुर्घटना की स्थिति में परमाणु उपकरणों के आपूर्तिकर्ताओं पर भी दायित्व तय किया गया था।
राज्यसभा में सबका बीमा सबकी रक्षा बिल पास
राज्यसभा में बुधवार शाम सबका बीमा सबकी रक्षा (बीमा कानून में संशोधन) बिल 2025 ध्वनिमत से पास कर दिया गया। यह बिल लोकसभा में मंगलवार को ही पास हो गया है। इसमें बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश 74 फीसदी से बढ़ाकर 100 फीसदी करने का प्रस्ताव है।
राज्यसभा में निरसन
और संशोधन बिल पारित

निरसन और संशोधन बिल पारित हो गया। इसमें 71 ऐसे कानून जिनकी जरुरत नहीं रह गई है उन्हें खत्म कर दिया गया है।राज्यसभा में निरसन एवं संशोधन बिल, 2025 को पेश करते हुए केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि इसका उद्देश्य पुराने कानूनों को हटाना, कानून निर्माण प्रक्रिया के दौरान रह गई त्रुटियों को दूर करना और कुछ कानूनों के भेदभावपूर्ण पहलुओं को समाप्त करना है। विधेयक राज्यसभा में ध्वनि मत से पारित हो गया। इससे पहले मंगलवार को लोकसभा ने इसे मंजूरी दे दी थी।
परमाणु ऊर्जा से जुड़ा विधेयक लोकसभा से पारित
लोकसभा में देश की कुल ऊर्जा जरूरतों में परमाणु ऊर्जा की भागीदारी बढ़ाने से जुड़ा विधेयक बुधवार को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। विधेयक निजी क्षेत्र के द्वार नाभिकीय ऊर्जा क्षेत्र के लिए खोलेगा। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने आज सतत दोहन और भारत के रुपांतरण के लिए नाभिकीय ऊर्जा का संधारणीय दोहन एवं अभिवर्धन विधेयक, 2025 या शांति विधेयक (सस्टेनेबल हार्नेंसिंग एंड एडवांसमेंट का न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया) विचार एवं पारित करने के लिए पेश किया।
विधेयक पर चली लम्बी चर्चा के बाद डॉ. जितेन्द्र सिंह ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य भारत के परमाणु ऊर्जा कानूनों का आधुनिकीकरण करना और इस क्षेत्र को सबके लिए सुलभ बनाना है। उन्होंने कहा कि यह कोई नया विधेयक नहीं है। हमने इसमें केवल कुछ पहलुओं में संशोधन किया है। यह विधेयक देश के विकास पथ को नई दिशा देगा। विधेयक की धारा 9 व्यक्तियों को नवाचार और अनुसंधान करने की अनुमति देती है। एक अन्य धारा सरकार को सुरक्षा कारणों से कुछ कंपनियों की भागीदारी प्रतिबंधित करने का अधिकार देती है। डॉ. सिंह ने कहा कि कई विपक्षी दल विधेयक को पूरी तरह पढ़े बिना ही उसका विरोध कर रहे हैं। सरकार ने विधेयक को ठीक से परिभाषित किया है और इसमें शामिल निजी पक्षों को अधिक अधिकार और स्वतंत्रता दी है। विधेयक सुरक्षा, संरक्षा, सुरक्षा उपायों, गुणवत्ता आश्वासन और आपातकालीन तैयारियों से संबंधित तंत्रों को मजबूत करता है। उल्लेखनीय है कि विधेयक से बनने वाला अधिनियम परमाणु ऊर्जा अधिनियम, 1962 और परमाणु नुकसान के लिए सिविल दायित्व अधिनियम, 2010 का स्थान लेगा। प्रस्तावित कानून का उद्देश्य सार्वजनिक-निजी भागीदारी और संयुक्त उद्यम के माध्यम से सार्वजनिक और निजी खिलाडि़यों की भागीदारी को प्रोत्साहित करना और बड़े पैमाने पर छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों की तैनाती को बढ़ावा देना है।


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