Breaking News

नई दिल्ली@हंगामे बीच 12 विधेयक पारित किया गया

Share

लोकसभा में बैठक अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
बिरला बोले…प्लान तरीके से विपक्ष ने डाली बाधा…
नई दिल्ली,21 अगस्त 2025 (ए)।
लोकसभा की बैठक गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई, जिसमें 12 विधेयकों को बिना चर्चा के साथ पारित किया गया। लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने मॉनसून सत्र में कार्यवाही में गतिरोध बनाए रखने पर विपक्षी दलों के प्रति निराशा प्रकट करते हुए कहा कि नियोजित तरीके से सदन के कामकाज में व्यवधान पैदा किया गया,जो लोकतंत्र और सदन की मर्यादा के अनुरूप नहीं है। 18वीं लोकसभा के पांचवें सत्र की शुरुआत 21 जुलाई को हुई थी। इसमें 14 सरकारी विधेयक पेश किए गए और 12 विधेयक पारित किए गए।
विपक्ष के बीच नोकझोंक की स्थिति भी बनी
लोकसभा ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को गंभीर आपराधिक आरोपों में गिरफ्तार किए जाने और लगातार 30 दिन तक हिरासत में रहने पर पद से हटाए जाने के प्रावधान वाले संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025, संघ राज्य क्षेत्र शासन (संशोधन) विधेयक, 2025 और ‘जम्मू कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025 को
संसद की संयुक्त समिति को भेजने का निर्णय लिया। गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष के काफी हंगामे के बीच इन्हें बुधवार को पेश किया था। सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच नोकझोंक की स्थिति भी बनी।
हंगामे के कारण चर्चा आगे नहीं बढ़ सकी
सत्र की शुरुआत से ही बिहार में मतदाता सूची के एसआईआर के मुद्दे पर विपक्षी दलों ने सदन में लगातार नारेबाजी की जिससे कामकाज प्रभावित हुआ। विपक्ष के शोर-शराबे के कारण कुछ विधेयक संक्षिप्त चर्चा के साथ और कुछ बिना चर्चा के ही पारित कर दिए गए। सदन में 28 और 29 जुलाई को ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष चर्चा बिना किसी व्यवधान के पूरी हुई जिसका जवाब प्रधानमंत्री मोदी ने दिया। गत 18 अगस्त को भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की उपलब्धियों पर भी लोकसभा में एक विशेष चर्चा का आरंभ किया गया, लेकिन इस पर केवल विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ही अपने विचार रख सके और हंगामे के कारण यह आगे नहीं बढ़ सकी।
37 घंटे ही चर्चा कर पाए
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया कि इस सत्र के लिए 419 तारांकित प्रश्न शामिल किए गए थे किंतु लगातार नियोजित व्यवधान के कारण 55 प्रश्नों का ही मौखिक उत्तर दिया गया। उन्होंने कहा कि हम सबने प्रारंभ में तय किया था कि 120 घंटे चर्चा करेंगे। कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) में भी इस पर सहमति बनी थी, लेकिन विपक्ष के लगातार गतिरोध और नियोजित व्यवधान के कारण हमकेवल 37 घंटे ही चर्चा कर पाए। बिरला ने विपक्ष के प्रदर्शन के तरीके पर निराशा प्रकट करते हुए कहा कि जन प्रतिनिधि के रूप में हमारे आचरण, हमारी कार्यप्रणाली को पूरा देश देखता है। जनता हमें बहुत उम्मीदों के साथ चुनकर यहां भेजती है ताकि उनकी समस्याओं और व्यापक जनहित के मुद्दों, विधेयकों पर हम व्यापक चर्चा कर सकें।
अच्छी परपंराएं और परिपाटियों को लागू करें
उन्होंने कहा कि लेकिन पिछले कुछ दिन से मैं देख रहा हूं कि सार्थक परंपरा के अनुरूप चर्चा नहीं हो रही। जिस तरह सदन के अंदर और संसद परिसर में नारेबाजी हो रही है, जिस तरह तख्तियां लेकर सदस्य आते हैं। वह परंपरा नहीं है। जिस तरह की भाषा का सदन में इस्तेमाल किया गया, वह सदन की मर्यादा के अनुरूप नहीं है। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि हमें स्वस्थ परंपरा का पालन करना चाहिए, गरिमापूर्ण चर्चा करनी चाहिए। सहमति और असहमति स्वाभाविक प्रक्रिया है लेकिन सदन की गरिमा, मर्यादा और शालीनता को बनाए रखने का सामूहिक प्रयास होना चाहिए। हमें प्रयास करना चाहिए कि अच्छी परपंराएं और परिपाटियों को लागू करें।
बैठक को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया
इस पर हमें सामूहिक चिंतन करना चाहिए। सभी राजनीतिक दलों को आत्ममंथन करना चाहिए कि हम अपने आचरण को लेकर आदर्श स्थापित करें। राष्ट्रगीत वंदे मातरम की धुन बजने के बाद सदन की बैठक को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। इस दौरान सदन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह समेत कई केंद्रीय मंत्री उपस्थित थे। सदन में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, पार्टी नेता केसी वेणुगोपाल आदि उपस्थित थे।
हंगामे के बीच लोकसभा में पारित किए गए विधेयक
बता दें कि इनमें अनुसूचित जनजातियों के विधानसभा क्षेत्रों के पुनर्समायोजन से संबंधित गोवा विधेयक 2025, मर्चेंट शिपिंग विधेयक 2025, मणिपुर वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2025, मणिपुर विनियोग (संख्या 2) विधेयक 2025, राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक 2025 और राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग (संशोधन) विधेयक 2025 शामिल हैं। इनके अलावा आयकर विधेयक 2025, कराधान कानून (संशोधन) विधेयक 2025, भारतीय बंदरगाह विधेयक 2025, खनिज और खनिज विकास (विनियमन और संशोधन) विधेयक 2025, भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) विधेयक 2025 और ऑनलाइन खेल संवर्धन और विनियमन विधेयक, 2025 भी हंगामे के बीच लोकसभा में पारित किए गए।
अविवाहित,विधवा या तलाकशुदा बेटी दिवंगत सरकारी कर्मचारियों के पारिवारिक पेंशन की हकदार


