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बिलासपुर@बिलासपुर में धर्मांतरण को लेकर फिर मचा बवाल

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आवास में प्रार्थना सभा आयोजित कर रहा था एसईसीएल कर्मचारी… पुलिस ने लिया हिरासत में

बिलासपुर,13 नवम्बर 2025। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में धर्मांतरण को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। बुधवार रात सरकंडा थाना क्षेत्र के बसंत विहार कॉलोनी में उस समय हंगामा मच गया जब हिंदू संगठनों को सूचना मिली कि एक घर में प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण कराया जा रहा है। सूचना मिलते ही हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और भारी विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। जानकारी के अनुसार, 12 नवंबर की शाम को एसईसीएल में पदस्थ ड्राइवर राजेंद्र खरे ने अपने घर पर एक प्रार्थना सभा आयोजित की थी। बताया जा रहा है कि इस सभा में बहतराई और खमतराई क्षेत्र के आर्थिक रूप से कमजोर तबके के पुरुषों, महिलाओं और बच्चों को बुलाया गया था। सभा में कुल 20 से अधिक लोग शामिल थे, जिनमें करीब 7 से 8 बच्चे भी मौजूद थे। हिंदू संगठनों के सदस्यों का आरोप है कि इस सभा में उपस्थित लोगों को हिंदू धर्म के प्रति भ्रामक बातें बताकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। यहां तक कि सभा के दौरान हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक बातें कही जा रही थीं। कार्यकर्ताओं के अनुसार, राजेंद्र खरे लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों में लिप्त है और लोगों को धीरे-धीरे धर्म परिवर्तन के लिए उकसा रहा था। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को काबू में किया और भीड़ को शांत कराया। इस दौरान मकान से ईसाई धर्म से संबंधित किताबें,पर्चे और अन्य प्रचार सामग्री बरामद की गई। मौके पर मौजूद हिंदू संगठनों ने इस पूरी घटना का लिखित शिकायत पत्र सरकंडा थाना प्रभारी को सौंपा और कठोर कार्रवाई की मांग की।
जांच में जुटी पुलिस : हंगामे के दौरान पुलिस ने राजेंद्र खरे को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। शिकायतकर्ता छत्रपाल साहू की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धर्मांतरण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया है। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने साफ कहा है कि बिलासपुर में किसी भी तरह का धर्मांतरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जहां-जहां भी इस तरह की गतिविधियां होंगी, वहां जाकर वे विरोध दर्ज कराएंगे। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरी जांच की जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में राजेंद्र खरे ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि वह केवल ‘प्रार्थना सभा’ कर रहा था, धर्मांतरण कराने का कोई इरादा नहीं था। फिलहाल पुलिस ने आरोपी से बरामद सामग्रियों को जब्त कर लिया है और मामले की विवेचना जारी है।
पहले भी सामने आ चुके हैं मामले : यह पहला मौका नहीं है जब बिलासपुर में धर्मांतरण को लेकर बवाल मचा हो। इससे पहले भी कई बार इसी तरह के आरोपों के चलते धार्मिक संगठन और पुलिस आमने-सामने आ चुके हैं। अब देखना यह होगा कि इस ताजा मामले में जांच क्या नया मोड़ लेती है और आरोपी पर आगे क्या कार्रवाई होती है।


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