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अम्बिकापुर,@धूमधाम से मनाया गया देवउठनी एकादशी का पर्व

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अम्बिकापुर,12 नवम्बर 2024 (घटती-घटना)। जिला मुख्यालय अंबिकापुर सहित पूरे संभाग में मंगलवार को देवउठनी एकादशी पर्व श्रद्धा भाव से मनाया गया। श्रद्धालुओं ने गन्ने का मंडप बनाकर तुलसी की पूजा की। देवउठनी एकादशी के साथ मांगलिक कार्य प्रारंभ हो गया। देवउठनी एकादशी को सरगुजा में छोटी दिवाली के रूप में मनाते हैं। इस लिए बाजार में दिवाली की तरह रौनक रही। पूरे दिन गन्ना, फूल माला व अन्य पूजा के सामान खरीदने लोगों की भीड़ लगी रही। लोगों ने दिवाली की तरह की घरों की साफ-सफाई कर शाम को पूजा अर्चना की। इस दौरान लोगों ने अपने-अपने घरों के बाहर आकर्षक रंगोली भी बनाई। देवउठनी एकादशी पर दिवाली जैसा माहौल रहा। इस दौरान गन्ने की जमकर खरीदारी हुई। एक दिन पूर्व ही शहर से लगे ग्रामीण क्षेत्र के किसान गन्ना लेकर पहुंचे थे। गन्ना 40-50 रुपए जोड़ी बिका। इसके अलावा फूल, माला की भी बिक्री जमकर हुई। वहीं देवउठनी एकादशी पर गन्ने के अलावा शकरकंद का भी विशेष महत्व है। दिवाली के बाद पुन: छोटी दिवाली के रूप में देवउठनी एकादशी का इंतजार रहता है। देवउठनी एकादशी पर श्रद्धालुओं ने गन्ने का मंडप बनाकर तुलसी व शालिग्राम का विवाह करायाा। इसके बाद पूरी रात दिवाली की तरह लोगों ने आतिशबाजी की। देवउठनी एकदशी के साथ मांगलिक कार्य शुरू हो गए। मान्यता है भगवान विष्णु 17 जुलाई से देवशयनी एकादशी पर योग निंद्रा में चले जाते हैं। इस लिए मांगलिक कार्य पूरी तरह से बंद हो जाता है। देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु निंद्रा से जागते हैं। इसके साथ ही शुभ मुहूत व मांगलिक कार्य प्रारंभ हो जाता है।


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