शासकीय कर्मचारियों की बेटियों के हित में सरकार ने संसद में नियम की जानकारी दी। सरकार ने कहा कि दिवंगत सरकारी कर्मचारियों की अविवाहित, विधवा या तलाकशुदा बेटियां पारिवारिक पेंशन की हकदार हैं, बशर्ते वे कुछ निर्धारित शर्तों को पूरा करती हों। केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू) द्वारा अधिसूचित केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 2021 और उसके बाद जारी 26 अक्टूबर 2022 के कार्यालय ज्ञापन में विभिन्न प्रावधान शामिल किये गए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दिवंगत सरकारी कर्मचारी या पेंशनभोगी की तलाकशुदा/विधवा बेटी को उपयुक्त समय पर पारिवारिक पेंशन मिल सके। उन्होंने बताया कि रेलवे और रक्षा कर्मियों तथा पेंशनभोगियों के लिए अलग-अलग नियमों के तहत यही प्रावधान किए गए हैं। मंत्री ने बताया कि इन नियमों के अनुसार, यदि किसी दिवंगत सरकारी कर्मचारी या पेंशनभोगी की पत्नी/पति या बेटा पारिवारिक पेंशन के लिए पात्र नहीं है या यदि उनकी मृत्यु हो चुकी है तो ऐसी स्थिति में पारिवारिक पेंशन अविवाहित या विधवा या तलाकशुदा बेटी को दी जाएगी या देय होगी। उन्होंने ऐसी पेंशन के लिए अन्य शर्तों का भी उल्लेख किया। मंत्री ने उल्लेख किया कि पेंशन उस वक्त तक जारी रहेगी, जब तक कि उसकी शादी नहीं हो जाती या उसका पुनर्विवाह नहीं हो जाता या वह अपनी आजीविका अर्जित करना शुरू नहीं कर देती। उन्होंने बताया कि अविवाहित या विधवा या तलाकशुदा बेटी के अपने माता-पिता के जीवित रहने के दौरान उन पर निर्भर रहने की स्थिति में यह नियम लागू होगा।


Share

Check Also

GHATATI-GHATANA PAPER PDF 15 JUNE 2026

Share 15 JUNE 2026 AMBIKAPUR GG NEWS PAPER1 11Download Share

Leave a Reply