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बिलासपुर@ सीएसईबी में करोड़ों का एबीसी केबल घोटाला

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दो अभियंता निलंबित, ठेकेदारों पर कार्रवाई शुरू…
अन्य जिलों के अफसर भी जांच के दायरे में…
बिलासपुर,02 अगस्त 2025 (ए)।
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के मुख्यालय रायपुर से आई जांच टीम ने बिलासपुर और मुंगेली में करोड़ों रुपए के एबीसी केबल घोटाले का खुलासा किया है। रायपुर की इस विशेष टीम ने पाया कि ठेकेदारों ने बिजली अधिकारियों के साथ मिलकर घटिया गुणवत्ता के केबल लगाए, जिसके कारण बिजली आपूर्ति बार-बार बाधित हो रही है। इस मामले में जांजगीर के कार्यपालन अभियंता एचके मंगेशकर और कोरबा के अभिमन्यु कश्यप को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, जांजगीर के सहायक अभियंता नरेश देवांगन का तबादला बलौदा कर दिया गया।
घटिया केबलों से बढ़ीं बिजली आपूर्ति की समस्याएं
पिछले दो दिनों में रायपुर से गठित चार कार्यपालन अभियंताओं की टीम ने बिलासपुर और मुंगेली में सघन जांच की। सेंदरी (बिलासपुर) और मुंगेली के स्टोरों में रखे केबल, कंडक्टर और ट्रांसफार्मर के डीपी चैनल की जांच के बाद सैंपल लिए गए और दोनों स्टोर सील कर दिए गए। जांच में सामने आया कि ठेकेदारों ने आईएसआई मार्क और बीआईएस प्रमाणित केबल की शर्तों का उल्लंघन करते हुए स्थानीय और घटिया ब्रांड के केबल इस्तेमाल किए। इन केबलों का इंसुलेशन जल्दी पिघल रहा है, जिससे बारिश में फाल्ट और स्पार्किंग की घटनाएं बढ़ गई हैं।
ठेकेदारों पर सख्ती,ब्लैकलिस्टिंग की प्रक्रिया शुरू
घटिया केबल आपूर्ति के लिए ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। दिल्ली की एथटी इलेक्टि्रकल्स और जांजगीर के भुवनेश्वर साहू को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है। कंपनी मुख्यालय ने इन ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं, पुणे की एसटी इलेक्टि्रकल्स पर धीमे और खराब काम के लिए 20 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। जांच में यह भी पता चला कि कई जगहों पर केबल लगाए बिना ही ठेकेदारों को पूरा भुगतान कर दिया गया।
आरडीएसएस योजना में हुआ घोटाला
यह घोटाला पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना के तहत चल रहे कार्यों में सामने आया है। यह केंद्र और राज्य सरकार की एक पहल है,जिसका उद्देश्य बिजली वितरण कंपनियों की कार्यक्षमता और वित्तीय स्थिरता को बेहतर करना है। छत्तीसगढ़ में इस योजना के तहत बिजली चोरी रोकने, हानि कम करने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए स्मार्ट मीटरिंग और केबल उन्नयन जैसे कार्य किए जा रहे हैं। इस घोटाले के बाद अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तैयारी है।
बिलासपुर,कोरबा और मुंगेली में जांच जारी
जांच टीमें अभी भी बिलासपुर,मुंगेली,कोरबा और जांजगीर में सक्रिय हैं। बिलासपुर में 66.72 करोड़,कोरबा में 77 करोड़ और मुंगेली-पेंड्रा में 25.37 करोड़ रुपये की लागत से लगाए गए केबलों की गुणवत्ता की जांच की जा रही है। जांच में बिलासपुर के एमएम चंद्राकर, पीके सिंह, धर्मेंद्र भारती और नवीन राठी शामिल थे। स्थानीय स्तर पर अधीक्षण यंत्री पीआर साहू,कार्यपालन यंत्री हेमंत चंद्राकर और एमके पाण्डेय ने भी जांच में सहयोग किया।


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