कुसमी पुलिस की कार्रवाई में स्थायी वारंटी भी पकड़ाया…मारते-पीटते पैदल ले जा रहे थे मवेशियों को…
-संवाददाता-
कुसमी/बलरामपुर 08 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)। मवेशियों की अवैध तस्करी के खिलाफ कुसमी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 मवेशियों को तस्करों के कब्जे से मुक्त कराया है। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया,जिनमें से एक आरोपी पुलिस के अनुसार लंबे समय से फरार स्थायी वारंटी भी है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार घटना 7 सितंबर 2026 की है। कुसमी पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम कटिमा के ढोंग सरना के पास कुछ लोग मवेशियों को कथित रूप से मारते-पीटते और क्रूरतापूर्वक हांकते हुए झारखंड की ओर ले जा रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की।
घेराबंदी कर 7 मवेशियों समेत दो को पकड़ा : पुलिस टीम ने मौके पर संदिग्ध गतिविधि में शामिल दो लोगों को पकड़ लिया। उनके कब्जे/साथ से 7 नग मवेशी—गाय, बैल एवं बछड़े बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपियों ने कथित रूप से इन मवेशियों को झारखंड स्थित बूचड़खाने ले जाने की बात स्वीकार की। पुलिस ने सभी मवेशियों को जब्त कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
एक आरोपी निकला स्थायी वारंटी : गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अज्मेरूल्ला अंसारी (34), निवासी ग्राम खमली, थाना आस्ता, जिला जशपुर तथा जितेन्द्र राम बुनकर (29), निवासी ग्राम खमली, थाना आस्ता,जिला जशपुर के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक अज्मेरूल्ला अंसारी के विरुद्ध पूर्व से न्यायालय की कार्रवाई लंबित थी और वह स्थायी वारंटी था। मवेशी तस्करी के मामले में गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने उसे पुराने वारंट के मामले में भी गिरफ्तार किया है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ अपराध : कुसमी पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 79/2026 दर्ज किया है। मामले में छत्तीसगढ़ कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6 एवं 10 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(घ) के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
तस्करी के नेटवर्क पर भी उठे सवाल : कुसमी क्षेत्र झारखंड की सीमा से जुड़ा होने के कारण मवेशियों की आवाजाही और कथित तस्करी पर लगातार निगरानी की आवश्यकता बनी रहती है। इस कार्रवाई में सात मवेशियों को तस्करों के कब्जे से मुक्त कराया जाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि,इस मामले में एक बड़ा सवाल यह भी है कि मवेशियों को झारखंड ले जाने के पीछे क्या कोई बड़ा तस्करी नेटवर्क सक्रिय है? गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में यदि अन्य लोगों, वाहन चालकों, खरीदारों अथवा बूचड़खाने से जुड़े नेटवर्क की जानकारी सामने आती है तो पुलिस की कार्रवाई और आगे बढ़ सकती है। फिलहाल कुसमी पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है और बरामद मवेशियों को सुरक्षित कर दिया गया है।
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